राजनीति के गलियारों में हमेशा तीखे भाषण, आरोप-प्रत्यारोप और राजनीतिक दलों के बीच घमासान देखने को मिलता है। नेताजी लोग मंच से अक्सर सरकार को घेरते नजर आते हैं, जनता के मुद्दों पर लंबी-चौड़ी बहस होती है और चुनावी मौसम में माहौल पूरी तरह गरमाया रहता है। लेकिन, 21 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में कुछ ऐसा देखने को मिला, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी एक जनसभा के दौरान ऐसा बयान दिया कि वहां मौजूद लोग हैरान भी हुए और ठहाके लगाने से खुद को रोक नहीं पाए।
अपने आक्रामक और बेबाक भाषणों के लिए मशहूर असदुद्दीन ओवैसी इस बार एक अलग ही भूमिका में नजर आए। कानपुर की धरती से उन्होंने राजनीतिक मंच को 'लव गुरु' की क्लास में बदल दिया। उन्होंने वहां मौजूद पुरुषों को घरेलू जीवन को लेकर एक बेहद दिलचस्प और अनोखा मंत्र दिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और हर तरफ इसकी चर्चा हो रही है।
कानपुर की रैली में दिखा ओवैसी का 'लव गुरु' अवतार
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट के बीच सभी राजनीतिक दल अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं। इसी कड़ी में AIMIM सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी कानपुर पहुंचे थे। पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने और जनता को साधने के लिए आयोजित इस रैली में ओवैसी ने अपने चिर-परिचित अंदाज में सरकार और विरोधी दलों पर सियासी तीर तो चलाए ही, साथ ही पारिवारिक जीवन और रिश्तों की मिठास पर भी खुलकर बात की।
भाषण के दौरान ओवैसी ने अचानक पारिवारिक और सामाजिक जीवन का जिक्र छेड़ दिया। उन्होंने वहां मौजूद लोगों, खासकर पुरुषों को संबोधित करते हुए एक ऐसी सलाह दी, जिसे सुनकर पूरा पंडाल हंस पड़ा। ओवैसी ने लोगों से कहा कि वे अपने वैवाहिक जीवन में थोड़ा रोमांस और प्यार शामिल करें।
"घर जाओ तो अपनी बीवी से दिन में दो-चार बार 'लव यू' जरूर बोलो। इससे घर में सुकून रहेगा और रिश्ते मजबूत होंगे।" — असदुद्दीन ओवैसी
ओवैसी का यह बयान सामने आते ही वहां मौजूद समर्थकों ने तालियां बजाकर इसका स्वागत किया। राजनीतिक मंच से इस तरह की बात सुनना अपने आप में एक अलग अनुभव था, क्योंकि आमतौर पर ऐसे मंचों से राजनीति, महंगाई, बेरोजगारी या धर्म-जाति की बातें ही सुनने को मिलती हैं।
घरेलू रिश्तों पर क्यों बोले AIMIM प्रमुख?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ओवैसी ने यह बात हल्के-फुल्के अंदाज में जनता के साथ एक व्यक्तिगत और भावनात्मक जुड़ाव बनाने के लिए कही। अक्सर चुनावी रैलियों में नेता जनता को लुभाने के लिए बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन जब कोई नेता पारिवारिक जीवन के छोटे-छोटे लेकिन अहम पहलुओं पर बात करता है, तो आम जनता उससे खुद को ज्यादा जुड़ा हुआ महसूस करती है।
ओवैसी ने आगे कहा कि इंसान बाहर की दुनिया की परेशानियों से जूझते-जूझते थक जाता है। ऐसे में अगर घर का माहौल शांत और खुशहाल हो, तो आधी परेशानियां खुद-ब-खुद खत्म हो जाती हैं। उन्होंने पतियों को सलाह दी कि वे कामकाज के तनाव को घर पर न थोपें और अपने जीवनसाथी के साथ प्यार से पेश आएं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना बयान
जैसे ही ओवैसी का यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आया, यह जंगल की आग की तरह फैल गया। यूजर्स इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे चुनावी स्टंट बता रहे हैं, तो वहीं कई लोग इसे ओवैसी का एक अनूठा और मानवीय पहलू मान रहे हैं। विपक्षी दलों के नेता भी इस बयान पर चुटकी लेते नजर आ रहे हैं, लेकिन आम जनता के बीच यह चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गया है।
कानपुर की इस रैली में दिए गए इस बयान ने साबित कर दिया कि राजनीति में अब केवल गंभीर मुद्दों से काम नहीं चलता, बल्कि बीच-बीच में ऐसे हल्के-फुल्के और अप्रत्याशित पल भी सामने आते हैं जो जनता का ध्यान खींचने में कामयाब रहते हैं। बहरहाल, ओवैसी का यह 'लव गुरु' अवतार कितना राजनीतिक लाभ पहुंचाएगा, यह तो आने वाला वक्त बताएगा, लेकिन फिलहाल लोग उनके इस अंदाज की खूब चर्चा कर रहे हैं।
यूपी चुनाव 2027 की सरगर्मी तेज
इस पूरी घटना के पीछे का मुख्य राजनीतिक संदर्भ उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव हैं। AIMIM राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। पार्टी लगातार रैलियां कर रही है और समाजवादी पार्टी समेत अन्य दलों पर निशाना साध रही है। ऐसे में ओवैसी का यह अनोखा अंदाज मतदाताओं के बीच कितनी जगह बना पाता है, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।
राजनीति के इस खेल में कब क्या नया देखने को मिल जाए, यह कोई नहीं जानता। कानपुर की इस रैली ने यह तो साफ कर दिया कि ओवैसी सिर्फ चुनावी गणित ही नहीं जानते, बल्कि जनता के दिलों की नब्ज को कैसे टटोला जाता है, यह भी अच्छी तरह समझते हैं।