Breaking
► शिक्षा का असली मतलब सिर्फ डिग्री नहीं: मोहन भागवत का बड़ा बयान ► जबलपुर नेशनल लोक अदालत: एक ही दिन में 10 हजार से ज्यादा मामलों का निपटारा, 65 करोड़ से अधिक के अवार्ड पारित ► बालाघाट में 30 आदिवासी बच्चों की मौत पर उबाल, अभिजीत दीपके बोले- सरकार जिम्मेदार ► ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन से विमान के स्क्रैप की चोरी, ट्रैक्टर से बाहर ले गए चोर ► भोपाल नेशनल लोक अदालत: एक दिन में 18 हजार से ज्यादा मामलों का निपटारा, 88 करोड़ के अवार्ड पारित ► हरतालिका तीज 2026: 13 या 14 सितंबर? जानिए व्रत की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि ► आतंकवाद पर कड़ा प्रहार, ब्रिक्स का दिल्ली डिक्लेरेशन 2026 जारी ► मायावती का मास्टरस्ट्रोक: आकाश आनंद बाहर, अब इस नई उत्तराधिकारी पर टिकी नजरें ► चन्दौली में बड़ा साइबर फ्रॉड भंडाफोड़: पूर्व बैंककर्मी समेत दो गिरफ्तार, 300 खातों की जांच शुरू ► आंखों पर पट्टी और चंद सेकंड में बप्पा की तस्वीर, काशी के इस कलाकार का हुनर हैरान कर देगा ► शिक्षा का असली मतलब सिर्फ डिग्री नहीं: मोहन भागवत का बड़ा बयान ► जबलपुर नेशनल लोक अदालत: एक ही दिन में 10 हजार से ज्यादा मामलों का निपटारा, 65 करोड़ से अधिक के अवार्ड पारित ► बालाघाट में 30 आदिवासी बच्चों की मौत पर उबाल, अभिजीत दीपके बोले- सरकार जिम्मेदार ► ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन से विमान के स्क्रैप की चोरी, ट्रैक्टर से बाहर ले गए चोर ► भोपाल नेशनल लोक अदालत: एक दिन में 18 हजार से ज्यादा मामलों का निपटारा, 88 करोड़ के अवार्ड पारित ► हरतालिका तीज 2026: 13 या 14 सितंबर? जानिए व्रत की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि ► आतंकवाद पर कड़ा प्रहार, ब्रिक्स का दिल्ली डिक्लेरेशन 2026 जारी ► मायावती का मास्टरस्ट्रोक: आकाश आनंद बाहर, अब इस नई उत्तराधिकारी पर टिकी नजरें ► चन्दौली में बड़ा साइबर फ्रॉड भंडाफोड़: पूर्व बैंककर्मी समेत दो गिरफ्तार, 300 खातों की जांच शुरू ► आंखों पर पट्टी और चंद सेकंड में बप्पा की तस्वीर, काशी के इस कलाकार का हुनर हैरान कर देगा

रायपुर प्रेस क्लब में इस बार कुछ हटकर सजेगा बप्पा का दरबार, 200 साल का सफर आएगा नजर

रायपुर प्रेस क्लब में इस बार कुछ हटकर सजेगा बप्पा का दरबार, 200 साल का सफर आएगा नजर

गणेशोत्सव के पावन दिनों की शुरुआत होते ही देश भर में आस्था और उल्लास का माहौल देखने को मिलता है। हर साल की तरह इस बार भी गणेश पंडालों की सजावट और उनकी थीम को लेकर लोगों में भारी उत्सुकता बनी हुई है। इस बीच, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बेहद अनूठी और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। इस वर्ष रायपुर प्रेस क्लब में विराजने वाले विघ्नहर्ता का दरबार बेहद खास और ऐतिहासिक थीम पर सजाया जा रहा है।

वर्ष 2026 भारतीय मीडिया जगत के लिए एक मील का पत्थर है। यह साल हिंदी पत्रकारिता के इतिहास के दो सौ वर्ष पूरे होने का गवाह बन रहा है। इसी ऐतिहासिक और गौरवशाली प्रसंग को केंद्र में रखते हुए इस बार रायपुर प्रेस क्लब का गणेशोत्सव पूरी तरह से हिंदी पत्रकारिता के दो सदियों के सफर को समर्पित होगा। पंडाल की भव्यता के साथ-साथ इसकी सजावट में कलम और जुबान के उस सफर की दास्तान होगी जिसने देश और समाज को एक नई दिशा दी है।

शुरुआती दौर से लेकर न्यू मीडिया तक की दिखेगी झलक

रायपुर प्रेस क्लब परिसर में स्थापित होने वाली भगवान गणेश की यह प्रतिमा और पूरा पंडाल इस बात का गवाह बनेगा कि कैसे हिंदी पत्रकारिता ने अपने शुरुआती और संघर्ष भरे दौर से निकलकर प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और आज के इस आधुनिक डिजिटल व न्यू मीडिया युग तक का सफर तय किया है। पंडाल की साज-सज्जा और कलाकृतियों के जरिए इस दो सौ साल लंबी यात्रा के हर महत्वपूर्ण पड़ाव को बेहद रचनात्मक और कलात्मक ढंग से प्रदर्शित किया जाएगा।

आयोजकों के मुताबिक, इस भव्य आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ी और मीडिया से जुड़े नए लोगों को यह याद दिलाना है कि हमारी पत्रकारिता की जड़ें कितनी गहरी और मजबूत हैं। पंडाल के भीतर विभिन्न कालखंडों के अखबारों, पत्र-पत्रिकाओं और तकनीकी बदलावों को विजुअल के माध्यम से दिखाया जाएगा, जो दर्शकों के लिए एक अनूठा अनुभव होगा।

कार्यकारिणी की बैठक में बनी भव्य आयोजन की रूपरेखा

इस बार के गणेशोत्सव को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए रायपुर प्रेस क्लब की कार्यकारिणी ने एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में उत्सव की रूपरेखा तैयार करते हुए कई अहम फैसले लिए गए। सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि गणेशोत्सव का स्वरूप पूरी तरह भव्य, अनुशासित और गरिमापूर्ण होगा।

उत्सव के दौरान प्रतिदिन प्रेस क्लब परिसर में भक्तिमय और आध्यात्मिक वातावरण रहेगा। सुबह और शाम की आरती के साथ-साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। मीडियाकर्मियों और उनके परिवारों के लिए यह आयोजन आपसी मेलजोल और भाईचारे का एक बड़ा मंच बनेगा।

महिला पत्रकारों की विशेष सहभागिता और अलग-अलग प्रकोष्ठों की जिम्मेदारी

इस आयोजन को और अधिक समावेशी बनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। प्रेस क्लब के अलग-अलग प्रकोष्ठों को अलग-अलग दिवस पर भगवान श्रीगणेश की सेवा, पूजा-अर्चना और संपूर्ण व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे हर सदस्य की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित होगी।

इसके साथ ही, महिला पत्रकार साथियों की विशेष सहभागिता इस उत्सव का मुख्य आकर्षण होगी। महिलाओं के जिम्मे एक विशेष दिन विशेष भोग और महाप्रसाद के आयोजन की कमान रहेगी। यह पहल प्रेस क्लब के भीतर आपसी सहयोग और एक परिवार की तरह रहने की भावना को और ज्यादा मजबूत करेगी।

अध्यक्ष मोहन तिवारी ने साझा किए विचार

इस पूरे आयोजन के संदर्भ में रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 हम सभी के लिए बेहद खास है क्योंकि इस साल हिंदी पत्रकारिता अपने गौरवशाली 200 वर्ष पूरे कर रही है। रायपुर प्रेस क्लब इस ऐतिहासिक पड़ाव को पूरे साल अलग-अलग और अनूठे आयोजनों के माध्यम से एक उत्सव के रूप में मना रहा है।

"भगवान गणेश बुद्धि, विवेक, और हर नए काम के शुभारंभ के प्रतीक माने जाते हैं। दूसरी ओर, पत्रकारिता भी समाज को जागरूक करने, सच को सबके सामने लाने और लोकतंत्र के स्तंभ को मजबूत करने का अहम माध्यम है। इसलिए हमने इस बार के गणेशोत्सव को पत्रकारिता की इस महान विरासत से जोड़ा है। यह केवल एक धार्मिक आस्था का उत्सव नहीं है, बल्कि हमारी एकजुटता और नई पीढ़ी को इतिहास से रूबरू कराने का अवसर है।" - मोहन तिवारी, अध्यक्ष, रायपुर प्रेस क्लब

पत्रकारिता की विरासत और वर्तमान का अनूठा संगम

आज के दौर में जब मीडिया का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और सूचनाएं एक क्लिक पर उपलब्ध हैं, ऐसे में अपने इतिहास को याद रखना बेहद जरूरी हो जाता है। रायपुर प्रेस क्लब की यह पहल न केवल सराहनीय है, बल्कि यह मीडिया जगत में एक नया संदेश भी दे रही है कि कैसे आधुनिक आयोजनों के साथ अपनी जड़ों और संस्कृति को जोड़ा जा सकता है।

बैठक में अध्यक्ष मोहन तिवारी के अलावा महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कार्यकारिणी सदस्य संदीप पुराणिक सहित प्रेस क्लब के तमाम वरिष्ठ और युवा पत्रकार उपस्थित रहे। सभी की मौजूदगी और उत्साह यह साफ जाहिर कर रहा है कि इस साल का गणेशोत्सव रायपुर में एक मिसाल कायम करने वाला है। पंडाल के कपाट खुलते ही पत्रकारों के साथ-साथ आम जनता के लिए भी यह एक मुख्य आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है, जहां बप्पा के आशीर्वाद के साथ-साथ हिंदी पत्रकारिता के स्वर्णिम इतिहास के दर्शन भी होंगे।

About the Author

रोली सिंह

रोली सिंह

Writer (स्थानीय खबरें)

रोली सिंह पिछले 2 सालों से पत्रकारिता और न्यूज़ रिपोर्टिंग से जुड़ी हैं। वह लोकल न्यूज़ और लोगों से जुड़े मुद्दों को पढ़ने वालों तक पहुंचाने का काम...

Read More