ईरान: फारस की विरासत से आधुनिक भू-राजनीति तक
पश्चिम एशिया के दिल में बसा ईरान (आधिकारिक नाम: इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान) केवल एक देश नहीं, बल्कि मानव सभ्यता और इतिहास की जीवित प्रयोगशाला है।
1. 👉'फारस' से 'ईरान' तक का सफर
आज जिसे हम ईरान कहते हैं, 1935 तक दुनिया उसे 'फारस' (Persia) के नाम से जानती थी। फारसी कालीन (Persian Rugs), वास्तुकला और फारसी कविताएं (उमर खय्याम और हफीज) आज भी वैश्विक संस्कृति का एक अहम हिस्सा हैं।
2. 👉ऊर्जा का वैश्विक केंद्र
ईरान की अर्थव्यवस्था और भू-राजनीतिक ताकत का मुख्य आधार उसकी धरती के नीचे छुपा खजाना है:
- तेल और प्राकृतिक गैस: ईरान के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल और प्राकृतिक गैस के भंडारों में से एक है।
- रणनीतिक स्थिति: 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) के पास स्थित होने के कारण यह वैश्विक तेल आपूर्ति मार्ग की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।
3👉. राजधानी और आधुनिक दौर
ईरान की राजधानी तेहरान है, जो अलबोर्ज पर्वत श्रृंखला की तलहटी में बसा एक हलचल भरा महानगर है। आज ईरान मध्य पूर्व में अपनी मजबूत भू-राजनीतिक स्थिति और हालिया वैश्विक तनावों के कारण लगातार सुर्खियों में रहता है।
👉एक नज़र में ईरान:
- पुराना नाम: फारस (Persia)
- राजधानी: तेहरान
- विशेषता: समृद्ध इतिहास, विशाल तेल व गैस भंडार, और पश्चिम एशिया में रणनीतिक प्रभाव।