अमरावती महानगरपालिका की विकास निविदाओं में अब लोनिवि (PWD) में पंजीकृत ठेकेदार भी हिस्सा ले सकेंगे। चंद्रशेखर बावनकुले के निर्देश पर जारी हुआ आदेश।
दोहरी पंजीयन प्रक्रिया समाप्त होने से ठेकेदारों को मिली बड़ी राहत, मनपा आयुक्त ने जारी किया आधिकारिक पत्र
अमरावती महानगरपालिका क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी निविदा प्रक्रिया के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब सार्वजनिक निर्माण विभाग यानी लोनिवि (PWD) में पहले से पंजीकृत ठेकेदारों को अमरावती महानगरपालिका की निविदाओं में भाग लेने के लिए अलग से पंजीयन कराने की जरूरत नहीं होगी। पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के स्पष्ट निर्देशों के बाद मनपा आयुक्त डॉ. मंगेश गोंदावले ने इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी कर मंजूरी प्रदान कर दी है। इस निर्णय से स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों को बड़ी राहत मिली है।
क्या थी पुरानी व्यवस्था और क्यों पड़ी बदलाव की जरूरत
अमरावती मनपा के विभिन्न विकास कार्यों के लिए आमंत्रित होने वाली निविदाओं में हिस्सा लेने के वास्ते ठेकेदारों के लिए महानगरपालिका के भीतर ही स्वतंत्र रूप से पंजीयन कराना अनिवार्य था। जबकि दूसरी ओर, लोनिवि (PWD) में पंजीकृत ठेकेदारों की तकनीकी क्षमता, पात्रता और आर्थिक सुदृढ़ता की जांच पहले ही शासन स्तर पर विधिवत हो चुकी होती है। इसके बावजूद उन्हें मनपा की अलग पंजीयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, जिसे ठेकेदार अनावश्यक और समय लेने वाला मानते थे।
इस दोहरी पंजीयन प्रक्रिया और उससे जुड़ी प्रशासनिक जटिलताओं के कारण ठेकेदारों को निविदाओं में शामिल होने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला नियोजन समिति (DPC) के सदस्य सुनील खराटे ने लगातार इसके समाधान के प्रयास किए। उन्होंने जिला नियोजन समिति की बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के समक्ष रखा था। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पालकमंत्री बावनकुले ने तत्काल मनपा आयुक्त को आवश्यक निर्देश दिए थे कि इस प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, जिसके बाद आयुक्त स्तर पर यह सकारात्मक निर्णय लिया गया।
शुल्क और दस्तावेज जमा करना रहेगा अनिवार्य
महानगरपालिका आयुक्त डॉ. मंगेश गोंदावले द्वारा जारी किए गए पत्र के अनुसार, हालांकि लोनिवि के पंजीकृत ठेकेदारों को अब मनपा में नया व अलग पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन उन्हें कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। संबंधित श्रेणी के अनुसार निविदा प्रक्रिया में भाग लेने के लिए निर्धारित पंजीयन शुल्क, जीएसटी सहित सभी आवश्यक कर और अन्य जरूरी दस्तावेज महानगरपालिका कार्यालय में समय पर जमा करना अनिवार्य रहेगा। इस नियम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और नियमों का पालन हो सके।
शहर के विकास कार्यों को मिलेगी तीव्र गति
इस फैसले के लागू होने से अमरावती शहर के बुनियादी ढांचे से जुड़े विकास कार्यों को समय पर पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है। जिला नियोजन समिति के सदस्य सुनील खराटे ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि लोनिवि में पहले से पंजीकृत अनुभवी ठेकेदारों को बार-बार पंजीयन की लंबी और जटिल प्रक्रिया से अब मुक्ति मिल जाएगी। पालकमंत्री के हस्तक्षेप और मनपा आयुक्त के सकारात्मक रुख के कारण अब अनुभवी ठेकेदार बिना किसी बाधा के शहर के विकास कार्यों में पारदर्शी तरीके से हिस्सा ले सकेंगे, जिससे अमरावती में रुके या धीमे पड़े विकास कार्यों को उल्लेखनीय गति मिलेगी।