बरेली जंक्शन पर जोखिम भरी ड्यूटी कर रहीं महिला रेलकर्मियों की समस्या का त्वरित समाधान हो गया है। मीडिया में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आया और महज एक दिन के भीतर पंप नंबर-5 तक पहुंचने का रास्ता सुरक्षित कर दिया गया। अब कर्मचारियों को अपनी जान जोखिम में डालकर चारदीवारी फांदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
बरेली जंक्शन के मुरादाबाद छोर पर न्यू वाशिंग लाइन के पास इलेक्ट्रिकल विभाग का पंप नंबर-5 स्थित है। इसी पंप के जरिए वाशिंग लाइन में पानी की आपूर्ति की जाती है, जिसके संचालन के लिए कर्मचारियों को लगातार आना-जाना पड़ता है। इलेक्ट्रिकल विभाग के कार्यालय से लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित इस पंप तक पहुंचने के लिए कर्मचारियों को रेलवे यार्ड पार करना पड़ता था। पंप के मुख्य गेट के आसपास सिर की ऊंचाई तक घनी झाड़ियां उगी हुई थीं, जिससे सांप और बिच्छू जैसे जहरीले जीवों का लगातार खतरा बना रहता था। इस गंभीर जोखिम के चलते महिला कर्मचारियों को मजबूरन चारदीवारी फांदकर अंदर जाना पड़ता था। इलेक्ट्रिकल विभाग में तैनात आठ महिला कर्मियों को इस परेशानी का सबसे ज्यादा सामना करना पड़ रहा था।
अधिकारियों के निरीक्षण के बाद त्वरित कार्रवाई
मुरादाबाद रेल मंडल के सीनियर डीसीएम महेश यादव के निर्देश मिलने के बाद, सीएमआई सैयद इमरान ने अपने स्टाफ के साथ सोमवार सुबह पंप परिसर का निरीक्षण किया। उनके साथ इलेक्ट्रिकल विभाग के सीनियर सेक्शन इंजीनियर कमलेश उपाध्याय भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद इंजीनियरिंग विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर तत्काल प्रभाव से सुधार कार्य शुरू कराया गया।
चारदीवारी हटाकर बनाया गया नया पाथवे
निरीक्षण के तुरंत बाद प्रशासनिक स्तर पर कदम उठाते हुए पंप भवन के आसपास फैली घनी झाड़ियों को पूरी तरह साफ करा दिया गया, जिससे परिसर का रास्ता साफ हो गया। इसके अलावा, सुरक्षा और सुगमता को ध्यान में रखते हुए चारदीवारी के एक हिस्से को हटाकर स्टेशन की ओर से आने वाले पाथवे के पास नया प्रवेश द्वार बना दिया गया। इस बदलाव से अब कर्मचारियों को बिना किसी बाधा या खतरे के सुरक्षित तरीके से ड्यूटी पर पहुंचने की सुविधा मिल गई है। व्यवस्था में हुए इस सुधार के बाद महिला कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है।