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किचन की इन 6 चीजों से दूर होगी हीमोग्लोबिन की कमी? एक्सपर्ट्स ने खोली पोल

किचन की इन 6 चीजों से दूर होगी हीमोग्लोबिन की कमी? एक्सपर्ट्स ने खोली पोल

भागदौड़ भरी आधुनिक जीवनशैली और गलत खानपान के कारण आज के समय में शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया (Anemia) एक आम समस्या बन चुकी है। खासकर महिलाओं और युवाओं में यह दिक्कत तेजी से पैर पसार रही है। ऐसे में शरीर में आयरन की कमी को पूरा करने के लिए लोग तरह-तरह के नुस्खे और सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले डाइट प्लान्स अपनाने लगते हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट का वीडियो काफी तेजी से वायरल हुआ, जिसमें छह ऐसी रसोई की चीजों के बारे में बताया गया जो शरीर में 21 मिलीग्राम आयरन का स्तर आसानी से बढ़ा सकती हैं।

इस वायरल दावे के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठना लाजिमी था कि क्या वाकई किचन में मौजूद इन आम चीजों से इतनी मात्रा में आयरन मिल सकता है? और अगर मिल भी जाए, तो क्या हमारा शरीर इसका पूरा फायदा उठा पाता है? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि इस दावे के पीछे की सच्चाई क्या है और शरीर में आयरन के अवशोषण (Absorption) का पूरा गणित कैसे काम करता है।

किचन के वे 6 सुपरफूड्स, जो बढ़ाते हैं आयरनवायरल पोस्ट और न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह के अनुसार, रसोई में पाए जाने वाले छह मुख्य घटक शरीर में प्राकृतिक रूप से हीमोग्लोबिन के स्तर को सुधारने में मदद कर सकते हैं। इन खाद्य पदार्थों की सूची में निम्नलिखित चीजें शामिल हैं:

  • हलीम के बीज (Garden Cress Seeds): इन्हें आयरन का बेहतरीन स्रोत माना जाता है।
  • काला चना (Black Chana): प्रोटीन और आयरन से भरपूर पारंपरिक भारतीय आहार।
  • कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds): मिनरल्स और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का पावरहाउस।
  • काली किशमिश (Black Raisins): हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए सदियों पुरानी घरेलू औषधि।
  • करी पत्ता (Curry Leaves): आयरन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर भारतीय तड़के की जान।
  • काले तिल (Black Sesame Seeds): कैल्शियम और आयरन का एक बेहतरीन प्लांट-बेस्ड स्रोत।

इन सभी चीजों को मिलाकर खाने से शरीर को पोषण मिलता है, इसमें कोई दो राय नहीं है। लेकिन क्या यह कॉम्बिनेशन वाकई में एक दिन में 21 मिलीग्राम आयरन की आपूर्ति कर सकता है? इस पर आहार विशेषज्ञों की राय थोड़ी अलग और तकनीकी है।

'प्लेट का आयरन' बनाम 'खून का आयरन': क्या है बड़ा फर्क?

कंसलटेंट डाइटिशियन और सर्टिफाइड डायबिटीज एजुकेटर कनिका मल्होत्रा का इस बारे में कहना है कि यह मामला सिर्फ थाली में रखे खाद्य पदार्थों के वजन को जोड़ने जितना सीधा नहीं है। उनके अनुसार, '21 मिलीग्राम' का दावा असल में आपकी प्लेट में मौजूद भोजन के कुल आयरन की गिनती करता है, न कि वह सटीक मात्रा जो आपके खून में वास्तव में पहुँच पाती है।

विशेषज्ञ का मानना है कि सामान्य या रोजमर्रा के हिस्सों (Normal Portions) में ली जाने वाली इन चीजों—विशेषकर हलीम के बीज, काला चना, तिल और कद्दू के बीज—से लगभग 5 से 6 मिलीग्राम तक ही आयरन मिल पाता है। जब तक कि इन्हें असामान्य रूप से बहुत अधिक मात्रा में न खाया जाए, तब तक सिर्फ सामान्य सेवन से 21 मिलीग्राम का जादुई आंकड़ा छू पाना काफी कठिन है।

शरीर में कितना आयरन वास्तव में अब्जॉर्ब होता है?

यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। हम जो भी खाना खाते हैं, खासकर पौधों से मिलने वाला आयरन (जिसे नॉन-हीम आयरन कहा जाता है), उसका पूरा का पूरा हिस्सा हमारा शरीर सोख नहीं पाता है।

"पौधों से मिलने वाले नॉन-हीम आयरन का अवशोषण (Absorption) दर केवल 2 से 15 प्रतिशत के बीच होती है। इसके अलावा, पौधों में पाए जाने वाले फाइटेट्स (Phytates) और पॉलीफेनोल्स जैसे यौगिक इस अवशोषण की प्रक्रिया को और भी धीमा कर सकते हैं।"

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद और राष्ट्रीय पोषण संस्थान (ICMR-NIN 2020) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, आहार में आयरन की औसत अवशोषण दर लगभग 8 प्रतिशत मानी जाती है। यदि कोई व्यक्ति पूरे 21 मिलीग्राम आयरन का सेवन कर भी ले, तो 8 प्रतिशत की दर से शरीर में केवल 1.7 मिलीग्राम आयरन ही अवशोषित हो पाएगा। यह मात्रा शरीर के मौजूदा आयरन के स्तर को बनाए (Maintain) रखने के लिए तो ठीक है, लेकिन घटे हुए स्तर को तेजी से रीबिल्ड करने के लिए पर्याप्त नहीं मानी जाती है।

सिर्फ नंबर के पीछे न भागें, आयरन-अब्जॉर्बिंग प्लेट तैयार करें

विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी एक बड़े आंकड़े या जादुई नंबर के पीछे भागने के बजाय हमें ऐसी डाइट प्लानिंग पर ध्यान देना चाहिए जो भोजन में मौजूद आयरन को हमारे शरीर द्वारा आसानी से सोखने योग्य बनाए। इसके लिए कुछ आसान वैज्ञानिक और पारंपरिक तरीकों को अपनाया जा सकता है:

1. हर आयरन मील के साथ विटामिन सी (Vitamin C)

नॉन-हीम आयरन के अवशोषण को बढ़ाने का सबसे बेहतरीन और अचूक तरीका है उसके साथ विटामिन-सी युक्त चीजों का सेवन करना। आप अपने भोजन में नींबू का रस निचोड़ सकते हैं, साथ में आंवला, अमरूद या टमाटर जैसी चीजें शामिल कर सकते हैं। ICMR-NIN की सिफारिश है कि प्रति 1,000 किलो कैलोरी भोजन पर कम से कम 20 मिलीग्राम विटामिन-सी का सेवन जरूर होना चाहिए। उदाहरण के लिए, काले चने की चाट पर नींबू डालकर खाना या आयरन युक्त भोजन के बाद विटामिन-सी से भरपूर फल खाना बहुत फायदेमंद होता है।

2. सही कुकिंग और प्रिपरेशन के तरीके

भोजन को पकाने या तैयार करने का तरीका भी उसके पोषण मूल्य को बदल देता है। बीजों, दालों और लेग्यूम्स को हमेशा भिगोकर (Soak), अंकुरित करके (Sprout), भूनकर (Roast) या खमीर उठाकर (Ferment) इस्तेमाल करना चाहिए। ऐसा करने से उनमें मौजूद फाइटेट्स कम हो जाते हैं, जो आमतौर पर आयरन जैसे खनिजों से बंधकर उनके अवशोषण को रोकते हैं। सही तरीके से तैयार करने पर पोषक तत्व शरीर को आसानी से मिल जाते हैं।

3. चाय और कॉफी का सही समय

अगर आपको खाने के तुरंत बाद चाय या कॉफी पीने की आदत है, तो अपनी इस आदत को बदल लें। विशेषज्ञ सलाह देती हैं कि भोजन करने और चाय-कॉफी पीने के बीच कम से कम एक घंटे का अंतराल जरूर होना चाहिए। इन पेय पदार्थों में ऐसे यौगिक होते हैं जो शरीर में नॉन-हीम आयरन के अवशोषण में बाधा डालते हैं। इसके अलावा, कैल्शियम सप्लीमेंट्स को भी आयरन युक्त भोजन के समय से अलग रखना चाहिए।

किन लोगों को होती है आयरन की सबसे ज्यादा जरूरत?

आयरन की जरूरतें हर व्यक्ति के शरीर की बनावट और उसकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। कुछ खास वर्गों के लोगों को अपने आयरन इंटेक पर बहुत अधिक ध्यान देने की आवश्यकता होती है:

  • किशोर लड़कियां और ऐसी महिलाएं जिन्हें पीरियड्स के दौरान अत्यधिक ब्लीडिंग की समस्या होती है।
  • गर्भवती (Pregnant) और स्तनपान कराने वाली (Breastfeeding) महिलाएं।
  • शिशु और छोटे बच्चे, जिनका विकास तेजी से हो रहा हो।
  • शाकाहारी (Vegetarians) और वीगन (Vegans) लोग।
  • नियमित रूप से रक्तदान (Blood Donors) करने वाले और सहनशक्ति वाले एथलीट (Endurance Athletes)।

इसके अलावा, कुछ मेडिकल स्थितियां भी शरीर की आयरन सोखने की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं, जैसे कि सीलिएक रोग (Coeliac Disease), आंतों की सूजन से जुड़ी बीमारियां (IBD), एच. पाइलोरी संक्रमण, और लंबे समय तक एसिडिटी की दवाइयों का सेवन करना।

निष्कर्ष

रसोई के ये छह स्टेपल फूड्स बेहद स्वास्थ्यवर्धक हैं और आपके दैनिक पोषण में चार चांद लगा सकते हैं, लेकिन इन्हें किसी चमत्कारिक इलाज के रूप में देखना सही नहीं होगा। स्वस्थ जीवनशैली के लिए जरूरी है कि आप केवल विज्ञापनों या सोशल मीडिया के दावों पर आँख मूंदकर भरोसा न करें, बल्कि अपनी थाली को समझदारी से सजाएं। किसी भी प्रकार के नए डाइट प्लान या सप्लीमेंट रूटीन को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या प्रमाणित डाइटीशियन से परामर्श अवश्य करें।


डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध जानकारी और विशेषज्ञों से की गई बातचीत पर आधारित है। अपनी सेहत या किसी भी नई डाइट रूटीन को शुरू करने से पहले हमेशा अपने चिकित्सक या हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।

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काव्या त्रिपाठी

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Senior Editor

काव्या त्रिपाठी बिजनेस और टेक्नोलॉजी की जटिल दुनिया को सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। वे आर्थिक बदलाव, स्टार्टअप इकोसिस्...

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