विदेशी निवेशकों की पहली पसंद बना महाराष्ट्र, FDI के आंकड़ों में इन राज्यों ने मारी बाजी
Breaking
► विदेशी निवेशकों की पहली पसंद बना महाराष्ट्र, FDI के आंकड़ों में इन राज्यों ने मारी बाजी ► घोसी उपचुनाव का सियासी रण: बसपा ने अजय जायसवाल पर लगाया दांव, जानिए समीकरण ► बंगाल में SIR की 37 लाख अपीलें लंबित, चुनाव आयोग की बढ़ी चिंता ► साड़ी पहनकर दिल्ली की सड़कों पर उतरी महिला बाइकर, पुरुषों ने जो किया उसने जीत लिया सबका दिल ► बीवी से दिन में बोलें 'लव यू', कानपुर में असदुद्दीन ओवैसी का दिखा अनोखा अंदाज ► रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि देने वाले बनें युवा: सीएम योगी का बड़ा संदेश ► राहुल गांधी के कार्यक्रम पर अनुराग ठाकुर का तीखा हमला, कांग्रेस के संस्कारों पर उठाए गंभीर सवाल ► यूपी चुनाव से पहले इमरान मसूद की दो टूक, गठबंधन पर जल्द हो फैसला ► Asian Games 2026: सुचिका तरियाल का ऐतिहासिक ब्रॉन्ज और शूटिंग में चमके भारतीय निशानेबाज ► लालबाग के राजा के पास बड़ा हादसा: करंट से 8 साल की बच्ची समेत 2 की मौत ► विदेशी निवेशकों की पहली पसंद बना महाराष्ट्र, FDI के आंकड़ों में इन राज्यों ने मारी बाजी ► घोसी उपचुनाव का सियासी रण: बसपा ने अजय जायसवाल पर लगाया दांव, जानिए समीकरण ► बंगाल में SIR की 37 लाख अपीलें लंबित, चुनाव आयोग की बढ़ी चिंता ► साड़ी पहनकर दिल्ली की सड़कों पर उतरी महिला बाइकर, पुरुषों ने जो किया उसने जीत लिया सबका दिल ► बीवी से दिन में बोलें 'लव यू', कानपुर में असदुद्दीन ओवैसी का दिखा अनोखा अंदाज ► रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि देने वाले बनें युवा: सीएम योगी का बड़ा संदेश ► राहुल गांधी के कार्यक्रम पर अनुराग ठाकुर का तीखा हमला, कांग्रेस के संस्कारों पर उठाए गंभीर सवाल ► यूपी चुनाव से पहले इमरान मसूद की दो टूक, गठबंधन पर जल्द हो फैसला ► Asian Games 2026: सुचिका तरियाल का ऐतिहासिक ब्रॉन्ज और शूटिंग में चमके भारतीय निशानेबाज ► लालबाग के राजा के पास बड़ा हादसा: करंट से 8 साल की बच्ची समेत 2 की मौत

विदेशी निवेशकों की पहली पसंद बना महाराष्ट्र, FDI के आंकड़ों में इन राज्यों ने मारी बाजी

विदेशी निवेशकों की पहली पसंद बना महाराष्ट्र, FDI के आंकड़ों में इन राज्यों ने मारी बाजी

भारतीय अर्थव्यवस्था ग्लोबल इन्वेस्टर्स के बीच लगातार एक मजबूत और भरोसेमंद गंतव्य के रूप में उभर रही है। हाल ही में जारी किए गए विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) के आंकड़ों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि देश के कुछ चुनिंदा राज्य विदेशी पूंजी को आकर्षित करने में सबसे आगे हैं। जनवरी 2000 से लेकर मार्च 2026 तक के आधिकारिक आंकड़ों पर अगर नजर डाली जाए, तो यह साफ हो जाता है कि भारत में आने वाले कुल FDI इक्विटी इनफ्लो का एक बहुत बड़ा हिस्सा देश के चुनिंदा औद्योगिक राज्यों की झोली में गया है।

महाराष्ट्र ने फिर साबित किया अपना दबदबा

आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2000 से मार्च 2026 की अवधि के दौरान भारत में कुल FDI इक्विटी इनफ्लो का लगभग 82 प्रतिशत हिस्सा देश के सिर्फ छह प्रमुख राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में केंद्रित रहा है। इन सभी राज्यों में महाराष्ट्र ने सबसे ऊंची छलांग लगाते हुए बाजी मारी है। महाराष्ट्र की कुल हिस्सेदारी इस पूरे दौर में 30.15 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो इसे देश का निर्विवादित आर्थिक पावरहाउस बनाता है।

मुंबई की वित्तीय राजधानी होने का तमगा और राज्य सरकार की तरफ से औद्योगिक नीतियों में दी जा रही सहूलियतों ने विदेशी निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत किया है। ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग, आईटी और फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे सेक्टरों में महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा विदेशी पूंजी का प्रवाह देखने को मिला है।

कर्नाटक और गुजरात की स्थिति कितनी मजबूत?

महाराष्ट्र के बाद देश के जिन अन्य राज्यों ने विदेशी निवेशकों को सबसे ज्यादा आकर्षित किया है, उनमें कर्नाटक और गुजरात का नाम प्रमुखता से आता है।

  • कर्नाटक: देश की सिलिकॉन वैली के रूप में मशहूर बेंगलुरु और उसके आसपास का क्षेत्र तकनीकी और स्टार्टअप हब होने के नाते विदेशी निवेशकों की पसंद बना हुआ है।
  • गुजरात: वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलनों और विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे (जैसे गिफ्ट सिटी और पोर्ट कनेक्टिविटी) के दम पर गुजरात ने भी FDI के मामले में अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन राज्यों में इज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) के मोर्चे पर लगातार हो रहे सुधारों और बेहतर लॉजिस्टिक्स ने निवेशकों के लिए राह बेहद आसान कर दी है।

छह राज्यों में सिमटा 82% निवेश: क्या कहते हैं आर्थिक विशेषज्ञ?

आंकड़ों का यह विश्लेषण एक महत्वपूर्ण आर्थिक प्रवृत्ति की ओर इशारा करता है कि देश में आने वाले कुल विदेशी निवेश का बड़ा हिस्सा कुछ चुनिंदा राज्यों तक ही सीमित है। दिल्ली, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य भी इस टॉप-6 की सूची में शामिल हैं, जो कुल मिलाकर 82 फीसदी हिस्सेदारी का आंकड़ा पूरा करते हैं।

अर्थशास्त्रियों का तर्क है कि जिन राज्यों के पास मजबूत शहरी बुनियादी ढांचा, कुशल मानव संसाधन और बेहतर बंदरगाह या एयरपोर्ट कनेक्टिविटी है, वहां विदेशी कंपनियां तेजी से निवेश करती हैं। हालांकि, नीति निर्माताओं के सामने यह एक बड़ी चुनौती भी है कि देश के बाकी हिस्सों तक भी इस निवेश के दायरे को कैसे फैलाया जाए।

साल 2026 तक का सफर और भविष्य की संभावनाएं

साल 2000 की शुरुआत से लेकर मार्च 2026 तक का यह सफर इस बात का गवाह है कि भारत की आर्थिक नीतियों में आए बदलावों ने ग्लोबल कम्युनिटी का विश्वास जीता है। मेक इन इंडिया और विभिन्न प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजनाओं ने इन राज्यों में औद्योगिक गतिविधियों को और अधिक गति दी है।

महाराष्ट्र का शीर्ष पर बने रहना यह दर्शाता है कि दीर्घकालिक नीतियां और मजबूत वित्तीय इकोसिस्टम किस प्रकार किसी राज्य की तकदीर बदल सकते हैं। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अन्य राज्य इन स्थापित दिग्गजों को कड़ी टक्कर दे पाते हैं या नहीं।

About the Author

रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

Writer (स्थानीय खबरें)

रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

Read More

ज़रूर पढ़ें (You May Also Like)

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →