केंद्र सरकार ने VB-G RAM G अधिनियम, 2025 के तहत शिकायत निवारण नियम, 2026 अधिसूचित किए हैं। अब ग्रामीण रोजगार योजना की शिकायतों का 15 दिन में होगा निपटारा।
केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए VB-G RAM G अधिनियम, 2025 के तहत 'शिकायत निवारण नियम, 2026' अधिसूचित कर दिए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब योजना से जुड़ी किसी भी शिकायत का समाधान अधिकतम 15 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरी भुगतान, रोजगार उपलब्ध कराने और योजना के संचालन से जुड़ी अनियमितताओं को दूर करने के लिए यह नई रूपरेखा तैयार की गई है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण मजदूरों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े और प्रशासनिक स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सके।
त्रि-स्तरीय शिकायत निवारण तंत्र की व्यवस्था
नए नियमों के अनुसार, ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर विशेष रूप से शिकायत निवारण अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। इन अधिकारियों का मुख्य दायित्व ग्रामीण नागरिकों से शिकायतें प्राप्त करना, उनका आधिकारिक पंजीकरण करना, समयबद्ध जांच कराना और निर्धारित अवधि में उसका समाधान करना होगा।
नियमों के तहत शिकायतों की प्राथमिक जांच के लिए सात कार्यदिवस की समय-सीमा तय की गई है, जबकि पूरी प्रक्रिया पूरी करते हुए शिकायत के पूर्ण निपटारे के लिए अधिकतम 15 दिन का समय निर्धारित किया गया है। यदि निर्धारित अवधि के भीतर शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो मामले को स्वतः उच्च स्तर के अधिकारी के पास भेजने यानी एस्केलेशन का स्पष्ट प्रावधान रखा गया है।
शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया को बनाया गया सरल
ग्रामीण नागरिकों के लिए अपनी शिकायत दर्ज कराना बेहद आसान कर दिया गया है। आवेदक व्यक्तिगत रूप से संबंधित अधिकारी के पास जाकर, स्पीड पोस्ट के जरिए, टेलीफोन हेल्पलाइन के माध्यम से या फिर निर्धारित डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
शिकायत दर्ज होने के बाद आवेदक को एक विशिष्ट पंजीकरण संख्या और प्राप्ति की तारीख के साथ पावती दी जाएगी। इसके अलावा, जो शिकायतें ऑफलाइन माध्यम से प्राप्त होंगी, उन्हें भी अनिवार्य रूप से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड करना होगा ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
अपील का अधिकार और उच्च स्तर पर सुनवाई
यदि कोई शिकायतकर्ता स्थानीय स्तर पर हुए समाधान से संतुष्ट नहीं होता है, तो नियमों के तहत उसे उच्च अधिकारी के समक्ष अपील करने का पूरा अधिकार दिया गया है। अपील दाखिल करने के लिए 45 दिन का समय तय किया गया है, जबकि उच्च अधिकारी को उस अपील पर सुनवाई कर 30 दिनों के भीतर फैसला देना होगा। केंद्र सरकार को पूरी उम्मीद है कि इस त्रि-स्तरीय और समयबद्ध व्यवस्था से ग्रामीण मजदूरों को त्वरित राहत मिलेगी और योजना के धरातल पर क्रियान्वयन में सुधार होगा।