मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। मानसून की आधिकारिक विदाई के बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और आंधी का दौर बना हुआ है। मौसम विभाग ने राज्य के 21 जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और हल्की बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
बुधवार को जारी इस चेतावनी के दायरे में आने वाले जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की भी संभावना है। हालांकि इसके विपरीत राजधानी भोपाल और उसके आसपास के इलाकों में मौसम साफ रहने तथा दिन में तेज धूप खिलने का अनुमान जताया गया है।
किन 21 जिलों में जारी हुआ येलो अलर्ट?
मौसम विज्ञान केंद्र के आधिकारिक आंकड़ों और पूर्वानुमान के अनुसार, जिन 21 जिलों में मौसम में बदलाव की संभावना है उनमें छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, देवास, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, धार, इंदौर, शाजापुर, झाबुआ, रतलाम, उज्जैन, राजगढ़, गुना, आगर-मालवा और मंदसौर शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों में स्थानीय मौसम परिस्थितियों और दो सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से आंधी-तूफान के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं।
राजधानी भोपाल और आसपास के क्षेत्रों का हाल
राज्य की राजधानी भोपाल में मौसम साफ रहने के पूरे आसार हैं। दिन के समय खिली हुई धूप की वजह से हल्की गर्मी महसूस हो सकती है, लेकिन शाम ढलते ही तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को गुलाबी ठंड का अहसास होगा। भोपाल के अलावा सीहोर, विदिशा, रायसेन और सागर जिलों में भी फिलहाल मौसम के साफ बने रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है।
मौसम में बदलाव के पीछे की वजह
विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय मध्य प्रदेश के मौसम को मुख्य रूप से दो प्रणालियां प्रभावित कर रही हैं। इनमें से एक प्रणाली दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में बना कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) है, जबकि दूसरी प्रणाली पंजाब और हिमाचल प्रदेश के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) है। इन दोनों के मिले-जुले प्रभाव से प्रदेश के मध्य-पश्चिमी हिस्सों में नमी आ रही है, जिससे बादलों की आवाजाही और कुछ चुनिंदा स्थानों पर बारिश की स्थिति बन रही है।
पचमढ़ी में सबसे कम और रतलाम में रहा सबसे अधिक तापमान
बीते 24 घंटों के दौरान दर्ज किए गए तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 36.0 डिग्री सेल्सियस रतलाम जिले में रिकॉर्ड किया गया। वहीं दूसरी ओर, हिल स्टेशन के रूप में पहचाने जाने वाले पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे सर्द स्थान रहा। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव मध्य-पश्चिमी मध्य प्रदेश में बना रह सकता है, जिसके चलते तापमान में उतार-चढ़ाव और हल्की बारिश का सिलसिला कुछ समय तक जारी रहने की संभावना है।