देश की सुरक्षा में जीवन समर्पित करने वाले पूर्व सैनिकों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वेटरन्स एसोसिएशन पूर्व सैनिक संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर 2-दिवसीय विशाल विरोध प्रदर्शन का आधिकारिक ऐलान किया है।
संगठन का मुख्य उद्देश्य वेतन, पेंशन विसंगतियों और 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) के तहत जवानों के अधिकारों की रक्षा करना है। इसके लिए 20 सूत्रीय मांग पत्र तैयार किया गया है, जिस पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया जाएगा।
8वें वेतन आयोग और OROP को लेकर प्रमुख मांगें
पूर्व सैनिक संगठन की सबसे बड़ी शिकायत वन रैंक वन पेंशन (OROP) की मौजूदा व्यवस्था से है। संगठन का कहना है कि 8वें वेतन आयोग का फिटमेंट फैक्टर तय करने से पहले OROP की सभी पुरानी विसंगतियों को दूर किया जाए।
- समान MSP (Military Service Pay): सेना में सभी रैंकों के लिए मिलिट्री सर्विस पे का लाभ एक समान किया जाए।
- कम्यूटेशन अवधि में कटौती: पेंशन कम्यूटेशन रीस्टोरेशन की अवधि को 15 साल से घटाकर 10 साल किया जाए।
- PMR और रिजर्विस्ट को लाभ: समय से पहले सेवानिवृत्ति (PMR) लेने वाले जवानों और रिजर्विस्ट को OROP का पूरा लाभ मिले।
- पे कमीशन में प्रतिनिधित्व: आगामी वेतन आयोग में पूर्व सैनिकों का एक सदस्य अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
अग्निवीर योजना रद्द करने और वीर नारियों के हक की लड़ाई
मांग पत्र में सबसे चर्चित मुद्दा अग्निवीर योजना (Agniveer Scheme) को पूरी तरह समाप्त करना है। पूर्व सैनिकों का मानना है कि यह व्यवस्था सेना के मनोबल और संरचना के हित में नहीं है। इसके अलावा JCOs और अन्य रैंकों के लिए अधिकारियों की तर्ज पर टाइम स्केल प्रमोशन देने की पुरजोर सिफारिश की गई है।
20 सूत्रीय मांग पत्र की अन्य अहम बातें:
- 80 वर्ष की बजाय 70 वर्ष की आयु से ही अतिरिक्त पेंशन का भुगतान शुरू हो।
- असम राइफल्स के जवानों के वेतन और पेंशन को रक्षा कर्मियों के बराबर लाया जाए।
- वीर नारियों (Defence Widows) की पेंशन को पूर्व सैनिकों की पेंशन के समान किया जाए।
- फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस (FMA) में तत्काल बढ़ोतरी की जाए।
- देशभर के हाईवे टोल प्लाजा पर पूर्व सैनिकों को टोल टैक्स से छूट दी जाए।
"पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के अधिकारों के लिए यह लड़ाई निर्णायक है। हम सरकार से मांग करते हैं कि 8वें वेतन आयोग से पहले हमारी 20 सूत्रीय मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए।" — राघवेंद्र सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष
राष्ट्रीय अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने देशभर के सभी जिलाध्यक्षों, पूर्व सैनिकों और वीर नारियों से अपील की है कि वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन को सफल बनाएं।