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झारखंड में JPSC-JSSC धांधली पर आर-पार: 13वें दिन छात्रों ने चुने 11 'योद्धा', क्या मानेगी सरकार?

झारखंड में JPSC-JSSC धांधली पर आर-पार: 13वें दिन छात्रों ने चुने 11 'योद्धा', क्या मानेगी सरकार?

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले 13 दिनों से डटे हजारों छात्रों का आंदोलन अब एक बेहद महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया है। JPSC सिविल सेवा और JSSC-CGL भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित धांधली और गड़बड़ियों के खिलाफ सड़कों पर उतरे युवाओं ने सरकार के साथ आर-पार की बातचीत के लिए अप11 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है।

बातचीत की मेज पर कौन-कौन होगा शामिल?

'JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच' द्वारा गठित इस 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से 8 छात्र शामिल हैं—रवींद्र पासवान, पीयूष कुमार सिंह, रवींद्र कुमार रवि, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, कार्तिक सोरेन, संदीप कुमार और शालू सिंह। इसके अलावा, छात्रों के मार्गदर्शन के लिए 1 कानूनी विशेषज्ञ, 1 अभिभावक और 1 मीडिया प्रतिनिधि को भी इसमें जगह दी गई है।

छात्र नेता रवींद्र पासवान ने साफ किया कि सरकार के सामने बात केवल छात्र प्रतिनिधि ही रखेंगे। मेंटर्स के रूप में शामिल लोग बातचीत में सीधा हस्तक्षेप नहीं करेंगे।

बैठक के लिए छात्रों की सख्त शर्तें

छात्रों ने स्पष्ट किया है कि सरकार के साथ होने वाली यह वार्ता पूरी तरह से पारदर्शी और अनुशासित होगी। इसके लिए कुछ कड़े नियम तय किए गए हैं:

  • बातचीत के दौरान मीटिंग हॉल में कोई भी कैमरा, माइक या रिकॉर्डिंग डिवाइस ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
  • केवल छात्र प्रतिनिधि ही सरकार के सामने तथ्य और मांगें रखेंगे।
  • पूरा संवाद बेहद शांतिपूर्ण और व्यवस्थित माहौल में आयोजित किया जाएगा।

आखिर क्या हैं आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगें?

25 जुलाई से शुरू हुए इस आंदोलन की मुख्य मांग भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली की CBI (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) से जांच कराना है। हालांकि, मामले की जांच कर रही झारखंड CID अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन छात्र इससे संतुष्ट नहीं हैं।

"हमारा उद्देश्य छात्रों की वास्तविक मांगों को पूरी मजबूती के साथ सरकार के सामने रखना है। हमें उम्मीद है कि सरकार हमारे भविष्य को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक फैसला लेगी।"
- रवींद्र पासवान, छात्र प्रतिनिधि

इसके अलावा, छात्र 14वीं JPSC सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा (PT) को तुरंत रद्द करने और 'TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड' जैसी निजी एजेंसियों के माध्यम से कराई गई परीक्षाओं की व्यापक समीक्षा की मांग कर रहे हैं।

सियासत भी गर्म, कांग्रेस ने जताया समर्थन

छात्रों के इस उग्र आंदोलन के बीच राजनीतिक हलचल भी बढ़ गई है। कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट करते हुए कहा कि उनकी पार्टी न्याय की इस लड़ाई में छात्रों के साथ खड़ी है। उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों से बात करने के लिए मंत्रिस्तरीय समिति बनाने के मुख्यमंत्री के फैसले का भी स्वागत किया।

फिलहाल, 13 दिनों से धूप और बारिश में डटे छात्रों की नजरें सरकार के साथ होने वाली इस हाई-प्रोफाइल बैठक के समय और स्थान पर टिकी हुई हैं। छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।नी

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अल्का सिंह

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Senior Content Writer

अल्का सिंह स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़े विषयों पर गहन शोध के साथ लेखन करती हैं। उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को केवल सामान्य जानकारी ही नहीं, बल...

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