नागपुर की सड़कों पर इन दिनों एक अलग ही रौनक और सांस्कृतिक उत्साह देखने को मिल रहा है। वजह है, यहां का 145 साल पुराना ऐतिहासिक और अनोखा 'मारबत फेस्टिवल'। इस बार के इस पारंपरिक उत्सव में केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि देश की कई नामचीन हस्तियां भी शामिल हुईं, जिन्होंने इस आयोजन की भव्यता और इसके गहरे सांस्कृतिक महत्व को और बढ़ा दिया।
इस साल सितंबर 2026 में आयोजित हुए इस उत्सव में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ-साथ बॉलीवुड के दिग्गज फिल्म निर्देशक सुभाष घई और लोकप्रिय अभिनेता जैकी श्रॉफ ने विशेष रूप से शिरकत की। नागपुर की इस प्राचीन परंपरा का हिस्सा बनने के बाद बॉलीवुड सितारों का उत्साह देखने लायक था।
अनोखी परंपरा देखकर गदगद हुए 'भिडू' जैकी श्रॉफ
अपनी अनूठी शैली और बेबाक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले बॉलीवुड अभिनेता जैकी श्रॉफ जब नागपुर की इस प्राचीन परंपरा के रूबरू हुए, तो वह खुद को इसकी तारीफ करने से रोक नहीं पाए। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने इस आयोजन को लेकर अपनी गहरी भावनाएं व्यक्त कीं।
जैकी श्रॉफ ने इस उत्सव को 'अद्भुत और सुंदर' करार देते हुए कहा कि ऐसी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं के बारे में सिर्फ स्थानीय लोगों को ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को पता चलना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों को वैश्विक मंच पर पहचान मिलनी बेहद जरूरी है, ताकि युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रहे।
क्या है 145 साल पुरानी मारबत की परंपरा?
नागपुर का मारबत फेस्टिवल महज़ एक त्योहार नहीं, बल्कि शहर की ऐतिहासिक विरासत का एक अहम हिस्सा है, जो पिछले 145 सालों से लगातार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता रहा है। यह अनूठा सांस्कृतिक आयोजन हर साल भाद्रपद महीने में पोला त्योहार के ठीक दूसरे दिन आयोजित किया जाता है।
ऐतिहासिक मान्यताओं और लोक परंपराओं के अनुसार, इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य समाज से बुराई, नकारात्मकता, सामाजिक कुरीतियों और बीमारियों को हमेशा के लिए दूर भगाना है। इस दिन शहर में बड़े-बड़े पुतले (मारबत और बडग्या) बनाए जाते हैं और पूरे शहर में जुलूस निकाला जाता है। इस दौरान पूरा नागपुर शहर ढोल-नगाड़ों की थाप, पारंपरिक गीतों और गूंजते नारों से सराबोर नजर आता है।राजनीतिक और फिल्मी हस्तियों का जमावड़ा
इस वर्ष के मारबत महोत्सव का आकर्षण तब और बढ़ गया जब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसमें पारंपरिक तरीके से शिरकत की। उनका स्वागत स्थानीय संस्कृति के अनुरूप किया गया। मुख्यमंत्री के साथ-साथ निर्देशक सुभाष घई और अभिनेता जैकी श्रॉफ की उपस्थिति ने इस स्थानीय आयोजन को राष्ट्रीय फलक पर ला दिया।
दिग्गज हस्तियों की मौजूदगी ने न केवल स्थानीय नागरिकों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि इस ऐतिहासिक परंपरा को एक नई वैश्विक पहचान भी दिलाई। उत्सव के दौरान सुरक्षा और प्रबंधन के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक और नागपुरवासी इस ऐतिहासिक पर्व का आनंद पूरी सुरक्षा और उत्साह के साथ ले सकें।
संस्कृति और आधुनिकता का अनूठा संगम
आज के दौर में जब आधुनिकता की अंधी दौड़ में कई प्राचीन परंपराएं दम तोड़ती जा रही हैं, नागपुर का मारबत फेस्टिवल इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि अगर समाज चाहे तो अपनी संस्कृति को सहेज कर रख सकता है। बॉलीवुड सितारों का इस आयोजन में शामिल होना यह साबित करता है कि हमारी पारंपरिक विरासत आज भी उतनी ही प्रासंगिक और आकर्षक है जितनी डेढ़ सदी पहले हुआ करती थी।
यह महोत्सव केवल बुराई के प्रतीकों को जलाने का पर्व नहीं है, बल्कि यह आपसी भाईचारे, सामाजिक एकजुटता और अपनी मिट्टी से जुड़ने का एक बेहद खूबसूरत माध्यम है। आने वाले समय में इस आयोजन के और अधिक भव्य होने की उम्मीद है, खासकर जब देश के जाने-माने चेहरे इसे प्रमोट करने आगे आ रहे हैं।