मध्य प्रदेश में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और 'वोट चोरी' के गंभीर आरोपों को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपने आंदोलन की धार तेज कर दी है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के निर्देशानुसार प्रदेशभर में दो महीने के 'वोट बचाओ-देश बचाओ' अभियान का खाका तैयार किया गया है। इसके तहत ब्लॉक स्तर से लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक विरोध प्रदर्शन, पदयात्राएं, जनसंपर्क चौपाल और रैलियां आयोजित की जाएंगी। अभियान के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी विरोध दर्ज कराते हुए पुतला दहन का कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है।
ब्लॉक स्तर पर मार्च और विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा
कांग्रेस के तय रोडमैप के अनुसार, दशहरे के पावन पर्व के दौरान सार्वजनिक सभाओं में पार्टी कार्यकर्ता और विभिन्न फ्रंटल संगठनों के स्वयंसेवक 'वोट चोरी' के आरोपों से जुड़े पर्चे जनता के बीच बांटेंगे। इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों द्वारा महात्मा गांधी या डॉ. बीआर आंबेडकर की मूर्तियों से लेकर एसडीएम कार्यालय या स्थानीय प्रशासनिक मुख्यालय तक पदयात्रा, साइकिल रैली और बाइक रैली निकाली जाएगी।
इन मार्च और प्रदर्शनों के समापन पर संविधान के अनुच्छेद 326 का पाठ किया जाएगा, राष्ट्रगान गाया जाएगा और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले का दहन किया जाएगा। हालांकि, पार्टी हलकों स्पष्ट किया गया है कि दशहरे पर रावण के वध के पारंपरिक अनुष्ठान के स्थान पर पुतला जलाने का कोई निर्देश आधिकारिक परिपत्र में नहीं है, बल्कि यह विरोध प्रदर्शन ब्लॉक स्तर पर 20 अक्टूबर तक प्रस्तावित मार्च के समापन का हिस्सा है।
गांव-गांव चौपाल और बीएलए के जरिए सत्यापन
अभियान के अगले चरण में 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक 'वोट बचाओ-देश बचाओ चौपाल' का आयोजन किया जाएगा। इस चरण की शुरुआत प्रदेश और जिला मुख्यालयों पर आयोजित होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस से होगी। इसके बाद जिला स्तर पर समन्वय बैठकें और ब्लॉक स्तर पर बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) के साथ विशेष बैठकें बुलाई जाएंगी।
इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य बीएलए द्वारा मतदाता सूचियों का जमीनी स्तर पर सत्यापन कराना है। जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने या प्रविष्टियों में किसी भी तरह की हेरफेर की आशंका है, उनका सटीक रिकॉर्ड जुटाया जाएगा। गांवों और वार्डों में चौपाल लगाकर जनता को इन गड़बड़ियों के प्रति जागरूक किया जाएगा और उनके अधिकार समझाए जाएंगे।
एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की राष्ट्रीय रैली
राज्य स्तर के विरोध प्रदर्शनों के बाद इस मुहिम को राष्ट्रीय मंच देने की तैयारी है। एक नवंबर को नई दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों के समन्वय से एक बड़ी राष्ट्रीय रैली का आयोजन किया जाएगा। इस रैली में देश भर के सांसदों, विधायकों, प्रदेश और जिला स्तर के पदाधिकारियों के साथ-साथ जमीनी कार्यकर्ताओं को बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया गया है। कांग्रेस इस मंच के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से जुड़ी अपनी चिंताओं को देश के सामने रखेगी।
संविधान दिवस पर 'दिल्ली चलो' आंदोलन और ग्वालियर से रवानगी
इस व्यापक अभियान के अंतिम चरण में 25 और 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर 'दिल्ली चलो' कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मध्य प्रदेश के कांग्रेस कार्यकर्ता 25 नवंबर को विशेष रूप से ग्वालियर शहर में एकत्रित होंगे और अगले दिन यानी 26 नवंबर को वाहनों के लंबे काफिले के साथ दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश, जिला और ब्लॉक इकाइयों से इस यात्रा के लिए वाहनों की संख्या, यात्रियों की सूची और रूट कैप्टनों का विस्तृत विवरण पहले ही मांग लिया है। इस पूरे दो महीने के अभियान की सुचारू निगरानी के लिए एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष और AICC कनेक्ट सेंटर को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो हर गतिविधि पर नजर रखेगा।