देशभर में इन दिनों देशभक्ति की एक अनोखी लहर देखने को मिल रही है, और इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में एक ऐसा नज़ारा दिखा जिसने हर किसी का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया। मौका था अखिल भारतीय गुर्जर महासभा (स्थापित 1908) के तत्वावधान में निकाली गई एक भव्य और विशाल तिरंगा यात्रा का। इस यात्रा में सैकड़ों की संख्या में गाड़ियां और बाइकें शामिल हुईं, और युवाओं का जोश देखते ही बनता था।
राजेश पायलट चौक से शुरू हुआ देशभक्ति का कारवां
इस भव्य तिरंगा यात्रा की शुरुआत गौतम बुद्ध नगर के प्रमुख स्थल राजेश पायलट चौक से की गई। यात्रा यहां से आगे बढ़ते हुए सैनी-सुनपुरा के विभिन्न ग्रामीण और शहरी मार्गों से गुजरी और इसका समापन प्राचीन बाबा भोला सिद्ध धाम पर हुआ। रास्ते भर भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। सड़क के दोनों ओर खड़े लोगों ने तिरंगा यात्रा का जोरदार स्वागत किया।
इस पूरे आयोजन का कुशल नेतृत्व गौतम बुद्ध नगर के जिला अध्यक्ष कैप्टन पंचशील गुर्जर ने किया। उनके साथ महासभा के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी और हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिक व युवा इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने।
राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन
आयोजकों के मुताबिक, यह भव्य तिरंगा यात्रा अखिल भारतीय गुर्जर महासभा (जो कि 1908 से स्थापित है) के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक पुरुषोत्तम पाटील और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री श्री बच्चू सिंह बैंसला के विशेष दिशा-निर्देशों के तहत निकाली गई थी। महासभा का उद्देश्य युवाओं में देश के प्रति प्रेम, राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के प्रति सम्मान की भावना को और अधिक प्रगाढ़ करना है।
'देश और तिरंगे पर आंच आई तो समाज हमेशा आगे खड़ा रहेगा'
यात्रा के दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए महासभा के प्रदेश अध्यक्ष श्री चंद्रवीर सिंह नागर ने बहुत ही जोशपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा, तिरंगा हमारी आन, बान और शान है। इतिहास गवाह है कि जब भी देश और हमारे राष्ट्रीय ध्वज पर किसी भी प्रकार की आंच आई है, तब-तब गुर्जर महासभा और पूरे गुर्जर समाज ने देश के साथ चट्टान की तरह खड़े होकर अपनी देशभक्ति का परिचय दिया है। भविष्य में भी देश की रक्षा के लिए समाज हमेशा सबसे आगे खड़ा रहेगा।
स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को किया गया याद
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद प्रदेश संगठन महामंत्री अमरजीत चौधरी ने स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त का दिन हर भारतीय के लिए देश के उन अमर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करने का अवसर है, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें यह स्वतंत्र हवा में सांस लेने का मौका दिया है। उन्होंने 1947 के उन ऐतिहासिक पलों को याद किया जब भारत ने गुलामी की बेड़ियों को हमेशा के लिए तोड़ दिया था।
वहीं, प्रदेश उपाध्यक्ष संजय भैया ने अपने संबोधन में देश की आजादी और प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा लाल किले पर पहली बार तिरंगा फहराए जाने के ऐतिहासिक दिन को याद किया। उन्होंने बताया कि कैसे इसी दिन भारत और पाकिस्तान दो स्वतंत्र राष्ट्रों के रूप में विश्व मानचित्र पर उभरे थे।
भव्य काफिले में शामिल रहे ये प्रमुख चेहरे
इस तिरंगा यात्रा की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें कारों और मोटरसाइकिलों का एक लंबा काफिला शामिल था। यात्रा में मुख्य रूप से निम्नलिखित पदाधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे:
- श्री चंद्रवीर सिंह नागर (प्रदेश अध्यक्ष)
- कैप्टन पंचशील गुर्जर (जिला अध्यक्ष, गौतम बुद्ध नगर)
- अमरजीत चौधरी (प्रदेश संगठन महामंत्री)
- संजय भैया (प्रदेश उपाध्यक्ष)
- बब्लू गुर्जर (जिला प्रभारी)
- देवेंद्र कसाना (प्रदेश उपाध्यक्ष)
- डॉ. राकेश चपराना (जिला महामंत्री)
- रतिपाल नागर व सोनू चपराना (जिला उपाध्यक्ष)
- जीतू चपराना व सचिन टाइगर (जिला मंत्री)
तिरंगा यात्रा के समापन पर प्राचीन बाबा भोला सिद्ध धाम पर देश की सुख-समृद्धि और शांति के लिए विशेष प्रार्थना की गई। इस सफल आयोजन ने साबित कर दिया कि आज भी देश के युवाओं और समाज के भीतर राष्ट्रवाद की भावना कूट-कूट कर भरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: अखिल भारतीय तिरंगा यात्रा का नेतृत्व किसने किया?
Ans: इस यात्रा का नेतृत्व गौतम बुद्ध नगर के जिला अध्यक्ष कैप्टन पंचशील गुर्जर ने किया, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष चंद्रवीर सिंह नागर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
Q2: यह तिरंगा यात्रा कहां से कहां तक निकाली गई?
Ans: यह यात्रा गौतम बुद्ध नगर में राजेश पायलट चौक से शुरू होकर सैनी-सुनपुरा के रास्ते प्राचीन बाबा भोला सिद्ध धाम पर समाप्त हुई।
Q3: अखिल भारतीय गुर्जर महासभा की स्थापना कब हुई थी?
Ans: अखिल भारतीय गुर्जर महासभा की स्थापना वर्ष 1908 में हुई थी।