मध्य प्रदेश के मंडला जिले से एक दिल दहला देने वाली बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले के नैनपुर थाना अंतर्गत आने वाले हीरापुर गांव में गणेश विसर्जन के ठीक बाद एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके में मातम पसर दिया है। पंडाल में चैन की नींद सो रहे युवाओं पर आफत बनकर बिजली का तार टूटकर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण हादसे में तीन अन्य युवक गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है।
गणेश विसर्जन के बाद सो रहे थे युवक
मिली जानकारी के अनुसार, हीरापुर गांव में गणेशोत्सव का माहौल था। विसर्जन की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद स्थानीय युवा थक-हारकर गणेश मंच के पंडाल में ही सोए हुए थे। किसी को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही घंटों में यह उत्सव मातम में बदल जाएगा। शनिवार सुबह करीब 5 बजे का वक्त था, जब सब गहरी नींद में थे। इसी दौरान अचानक पंडाल के पास लगे बिजली के खंभे से ट्रांसफार्मर और मीटर के पास का मुख्य तार टूटकर सीधे नीचे पंडाल पर आ गिरा।
तार गिरते ही पूरे पंडाल में करंट प्रवाहित हो गया। चूंकि पंडाल में मौजूद लोग जमीन पर या मंच पर सो रहे थे, इसलिए उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। करंट का झटका इतना तेज था कि चार युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हादसे में जान गंवाने वाले और घायल युवक
इस अप्रत्याशित हादसे ने चार परिवारों के चिराग बुझा दिए हैं। प्रशासन द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, मृतकों की पहचान इस प्रकार की गई है:
- जैनू भांवरे (उम्र 19 वर्ष)
- रवि झारिया (उम्र 24 वर्ष)
- कृष्ण कुमार भांवरे (उम्र 18 वर्ष)
- वीरेंद्र भांवरे (उम्र 24 वर्ष)
इन चारों की मौके पर ही करंट लगने से मौत हो गई। वहीं, हादसे के वक्त पंडाल में 7 से 8 लोग मौजूद थे। अन्य तीन युवक भी इसकी चपेट में आए, जिनमें से एक गंभीर रूप से घायल प्रियांशु को तुरंत बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है।
प्रशासन और बिजली विभाग पर उठे सवाल
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अमला और बिजली कंपनी के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए। नैनपुर के एसडीएम आशुतोष ठाकुर ने स्थिति का जायजा लिया और राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि तार टूटने के पीछे क्या कोई लापरवाही थी या यह एक है प्राकृतिक दुर्घटना थी।
ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि रिहायशी और सार्वजनिक आयोजनों के पास जर्जर या कमजोर बिजली के तार क्यों छोड़े जाते हैं। त्योहारों के सीजन में इस तरह की लापरवाही कई बार बड़े हादसों का सबब बन जाती है।
त्योहारों के बीच बरती जाने वाली सावधानियां
यह दुर्घटना देश भर के आयोजकों और आम नागरिकों के लिए एक बड़ा सबक है। सार्वजनिक पंडालों, विशेषकर जहां टेंट और अस्थायी मंच बनाए जाते हैं, वहां बिजली के कनेक्शन और तारों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
- पंडाल या मंच के ऊपर से कभी भी हाई-वोल्टेज या मुख्य बिजली की लाइनें नहीं गुजरनी चाहिए।
- त्योहार के दौरान अस्थायी वायरिंग की समय-समय पर जांच किसी योग्य इलेक्ट्रीशियन से करानी चाहिए।
- सुरक्षा की दृष्टि से अर्थिंग और सर्किट ब्रेकर (MCB/RCCB) का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से करना चाहिए ताकि करंट फैलने से पहले ही बिजली स्वतः कट जाए।
फिलहाल, हीरापुर गांव में इस घटना के बाद मातम छाया हुआ है। चारों तरफ रोने-बिलखने की आवाजें आ रही हैं। एक तरफ जहां गणेशोत्सव की विदाई का गम था, वहीं इस अनहोनी ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस और प्रशासन मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच में जुटे हुए हैं।