राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत का आगामी चार दिवसीय राजस्थान दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सितंबर 2026 के इस बहुप्रतीक्षित प्रवास के दौरान वे राज्य के अलग-अलग जिलों में कई प्रमुख कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। संगठन की मजबूती और विभिन्न सामाजिक-धार्मिक शख्सियतों से संवाद के लिहाज से इस दौरे को काफी अहमियत दी जा रही है।
11 सितंबर को जोधपुर पहुंचेंगे डॉ. मोहन भागवत
तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार, सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत अपने इस चार दिवसीय दौरे की शुरुआत 11 सितंबर को करेंगे। वे सबसे पहले जोधपुर पहुंचेंगे और अपनी इस यात्रा के पहले दिन का रात्रि विश्राम वहीं करेंगे। जोधपुर में उनके आगमन को लेकर स्थानीय स्वयंसेवकों और पदाधिकारियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
नागौर के गोटन में वार्षिकोत्सव समारोह
दौरे के दूसरे दिन यानी 12 सितंबर को डॉ. भागवत नागौर जिले के लिए प्रस्थान करेंगे। नागौर के गोटन स्थित प्रसिद्ध एलके सिंघानिया शिक्षा केंद्र के वार्षिक उत्सव (वार्षिकोत्सव) कार्यक्रम में वे मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। इस शैक्षणिक संस्थान के कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच उनका संबोधन काफी प्रेरक रहने की उम्मीद है। इस भव्य आयोजन में हिस्सा लेने के बाद वे वापस जोधपुर लौटेंगे और वहीं रात्रि विश्राम करेंगे।
कार्यकर्ताओं के साथ सांगठनिक बैठक
संघ की कार्यपद्धति और आगामी रणनीतियों पर चर्चा के सिलसिले में 13 सितंबर का दिन पूरी तरह से संगठनात्मक बैठकों के नाम रहेगा। इस दिन डॉ. भागवत जोधपुर प्रांत के चुनिंदा और प्रमुख संघ कार्यकर्ताओं के साथ एक अहम बैठक करेंगे। इस बैठक में जमीनी स्तर पर चल रहे कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य की रूपरेखा पर भी विमर्श किए जाने की संभावना है।
भीलवाड़ा में जैन संत पुलक सागर जी महाराज से होगी भेंट
अपने इस राजस्थान प्रवास के अंतिम यानी चौथे दिन यानी 14 सितंबर को सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत भीलवाड़ा जाएंगे। भीलवाड़ा प्रवास के दौरान उनका एक विशेष और महत्वपूर्ण कार्यक्रम जैन दिगंबर संत पूज्य पुलक सागर जी महाराज से भेंटवार्ता का है। दोनों आध्यात्मिक व वैचारिक शख्सियतों की इस मुलाकात को लेकर गलियारों में काफी चर्चा है। इस मुलाकात के बाद वे सीधे दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।
दौरे के मुख्य बिंदु: एक नजर में
- प्रवास की अवधि: 11 सितंबर से 14 सितंबर तक
- पहला पड़ाव: जोधपुर (आगमन और रात्रि विश्राम)
- दूसरा दिन (12 सितंबर): नागौर के गोटन में एलके सिंघानिया शिक्षा केंद्र का वार्षिकोत्सव
- तीसरा दिन (13 सितंबर): जोधपुर प्रांत के कार्यकर्ताओं के साथ सांगठनिक बैठक
- चौथा दिन (14 सितंबर): भीलवाड़ा में जैन संत पुलक सागर जी महाराज से भेंट और दिल्ली वापसी
राजस्थान क्षेत्र संघचालक डॉ. रमेश अग्रवाल ने इस पूरे प्रवास की रूपरेखा साझा करते हुए बताया है कि सभी कार्यक्रम तय समय के अनुसार शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न होंगे। इस दौरे से न केवल सांगठनिक ऊर्जा को बल मिलेगा, बल्कि सामाजिक समरसता के संदेश को भी एक नई दिशा मिलेगी।