मध्य प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में अपनी सेवाएं दे रहे हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। अब राज्य के शासकीय कार्यालयों में आउटसोर्स के जरिए तैनात किए गए डाटा एंट्री ऑपरेटरों और अन्य कर्मचारियों को निर्धारित समय से अधिक काम यानी ओवरटाइम का पूरा भुगतान करना होगा। इस व्यवस्था की शुरुआत राज्य के गृह विभाग के अधीन आने वाले लोक अभियोजन संचालनालय से कर दी गई है, जिसे आने वाले समय में अन्य विभागों के लिए भी एक बड़े उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।
लोक अभियोजन संचालनालय ने उठाया बड़ा कदम
व्यवस्था में सुधार और कर्मचारियों के शोषण को रोकने की दिशा में एक ठोस पहल करते हुए लोक अभियोजन संचालनालय ने अपने सभी जिला कार्यालयों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं। इन निर्देशों के मुताबिक, सेडमैप (SEDMAP) के माध्यम से ई-प्रॉसीक्यूशन पोर्टल पर काम करने वाले डाटा एंट्री ऑपरेटरों और अन्य संबंधित कर्मियों के लिए अब उपस्थिति पत्रक में उनके अतिरिक्त कार्य यानी ओवरटाइम के घंटों का स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य कर दिया गया है।
यह निर्देश प्रशासनिक पारदर्शिता और श्रम अधिकारों के अनुपालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है, क्योंकि अक्सर यह शिकायतें मिलती थीं कि आउटसोर्स कर्मचारियों से तय समय से ज्यादा काम लिया जाता है, लेकिन उसका अतिरिक्त मेहनताना नहीं मिलता है।
समय पर अटेंडेंस भेजने के सख्त निर्देश
संचालनालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, हर महीने तैयार होने वाला यह विशेष उपस्थिति पत्रक तय समय सीमा के भीतर संबंधित एजेंसी को भेजना होगा। हर महीने की 1 तारीख से 5 तारीख के बीच यह अटेंडेंस शीट सेडमैप को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर इन आउटसोर्स नियुक्त कर्मियों के पारिश्रमिक और ओवरटाइम का भुगतान किया जाएगा। समयबद्ध तरीके से भुगतान सुनिश्चित करने के लिए इस प्रक्रिया को बेहद सख्त बनाया गया है ताकि कर्मचारियों को अपने वेतन या पारिश्रमिक के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।
सालाना 12 दिन का आकस्मिक अवकाश (Casual Leave)
ओवरटाइम के भुगतान के अलावा इन आउटसोर्स कर्मियों के लिए एक और बड़ी राहत का ऐलान किया गया है। अब से इन कर्मचारियों को सालभर में कुल 12 दिन का आकस्मिक अवकाश (Casual Leave) भी प्रदान किया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि इन 12 दिनों की छुट्टी के दौरान कर्मचारियों के वेतन से किसी भी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। यह सुविधा मिलने से कर्मचारियों को व्यक्तिगत और पारिवारिक आपात स्थितियों से निपटने में काफी आसानी होगी।
क्या है सेडमैप (SEDMAP) की भूमिका?
आपको बता दें कि सेडमैप यानी सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट मध्य प्रदेश (Centre for Entrepreneurship Development Madhya Pradesh) एक स्वायत्त और गैर-लाभकारी संस्था है। यह पूरी तरह से निजी संस्थान नहीं है, बल्कि इसे मध्य प्रदेश सरकार के एमएसएमई (MSME) विभाग के संरक्षण और प्रशासनिक नियंत्रण के तहत संचालित किया जाता है।
राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में आउटसोर्स और ठेका कर्मचारियों की व्यवस्था, उनके प्लेसमेंट और डेटा प्रबंधन का कार्य बड़े पैमाने पर इसी संस्था के माध्यम से किया जाता है। ऐसे में लोक अभियोजन संचालनालय की यह पहल सेडमैप के दायरे में आने वाले अन्य विभागों के कर्मचारियों के लिए भी उम्मीद की एक नई किरण लेकर आई है।
कानूनी रूप से बाध्य हैं आउटसोर्सिंग एजेंसियां
श्रम कानूनों और शासकीय दिशा-निर्देशों के जानकारों का मानना है कि आउटसोर्सिंग एजेंसियों के लिए यह कानूनी रूप से पूरी तरह बाध्य है कि वे अपने द्वारा तैनात किए गए हर एक कर्मचारी को सभी वैधानिक लाभ मुहैया कराएं। इन वैधानिक लाभों में न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wages), भविष्य निधि (PF), कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) और अब ओवरटाइम का भुगतान शामिल है।
लंबे समय से यह मांग उठ रही थी कि सरकारी तंत्र में काम करने वाले इन थर्ड-पार्टी और आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण रोका जाए। उन्हें समय पर उचित मानदेय और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ मिले, ताकि वे पूरी निष्ठा और ऊर्जा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा सकें।
कर्मचारियों में जगी उम्मीद की नई किरण
राज्य के प्रशासनिक हलकों में इस बात की चर्चा है कि यदि गृह विभाग के इस मॉडल को अन्य बड़े विभागों जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, और राजस्व विभाग में भी सख्ती से लागू किया जाता है, तो इससे राज्य के लाखों आउटसोर्स कर्मियों को सीधा फायदा पहुंचेगा। समय पर ओवरटाइम का पैसा और बिना वेतन कटे मिलने वाली छुट्टियां इन कर्मचारियों के जीवन स्तर में सुधार लाने में मददगार साबित होंगी।
फिलहाल, लोक अभियोजन संचालनालय के इस कदम से कर्मचारियों में खुशी का माहौल है और वे इसे अपने अधिकारों की एक बड़ी जीत के रूप में देख रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अन्य विभाग भी इस अनुकरणीय पहल को अपने यहां लागू करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाते हैं या नहीं।