उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से एक बेहद ही दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। जिले के महिला थाने में तैनात एक युवा महिला सिपाही ने ड्यूटी के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में अपनी ही सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद से महकमे में हड़कंप मच गया है और साथी पुलिसकर्मियों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
ड्यूटी के दौरान अचानक गूंजी गोली की आवाज
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना मंगलवार के08 सितंबर 2026 को सामने आई। मृतका की पहचान प्रियंका यादव के रूप में हुई है, जो मूलरूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले की रहने वाली थीं। प्रियंका वर्ष 2025 बैच की आरक्षी (महिला सिपाही) थीं और वर्तमान में उनकी तैनाती कौशांबी के महिला थाने में थी। मंगलवार को उनकी ड्यूटी थाने पर पहरे पर लगी हुई थी।
ड्यूटी के दौरान ही अचानक गोली चलने की तेज आवाज से थाना परिसर में अफरा-तफरी मच गई। जब अन्य पुलिसकर्मी आवाज की दिशा में भागे, तो उन्होंने प्रियंका यादव को खून से लथपथ जमीन पर गिरा हुआ पाया। उनके पास ही उनकी सर्विस राइफल पड़ी हुई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत बिना किसी देरी के घायल महिला सिपाही को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सा अधिकारियों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
महकमे में सिर्फ तीन महीने पहले ही हुई थी पहली पोस्टिंग
इस हादसे के बाद प्रशासनिक हलकों में भी गहरी संवेदना व्यक्त की जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अमिता सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि प्रियंका यादव की पुलिस ट्रेनिंग महज तीन महीने पहले ही पूरी हुई थी। ट्रेनिंग समाप्त होने के बाद कौशांबी का महिला थाना उनकी पहली पोस्टिंग थी। इतनी कम उम्र और करियर की शुरुआत में ही इस तरह का कदम उठा लेना हर किसी को हैरान और परेशान कर रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) समेत तमाम आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थिति का जायजा लिया गया और तुरंत फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। फॉरेंसिक टीम ने बारीकी से मुआयना कर मौके से साक्ष्य जुटाए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर किन परिस्थितियों में यह वीभत्स कदम उठाया गया।
पुलिस अधिकारियों का बयान और गहन जांच
अपर पुलिस अधीक्षक अमिता सिंह ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती जांच में यह मामला गोली लगने से मौत का प्रतीत हो रहा है, लेकिन इसके पीछे की असली वजह क्या थी, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस विभाग इस पूरे मामले की हर एंगल से गहनता से जांच कर रहा है। मृतका के परिवार वालों को इस अनहोनी की सूचना दे दी गई है, जिसके बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सदस्यों के आने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी की जाएगी।
मानसिक तनाव और पुलिस बल की कार्यप्रणाली पर सवाल
इस प्रकार की घटनाएं सुरक्षा बलों में बढ़ते मानसिक तनाव (Mental Stress) और दबाव की ओर एक बार फिर गंभीर इशारा करती हैं। लगातार ड्यूटी के घंटे, निजी जीवन और कार्यक्षेत्र के बीच संतुलन बनाने की चुनौती, और अन्य कई कारक अक्सर जवानों को अंदर से तोड़ देते हैं। हालांकि, प्रियंका यादव के मामले में अभी तक किसी भी प्रकार के सुसाइड नोट या स्पष्ट पारिवारिक विवाद की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं जैसे व्यक्तिगत कारण, कार्यभार या किसी अन्य तनाव को ध्यान में रखकर अपनी तफ्तीश आगे बढ़ा रही है।
- घटना स्थल: महिला थाना, कौशांबी (उत्तर प्रदेश)
- मृतका का नाम: प्रियंका यादव (वर्ष 2025 बैच)
- मूल निवास: गाजीपुर जिला
- वर्तमान स्थिति: शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, फॉरेंसिक जांच जारी
स्थानीय पुलिस और प्रशासन इस दुखद घटना के कारणों का पता लगाने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस मामले में और नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल, इस असामयिक मौत ने पूरे पुलिस महकमे को गमगीन कर दिया है।