नासिक में सिंहस्थ कुंभ मेले के ध्वजारोहण समारोह में सांसद राजाभाऊ वाजे के कथित अपमान के विरोध में शिवसेना (उबाठा) ने कुंभ मेला प्राधिकरण कार्यालय के सामने किया आंदोलन।
नासिक में सिंहस्थ कुंभ मेले के ध्वजारोहण समारोह के दौरान स्थानीय सांसद राजाभाऊ वाजे के साथ कथित तौर पर हुए अपमानजनक व्यवहार के खिलाफ शिवसेना (उबाठा) ने कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी की ओर से सोमवार को सिंहस्थ कुंभ मेला प्राधिकरण कार्यालय के सामने एक जोरदार प्रदर्शन किया गया, जिसमें प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए।
आंदोलन के दौरान शिवसेना (उबाठा) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कुंभ मेला प्राधिकरण कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन के बाद पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त शेखर सिंह के कार्यालय पहुंचकर इस घटना पर औपचारिक रूप से अपनी कड़ी नाराजगी दर्ज कराई और ज्ञापन सौंपा।
जनप्रतिनिधि का अपमान पूरे नासिक का अपमान: केशव पोरजे
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे शिवसेना गुटनेता तथा नगरसेवक केशव पोरजे ने इस दौरान प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ कुंभ मेला नासिक की धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक अस्मिता का एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रतीक है। इतने बड़े आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को उचित सम्मान मिलना चाहिए और नासिक के नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
केशव पोरजे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ध्वजारोहण जैसे महत्वपूर्ण और गरिमामयी समारोह में सांसद राजाभाऊ वाजे के साथ किया गया दोयम दर्जे का व्यवहार केवल एक व्यक्तिगत जनप्रतिनिधि का अपमान नहीं है, बल्कि यह पूरे नासिक शहर और यहां की जनता का अपमान है। कुंभ मेला नासिक और नासिककरों का है, इसलिए स्थानीय नागरिकों के स्वाभिमान से किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
प्रशासन से प्रोटोकॉल और जनप्रतिनिधियों के सम्मान की मांग
शिवसेना नेताओं का कहना था कि कुंभ मेले जैसे विराट आयोजन की सफलता के लिए स्थानीय नागरिकों, विभिन्न सामाजिक घटकों और जनप्रतिनिधियों का सहयोग सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इसलिए प्रारंभिक नियोजन से लेकर प्रत्यक्ष कार्यक्रमों के क्रियान्वयन तक प्रशासन को नासिक के जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेना चाहिए।
पार्टी ने मांग की है कि भविष्य में ऐसे किसी भी सार्वजनिक और धार्मिक आयोजन में प्रशासन को उचित प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए और जनप्रतिनिधियों के मान-सम्मान का विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
राजनीतिक माहौल गरमाने के आसार
इस विरोध प्रदर्शन में शिवसेना (उबाठा) के सभी वर्तमान और पूर्व नगरसेवक, नगरसेविकाएं, प्रमुख पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिवसैनिक उपस्थित रहे। ध्वजारोहण समारोह में कथित अपमान के इस ताजा घटनाक्रम के बाद नासिक का राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमाने के पूरे आसार जताए जा रहे हैं।