कारगिल विजय दिवस पर वेटरन्स एसोसिएशन का संदेश: "शहीदों का बलिदान हमारी अमूल्य धरोहर" — राष्ट्रीय अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह
कारगिल विजय दिवस भारत के शौर्य, स्वाभिमान और अदम्य साहस का प्रतीक है। 26 जुलाई 1999 को भारतीय सेना के जांबाज वीरों ने अपनी जान की बाजी लगाकर हिमालय की दुर्गम चोटियों पर तिरंगा फहराया था। इस ऐतिहासिक अवसर पर वेटरन्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने देशवासियों और पूर्व सैनिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं और भारत के अमर बलिदानियों को नमन किया है।
शहीदों का ऋण कभी चुकाया नहीं जा सकता: राघवेंद्र सिंह
राष्ट्रीय अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने अपने विशेष संदेश में कहा:
"कारगिल की बर्फीली चोटियों पर जो इतिहास लिखा गया, वह केवल एक सैन्य जीत नहीं थी, बल्कि यह भारतीय सेना के कभी न झुकने वाले जज्बे की मिसाल थी। हमारे 527 वीर जवानों ने देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। उनका यह सर्वोच्च बलिदान हर भारतीय के दिल में सदा अमर रहेगा।"
उन्होंने कहा कि वेटरन्स एसोसिएशन का प्राथमिक उद्देश्य यही है कि हमारे शहीदों के परिवारों (वीर नारियों) और पूर्व सैनिकों के सम्मान व अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहें।
वेटरन्स एसोसिएशन की मुख्य प्रतिबद्धताएं
कारगिल विजय दिवस के इस विशेष अवसर पर, राघवेंद्र सिंह ने संगठन की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया:
- वीर नारियों एवं शहीद परिवारों का कल्याण: देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों के परिवारों की हर संभव सहायता करना।
- पूर्व सैनिकों का पुनर्वास: सेवानिवृत्त सैनिकों को समाज में उनका सही स्थान दिलाना और उनके अनुभवों का लाभ राष्ट्र निर्माण में लेना।
- युवाओं को सैन्य सेवा के लिए प्रेरित करना: कारगिल के वीरों की गाथाओं को युवाओं तक पहुंचाना ताकि उनमें राष्ट्रभक्ति का जज्बा जागे।
युवाओं के लिए विशेष संदेश
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने देश की युवा पीढ़ी का आह्वान करते हुए कहा कि हमें राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए। "अनुशासन, समर्पण और राष्ट्र प्रथम" की भावना ही कारगिल के अमर शहीदों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
अंतिम संदेश
"आइए, इस कारगिल विजय दिवस पर हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि हम अपने सैनिकों के त्याग को कभी व्यर्थ नहीं जाने देंगे और देश की उन्नति व अखंडता के लिए समर्पित रहेंगे।"
— राघवेंद्र सिंह
(राष्ट्रीय अध्यक्ष, वेटरन्स एसोसिएशन)
जय हिंद! जय भारत! भारत माता की जय!