देश के यशस्वी प्रधानमंत्री और वाराणसी के लोकप्रिय सांसद नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को इस बार देश भर में एक अलग ही अंदाज में सेवा पखवाड़े के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सामाजिक सरोकार और जनसेवा से जुड़े कई कार्यक्रमों की श्रृंखला देखने को मिली। कार्यक्रमों के इसी सिलसिले में उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन समन्वय मंत्री अनिल राजभर ने खुद आगे बढ़कर एक अनूठी मिसाल पेश की और सामूहिक रक्तदान शिविर में हिस्सा लिया।
चांदमारी में आयोजित हुआ विशेष रक्तदान शिविर
वाराणसी के चांदमारी क्षेत्र स्थित मेडिस्योर एवं भगवान बुद्धा चेरिटेबल ब्लड सेंटर के प्रांगण में एक विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया था। रिंग रोड ओवरब्रिज के पास आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज में रक्तदान के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करना और जरूरतमंदों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना था। प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने इस शिविर में न सिर्फ बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की, बल्कि खुद स्वेच्छा से रक्तदान कर समाज को एक मजबूत संदेश दिया।
मंत्री द्वारा खुद रक्तदान किए जाने के बाद वहां मौजूद युवाओं और स्थानीय कार्यकर्ताओं में गजब का उत्साह देखने को मिला। चिकित्सा जगत से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के जन प्रतिनिधियों के आगे आने से समाज के आम नागरिकों पर गहरा प्रभाव पड़ता है और लोग रक्तदान से जुड़े डर को आसानी से पार कर लेते हैं।
रक्तदान से बड़ा कोई मानवीय सेवा कार्य नहीं: अनिल राजभर
रक्तदान करने के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि मानव जीवन अनमोल है और इसे बचाने का मार्ग कई बार रक्त की एक-एक बूंद से होकर गुजरता है। उन्होंने कहा, "रक्तदान से किसी जरूरतमंद व्यक्ति का बहुमूल्य जीवन बचाया जा सकता है। चिकित्सा विज्ञान में आज भी रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं तैयार किया जा सका है, इसलिए इंसानी रक्त की जरूरत को केवल इंसान ही पूरा कर सकता है। इस धरती पर रक्तदान से बड़ा कोई मानवीय सेवा कार्य नहीं हो सकता है।"
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा जीवन राष्ट्र सेवा और जन कल्याण के लिए समर्पित रहा है। उनके जन्मदिन को महज उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण के पर्व के रूप में मनाना ही उनके प्रति सच्ची कृतज्ञता व्यक्त करना है।
रक्तदाताओं का बढ़ाया हौसला और बांटे फल
शिविर के दौरान मंत्री अनिल राजभर ने एक-एक रक्तदाता के पास जाकर उनका हालचाल जाना और इस पुनीत कार्य में अपनी भागीदारी निभाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जो लोग स्वैच्छिक रक्तदान करते हैं, वे वस्तुतः समाज के असली नायक हैं जो बिना किसी स्वार्थ के किसी अनजान व्यक्ति की जिंदगी बचाने का जरिया बनते हैं।
रक्तदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंत्री महोदय ने शिविर में मौजूद मरीजों और आम जनता के बीच अपने हाथों से फलों का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और यशस्वी जीवन की कामना के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने आह्वान किया कि देश और समाज के उत्थान के लिए समाज के प्रत्येक सक्षम नागरिक को अपनी क्षमता के अनुसार आगे आना चाहिए और ऐसे जनहित के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।
चिकित्सकीय मानकों का रखा गया पूरा ध्यान
इस रक्तदान शिविर की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें पूरी तरह से सुरक्षा और चिकित्सकीय मानकों का पालन किया गया। ब्लड सेंटर की वरिष्ठ चिकित्सकीय टीम और प्रशिक्षित कर्मचारियों ने शिविर में पहुंचे हर एक रक्तदाता की आवश्यक स्वास्थ्य जांच की। रक्तचाप, हीमोग्लोबिन और अन्य प्राथमिक जांचों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही योग्य दाताओं से सुरक्षित तरीके से रक्त संग्रह किया गया।
ब्लड बैंक के विशेषज्ञों ने बताया कि आज के समय में दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों और सर्जरी के दौरान रक्त की मांग बहुत अधिक बढ़ जाती है। ऐसे में इस तरह के शिविरों के आयोजन से ब्लड बैंकों में रक्त का स्टॉक मेंटेन रहता है, जिससे समय पर किसी की जान बचाना मुमकिन हो पाता है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की रही भारी मौजूदगी
प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर आयोजित इस सेवा कार्य में वाराणसी के तमाम सामाजिक कार्यकर्ता, स्थानीय गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। पूरा माहौल सेवा भाव से सराबोर नजर आया। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी ऐसे आयोजनों से जुड़ते रहेंगे और समाज के कमजोर तथा जरूरतमंद वर्ग की मदद के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।
इस प्रकार, वाराणसी में प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन केवल राजनीतिक उल्लास का पर्व बनकर नहीं रहा, बल्कि यह मानवीय संवेदनाओं, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और समाज सेवा की एक अनोखी मिसाल बन गया, जिसकी गूंज पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।