उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद हैरान और डराने वाली खबर सामने आई है। लखनऊ के व्यस्त चरक चौराहे पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब कांवड़ियों के एक गुट ने स्कूली बच्चों से भरी वैन पर पथराव कर दिया। मामूली सी बात पर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि कांवड़ियों ने आपा खो दिया और गाड़ी के शीशे तोड़ डाले।
मामूली सी टक्कर और सड़क पर तांडव
मिली जानकारी के मुताबिक, सुबह के समय एक स्कूल वैन बच्चों को लेकर जा रही थी। चरक चौराहे के पास वैन और कांवड़ियों की एक मोटरसाइकिल के बीच हल्की सी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी मामूली थी कि बड़ा नुकसान नहीं हुआ था, लेकिन बाइक सवार कांवड़िए उग्र हो गए।
देखते ही देखते वहां और भी कांवड़िए जुट गए और वैन चालक से कहासुनी करने लगे। ड्राइवर ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन गुस्से में लाल कांवड़ियों ने कुछ भी सुनने से इनकार कर दिया और सड़क किनारे से ईंट-पत्थर उठाकर गाड़ी पर चलाने शुरू कर दिए।
चीखते-चिल्लाते रहे मासूम बच्चे
- पथराव की इस अचानक हुई घटना से वैन में बैठे छोटे-छोटे बच्चे बुरी तरह सहम गए। पत्थरों की चोट से वैन की खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए। गाड़ियों के टूटते शीशे और बाहर मचे उपद्रव से वैन के भीतर मासूम बच्चे खौफ में आ गए और रोने-चिल्लाने लगे।घटना स्थल: चरक चौराहा, चौक क्षेत्र, लखनऊ
- मुख्य कारण: वैन और मोटरसाइकिल में मामूली कहासुनी
- प्रभाव: वैन के शीशे टूटे, बच्चे बेहद दहशत में आए
भीड़ जुटते ही मौके से रफूचक्कर हुए उपद्रवी
जब चौराहे पर मौजूद राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों ने बच्चों की चीख-पुकार सुनी, तो वे तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों का विरोध और भारी भीड़ जुटती देख पथराव कर रहे कांवड़िए अपनी गाड़ियों से मौके से फरार हो गए।
'स्थानीय नागरिकों ने तुरंत वैन में फंसे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें शांत कराया। गनीमत यह रही कि किसी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन घटना का खौफ उनके चेहरों पर साफ दिख रहा था।'
सुरक्षा और पुलिसिया कार्रवाई पर उठे सवाल
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस अब आसपास की दुकानों और चौराहों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हुड़दंग मचाने वाले कांवड़ियों की पहचान की जा सके और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन राजधानी के प्रमुख चौराहे पर दिनदहाड़े स्कूली बच्चों के साथ हुई इस घटना ने सुरक्षा प्रबंधों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों में इस घटना को लेकर खासा आक्रोश है।