रसोई घर से जुड़ी एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आ रही है। फेस्टिव सीजन के ठीक मुहाने पर खड़े देश के आम उपभोक्ताओं के लिए किचन का बजट संभालना थोड़ा आसान होता नजर आ रहा है। बाजार में मिठास घोलने वाली चीनी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला बोझ कुछ कम हुआ है। हालांकि, जहां एक तरफ चीनी सस्ती हुई है, वहीं दूसरी तरफ कुछ सब्जियां अभी भी लोगों को रुला रही हैं। आइए विस्तार से जानते हैं देश के विभिन्न प्रमुख शहरों में चीनी, प्याज, टमाटर और खाद्य तेलों के ताजा खुदरा और थोक भाव क्या कह रहे हैं।

चीनी के थोक और खुदरा बाजारों में बड़ी राहत
त्योहारों के इस सीजन में चीनी की बढ़ती कीमतों पर सरकार के प्रयासों और बाजार की चाल ने लगाम कस दी है। खुदरा बाजारों (Retail Market) में शुक्रवार को चीनी के भाव सीधे तौर पर 3 रुपये प्रति किलोग्राम तक नीचे लुढ़क गए। वहीं, थोक बाजारों (Wholesale Market) की बात करें तो कीमतों में करीब 150 रुपये प्रति क्विंटल तक की भारी गिरावट देखने को मिली है। जानकारों का मानना है कि घरेलू बाजार में आयातित चीनी की सुचारू सप्लाई और सरकारी नीतियों के दबाव के कारण कीमतों में यह नरमी आई है, और आने वाले दिनों में यह राहत और बढ़ सकती है。
प्रमुख शहरों में चीनी के खुदरा (Retail) दाम
देश के अलग-अलग हिस्सों में चीनी के खुदरा दामों में उतार-चढ़ाव देखा गया है:
- दिल्ली: खुदरा भाव 3 रुपये गिरकर 53 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया है।
- कानपुर: यहां भी कीमत 3 रुपये की गिरावट के साथ 53 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई।
- मुंबई: दाम में 1 रुपये की हल्की नरमी आई और यह 54 रुपये प्रति किलो पर बिक रही है।
- कोलकाता: कोलकाता में ग्राहकों को 2 रुपये की राहत मिली और भाव 55 रुपये प्रति किलो रहा।
- गुवाहाटी: यहां चीनी 2 रुपये सस्ती होकर 56 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है।
- हैदराबाद: 2 रुपये की गिरावट के साथ दाम 54 रुपये प्रति किलो दर्ज किए गए।
- चेन्नई और रायपुर: इन दोनों शहरों में कीमतें स्थिर बनी रहीं, जहां चेन्नई में 58 रुपये और रायपुर में 55 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से चीनी बिक रही है।
थोक बाजारों (Wholesale Market) में चीनी का हाल
थोक कारोबारियों के लिए भी यह हफ्ता राहत भरा रहा। दिल्ली और कानपुर जैसे बड़े बाजारों में थोक व्यापारी अब राहत की सांस ले रहे हैं:
- दिल्ली में थोक भाव 150 रुपये टूटकर 4950 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया है।
- कानपुर में थोक कीमतें 150 रुपये की गिरावट के साथ 5000 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज की गईं।
- कोलकाता और गुवाहाटी में भी थोक भाव में 150 रुपये प्रति क्विंटल की कमी आई है, जिससे ये क्रमशः 5150 और 5200 रुपये प्रति क्विंटल पर ट्रेड कर रहे हैं।
प्याज और टमाटर के तेवर अभी भी सख्त
एक तरफ जहां चीनी ने राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ सब्जियों के दाम ने चिंता बढ़ा रखी है। उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, प्याज की दैनिक औसत घरेलू कीमत में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गुरुवार को जो प्याज 53.10 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा था, वह बढ़कर शुक्रवार को 53.62 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।
बात अगर टमाटर की करें तो इसके दाम में भी बेहद मामूली तेजी देखने को मिली है। टमाटर की औसत खुदरा कीमत 39.19 रुपये से हल्की बढ़कर 39.22 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। यहाँ 'औसत भाव' उस कीमत को कहा जाता है जिस पर देश भर के बाजारों में सबसे ज्यादा मात्रा में सौदे संपन्न होते हैं।
खाद्य तेलों (Edible Oils) के बाजार का हाल
रसोई के अहम हिस्से यानी कुकिंग ऑयल की बात करें तो इसमें मिला-जुला रुझान देखने को मिला है। सरसों के तेल के औसत खुदरा भाव में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, जिसके बाद यह 201.95 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बिक रहा है। वहीं, मूंगफली का तेल भी हल्की नरमी के साथ 209.23 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया है।
इसके विपरीत, सोयाबीन तेल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है और यह स्थिर 166.28 रुपये प्रति किलोग्राम पर बना हुआ है। हालांकि, सूरजमुखी (Sunflower) तेल की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह 193.28 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बिक रहा है।
त्योहारी सीजन में और क्या उम्मीद करें?
आर्थिक जानकारों का कहना है कि आने वाले हफ्तों में त्योहारी मांग और बढ़ने की संभावना है। सरकार लगातार इस बात पर नजर बनाए हुए है कि जरूरी खाद्य वस्तुओं की सप्लाई चेन में कोई रुकावट न आए। चीनी के मोर्चे पर मिली राहत से आम जनता को बड़ी सांत्वना मिली है, लेकिन सब्जियों और दाल-तेल के मोर्चे पर अभी लोगों को और बेहतर प्रशासनिक कदमों का इंतजार है ताकि किचन का पूरा गणित संतुलित हो सके।