मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में रसोई गैस के अवैध व्यापार और उसके दुरुपयोग के खिलाफ जिला प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। त्योहारी सीजन और सर्दियों की आहट के बीच खाद्य विभाग की टीमों ने ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण अभियान चलाया है, जिसके तहत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिले के मुरार जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण इलाके में विभाग की टीम ने छापा मारकर भारी मात्रा में अवैध रूप से रखे गए घरेलू एलपीजी सिलेंडरों को अपने कब्जे में लिया है। इस सख्त कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर अवैध कारोबारियों में भारी हड़कंप मच गया है।
गुप्त सूचना पर खाद्य विभाग का बड़ा एक्शन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन को लगातार यह शिकायतें मिल रही थीं कि ग्रामीण अंचलों में घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग और अवैध भंडारण धड़ल्ले से किया जा रहा है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला आपूर्ति नियंत्रक के दिशा-निर्देशों के तहत एक विशेष जांच दल का गठन किया गया था। इसी कड़ी में शुक्रवार को खाद्य विभाग के अधिकारियों ने मुरार जनपद पंचायत के तहत आने वाले ग्राम बेरजा में एक औचक निरीक्षण किया।
अधिकारियों की यह टीम जब ग्राम बेरजा स्थित 'विनायक गैस रिपेयरिंग' दुकान पर पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर वे भी हैरान रह गए। दुकान की आड़ में रसोई गैस के अवैध कारोबार का काला खेल चल रहा था। दुकान परिसर की जब बारीकी से तलाशी ली गई, तो वहां से भारी मात्रा में घरेलू गैस सिलेंडर अनधिकृत रूप से रखे हुए मिले। इस रेड के दौरान अधिकारियों ने पाया कि नियमों को ताक पर रखकर सुरक्षा मानकों के विरुद्ध गैस सिलेंडरों का भंडारण किया गया था, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों के लिए भी बड़ा खतरा पैदा हो सकता था।
कुल 16 सिलेंडर हुए बरामद, कंपनियों के नाम भी आए सामने
खाद्य विभाग की टीम द्वारा की गई नाप-जोख और गिनती के बाद चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। दुकान संचालक जितेन्द्र पाल के आधिपत्य से कुल 16 घरेलू गैस सिलेंडर (14.2 किलोग्राम क्षमता वाले) जब्त किए गए हैं। इन सिलेंडरों में भरे और खाली दोनों तरह के सिलेंडर शामिल हैं, जो विभिन्न सरकारी तेल कंपनियों के नाम पर रजिस्टर्ड हैं।
जब्त किए गए सिलेंडरों का पूरा विवरण इस प्रकार है:
- भारत पेट्रोलियम (BPCL): 13 भरे हुए घरेलू गैस सिलेंडर (प्रत्येक की क्षमता 14.2 किलोग्राम)।
- भारत पेट्रोलियम (BPCL): 2 खाली घरेलू गैस सिलेंडर (प्रत्येक की क्षमता 14.2 किलोग्राम)।
- हिन्दुस्तान पेट्रोलियम (HPCL): 1 खाली घरेलू गैस सिलेंडर (क्षमता 14.2 किलोग्राम)।
इस प्रकार कुल मिलाकर 16 अमूल्य और सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडर मौके से गैर-कानूनी तरीके से स्टोर किए हुए पाए गए, जिनका उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों या अवैध रीफिलिंग के लिए किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
जिला आपूर्ति नियंत्रक ने दी सख्त चेतावनी
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाले जिला आपूर्ति नियंत्रक अरविंद सिंह भदौरिया ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि आम जनता की सुरक्षा और रसोई गैस की कालाबाजारी को रोकने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
श्री भदौरिया ने बताया, "ग्राम बेरजा में जितेन्द्र पाल की दुकान से पकड़े गए सभी 16 घरेलू गैस सिलेंडरों को तुरंत प्रभाव से जब्त कर लिया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से इन सभी जप्तशुदा सिलेंडरों को स्थानीय राजा गैस एजेंसी की सुपुर्दगी में 'यथास्थिति' (As is where is basis) में सुरक्षित रखवा दिया गया है ताकि इनमें कोई छेड़छाड़ न हो सके।"
आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ा कानूनी शिकंजा
घरेलू गैस सिलेंडरों का इस तरह अवैध रूप से भंडारण करना और उनका व्यावसायिक या अनधिकृत उपयोग करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इसी को ध्यान में रखते हुए आरोपी दुकान संचालक जितेन्द्र पाल की इस बड़ी अनियमितता और लापरवाही पर कानूनी शिकंजा कस दिया गया है।
खाद्य विभाग की ओर से आरोपी जितेन्द्र पाल के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (Essential Commodities Act, 1955) की धारा 3/7 के तहत औपचारिक प्रकरण (Case) तैयार कर लिया गया है। इस प्रकरण को अब अंतिम मंजूरी और आगे की सख्त दंडात्मक कार्रवाई के लिए जिला कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। कलेक्टर न्यायालय से आरोपी पर भारी आर्थिक जुर्माना या अन्य कठोर कानूनी कार्रवाई होने की पूरी संभावना है।
कार्रवाई करने वाली प्रमुख टीम
इस सफल और छापामार कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में ग्वालियर जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक और खाद्य अधिकारी शामिल रहे। जिला आपूर्ति नियंत्रक अरविन्द सिंह भदौरिया के नेतृत्व में इस पूरी कार्रवाई को अमलीजामा पहनाया गया। उनके साथ सहायक आपूर्ति अधिकारी महावीर सिंह राठौर और सहायक आपूर्ति अधिकारी संजीव शर्मा भी इस दल का हिस्सा रहे, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर पूरी मुस्तैदी के साथ कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा किया।
आम जनता से अपील और सुरक्षा के लिहाज से महत्व
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद से ग्वालियर संभाग के अन्य इलाकों में भी गैस रिपेयरिंग और अवैध रूप से सिलेंडर बेचने वालों में खलबली मच गई है। खाद्य विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके आस-पास इस तरह का कोई भी अवैध गैस भंडारण या रीफिलिंग का काम चल रहा है, तो इसकी सूचना तुरंत विभाग को दें। घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के ये सिलेंडर अगर इस तरह की दुकानों पर बिना सुरक्षा उपकरणों के रखे जाएं, तो ये किसी भी समय बड़े अग्निकांड का कारण बन सकते हैं। जिला प्रशासन की यह कार्रवाई दर्शाती है कि आने वाले दिनों में ब्लैक मार्केटिंग करने वालों पर शिकंजा और अधिक कसने वाला है।