भारतीय सेना की 24 ग्रेनेडियर्स के नायब सूबेदार जावेद अहमद 26 वर्षों की सेवा के बाद अपने गृह जनपद लौटे। पूर्व सैनिकों के डेलिगेशन ने किया स्वागत।
26 वर्षों के लंबे और चुनौतीपूर्ण सैन्य सफर के बाद सकुशल अपने घर लौटे नायब सूबेदार जावेद अहमद
भारतीय सेना की 24 ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में रहकर 26 वर्षों तक देश की अखंडता और सुरक्षा की रक्षा करने वाले नायब सूबेदार जावेद अहमद अपनी सेवा पूरी करने के बाद सकुशल और ससम्मान अपने गृह जनपद लौट आए हैं। उनके घर लौटने पर पूर्व सैनिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, जो इस बात का प्रमाण है कि सैन्य भाईचारा और सम्मान सेवानिवृत्ति के बाद भी अटूट रहता है।
विभिन्न कठिन इलाकों में दी सेवाएं
अपने दो दशकों से अधिक लंबे कार्यकाल के दौरान नायब सूबेदार जावेद अहमद ने देश के कई दुर्गम क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा के लिए बर्फीले पर्वतों, ऊंचे पहाड़ों और तपते रेतीले इलाकों की कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए पूरी निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। सेना में इस प्रकार का लंबा कार्यकाल और अनुशासन सैनिकों के अदम्य साहस को दर्शाता है।
पूर्व सैनिकों के डेलिगेशन ने दी उपस्थिति
पड़ाव क्षेत्र के ग्रामसभा सूजाबाद स्थित उनके आवास पर आयोजित इस स्वागत समारोह में कई साथी पूर्व सैनिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर हवलदार वीरेंद्र प्रताप यादव, नायक मोहम्मद अलीम और नसीम अहमद जैसे सैन्य साथियों की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को और भी अधिक गरिमामयी बना दिया। उपस्थित सभी पूर्व सैनिकों ने उनके सफल और प्रेरणादायक कार्यकाल की सराहना की।
सेवानिवृत्ति के बाद भी जीवित रहता है देशभक्ति का जज्बा
सैन्य परंपराओं के अनुसार, सैनिक भले ही अपनी सक्रिय सेवा पूरी कर लें, किंतु उनके भीतर देश के प्रति समर्पण और जज्बा हमेशा बना रहता है। पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के बीच का यह आपसी जुड़ाव समाज में एक सकारात्मक संदेश देता है। समारोह के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने नायब सूबेदार जावेद अहमद को उनके यशस्वी, स्वस्थ और मंगलमय भावी जीवन के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।