बनारस की गलियों से लेकर चौराहों तक इन दिनों मौसम का एक अलग ही रूप देखने को मिल रहा है। पिछले तीन-चार दिनों से लगातार रुक-रुककर हो रही बारिश के बाद शनिवार को अचानक बादलों की लुकाछिपी के बीच तेज धूप ने दस्तक दी। धूप निकलते ही शहर का मिजाज बदला और तापमान में भी हल्का उछाल दर्ज किया गया। हालांकि, आसमान साफ होने के बावजूद हवा में मौजूद नमी (Humidity) ने लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत जरूर दिलाई।
मौसम विभाग के आंकड़ों पर अगर नजर डालें, तो बादलों के छटने के बाद पारे में बढ़ोतरी स्वाभाविक रूप से देखने को मिली है। जानकारों का मानना है कि मानसून के तेवर फिलहाल कुछ नरम पड़े हैं, जिसके कारण बारिश का सिलसिला थमा है और धूप खिलने का मौका मिला हवाराणसी में दर्ज किया गया तापमान
मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को वाराणसी में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। वहीं, शनिवार को धूप खिलने के बाद अधिकतम तापमान में एक डिग्री की बढ़ोतरी हुई और यह बढ़कर 33.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। न्यूनतम तापमान की बात करें तो यह 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
तापमान भले ही बढ़ा हो, लेकिन सुबह और शाम के समय चलने वाली ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहाना बनाए रखा। खासकर शाम ढलते ही जब पुरवा हवाओं का अहसास हुआ, तो लोगों ने राहत की सांस ली। उमस से भरी गर्मी जरूर महसूस हुई, लेकिन लगातार बारिश के बाद इस तरह के मौसम परिवर्तन ने जनजीवन को फिर से सामान्य गति दे दी हमानसून की सक्रियता में आई है कमी
मौसम वैज्ञानिकों का विश्लेषण बताता है कि इस समय मानसून की टर्फ लाइन और उसकी सक्रियता में थोड़ा बदलाव आया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के इस क्षेत्र में मानसून की गतिविधियां फिलहाल धीमी पड़ी हैं। इसी वजह से अगले तीन से चार दिनों तक बादलों की आवाजाही के साथ धूप निकलने का यह दौर जारी रहने की संभावना जताई गई हैआने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम?
- तापमान में उतार-चढ़ाव: दिन के समय तेज धूप के कारण अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने की उम्मीद है।
- नमी और उमस: जमीन पर नमी बरकरार रहने के कारण हल्की उमस का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन यह बहुत ज्यादा कष्टदायक नहीं होगी।बारिश की संभावना: अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं है, हालांकि स्थानीय स्तर पर बादलों के गरजने या छिटपुट बूंदाबांदी से इनकार नहीं किया जा सकता।
आम जनजीवन पर असर
लगातार बारिश के कारण पिछले कुछ दिनों से जलभराव और कीचड़ जैसी समस्याओं से जूझ रहे शहरवासियों को धूप निकलने से काफी राहत मिली है। लोग अपने दैनिक कार्यों को सुगमता से पूरा कर पा रहे हैं। बाजारों में भी चहल-पहल बढ़ गई है। गंगा घाटों पर भी पर्यटकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही में बढ़ोतरी देखी जा रही है, क्योंकि खुला हुआ आसमान और हल्की धूप मौसम को पर्यटन के अनुकूल बना रही है।
किसानों के दृष्टिकोण से भी यह मौसम मिला-जुला असर दिखा रहा है। जिन खेतों में पानी भर गया था, उन्हें सूखने का मौका मिल रहा है, जिससे फसलों को अतिरिक्त पानी से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है। हालांकि, कृषि विशेषज्ञों का सुझाव है कि किसानों को स्थानीय मौसमी अपडेट पर लगातार नजर रखनी चाहिए ताकि वे अपनी फसल प्रबंधन की योजनाओं को उसी अनुसार ढाल सकें।
कुल मिलाकर, वाराणसी में मौसम का यह नया मिजाज फिलहाल सुकून देने वाला है। न तो अत्यधिक बारिश की तड़प और न ही चिलचिलाती धूप का प्रकोप्—सितंबर महीने के इस दौर में बनारस का यह सुहाना मौसम हर किसी के मन को भा रहा है। मौसम विभाग की सलाह है कि लोग बदलते मौसम के इस दौर में अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि दिन की धूप और शाम की हवा कई बार मौसमी बीमारियों का कारण बन सकती है