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किशनगंज में 5 नए रेलवे ओवरब्रिज को मंजूरी, जाम से मिलेगी मुक्ति

किशनगंज में 5 नए रेलवे ओवरब्रिज को मंजूरी, जाम से मिलेगी मुक्ति

बिहार के किशनगंज जिले के निवासियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले भीषण जाम और उससे होने वाली परेशानियों से निजात दिलाने के लिए सरकार ने जिले में पांच नए रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक मंजूरी के बाद अब जिला प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाने की तैयारी तेज कर दी है। आने वाले दिनों में इन ओवरब्रिज के बन जाने से न सिर्फ स्थानीय लोगों का सफर सुगम होगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी एक नई रफ्तार मिलेगी।

कहाँ-कहाँ बनाए जाएंगे ये पांच नए ओवरब्रिज?

योजना के मुताबिक, इन पांचों आरओबी का निर्माण रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों पर किया जाना है ताकि अधिकतम आबादी को इसका लाभ मिल सके। प्रस्तावित नक्शे के अनुसार, इन पांच ओवरब्रिज में से एक का निर्माण सीधे किशनगंज शहर के व्यस्त इलाके में किया जाएगा। इसके अलावा, दो ओवरब्रिज ठाकुरगंज प्रखंड में और शेष दो ओवरब्रिज पोठिया प्रखंड के अंतर्गत बनाए जाएंगे। इन क्षेत्रों में रेलवे लाइनों के गुजरने के कारण अक्सर मुख्य मार्गों पर यातायात बाधित होता रहा है, जिससे इन चुनिंदा जगहों पर आरओबी की मांग लंबे समय से उठ रही थी।

इन ओवरब्रिज के निर्माण का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सड़क और रेल यातायात पूरी तरह से अलग हो जाएंगे। ट्रेन के गुजरने के दौरान वाहनों को अब रेलवे फाटक बंद होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वाहन बिना किसी रुकावट के ओवरब्रिज के ऊपर से फर्राटा भरते हुए निकल सकेंगे।

फाटक बंद होने से लगती थी वाहनों की लंबी कतारें

किशनगंज जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में व्यस्त मार्गों पर रेलवे फाटक बंद होना आम जनता के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका था। दिन में कई बार ट्रेन के गुजरने के दौरान जब फाटक बंद होते हैं, तो सड़क के दोनों छोर पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। कई बार तो स्थिति इतनी विकट हो जाती है कि फाटक खुलने के बाद भी वाहनों का भारी दबाव होने के कारण ट्रैफिक को पूरी तरह सामान्य होने में घंटों लग जाते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि व्यस्त घंटों में इन क्रॉसिंग से गुजरना किसी परीक्षा से कम नहीं होता था। स्कूल जाने वाले बच्चे, ऑफिस जाने वाले कर्मचारी और रोजाना सफर करने वाले आम लोग इस जाम की वजह से अपने तय समय पर नहीं पहुंच पाते थे। अब इन पांच नए आरओबी के बन जाने से इस समस्या का स्थायी समाधान मिल जाएगा।

एंबुलेंस और आपातकालीन वाहनों को मिलेगी बड़ी राहत

यातायात जाम की इस समस्या का सबसे गंभीर पहलू आपातकालीन सेवाओं पर पड़ने वाला असर था। अक्सर मेडिकल इमरजेंसी के दौरान मरीजों को अस्पताल लेकर जा रही एंबुलेंस इन्हीं रेलवे फाटकों पर फंस जाती थीं। कई बार एंबुलेंस के समय पर न पहुंच पाने के कारण मरीजों की जान पर बन आती थी।

आरओबी के निर्माण के बाद एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को रेलवे क्रॉसिंग पर एक मिनट के लिए भी नहीं रुकना पड़ेगा। बिना किसी बाधा के वे अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे, जिससे बहुमूल्य जिंदगियों को बचाने में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य सेवाओं के दृष्टिकोण से यह परियोजना किशनगंज के लिए एक गेम-चेंजर साबित होने वाली है।

सड़क हादसों पर लगेगी लगाम

रेलवे क्रॉसिंग और उसके आसपास के घनी आबादी वाले इलाकों में वाहनों का बढ़ता दबाव अक्सर सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनता है। फाटक खुलने के बाद दोनों तरफ से आ रहे वाहन जब एक साथ आगे बढ़ने की होड़ करते हैं, तो दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।

प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि जब सड़क और रेल का रास्ता एक-दूसरे को क्रॉस ही नहीं करेगा, तो इस तरह की दुर्घटनाओं में अपनेआप भारी कमी आएगी। यह कदम सड़क सुरक्षा की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द होगी शुरू

योजना को धरातल पर उतारने के लिए सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) है। इस संबंध में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अक्षयवट तिवारी ने जानकारी दी है कि आरओबी निर्माण के लिए आवश्यक भूमि का अधिग्रहण बहुत जल्द शुरू किया जाएगा।

प्रशासन जमीन से जुड़े सभी पहलुओं का बारीकी से आंकलन कर रहा है ताकि प्रभावित होने वाले लोगों को उचित मुआवजा मिल सके और निर्माण कार्य में किसी प्रकार की कानूनी अड़चन न आए। जमीन अधिग्रहण का काम पूरा होते ही निर्माण कार्य को गति दे दी जाएगी।

किशनगंज की यातायात व्यवस्था में आएगा आमूल-चूल परिवर्तन

इन पांच नए रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण से न सिर्फ स्थानीय लोगों का आवागमन आसान होगा, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। माल ढोने वाले ट्रकों और कमर्शियल वाहनों को सुगम रास्ता मिलने से समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। किशनगंज प्रशासन की यह पहल जिले के बुनियादी ढांचे को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए तैयार है।

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रोली सिंह

रोली सिंह

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रोली सिंह पिछले 2 सालों से पत्रकारिता और न्यूज़ रिपोर्टिंग से जुड़ी हैं। वह लोकल न्यूज़ और लोगों से जुड़े मुद्दों को पढ़ने वालों तक पहुंचाने का काम...

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