सिनेमा जगत में इन दिनों अगर किसी सबसे बड़े प्रोजेक्ट की सबसे ज्यादा चर्चा है, तो वह निर्देशक नितेश तिवारी की महत्वाकांक्षी फिल्म 'रामायण' है। जब से इस फिल्म से जुड़ी तस्वीरें और वीएफएक्स (VFX) से सजे सीन सामने आए हैं, तब से फैंस के बीच उत्साह और बहस दोनों का माहौल गर्म है। एक तरफ जहां इस पौराणिक गाथा को आधुनिक तकनीक के साथ बड़े पर्दे पर देखने के लिए दर्शक बेताब हैं, वहीं दूसरी तरफ फिल्म के कास्टिंग और ट्रीटमेंट को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं।
इस कड़ी में अब टेलीविजन के मशहूर 'शक्तिमान' यानी अभिनेता मुकेश खन्ना ने अपनी बेबाक राय रखी है। मुकेश खन्ना अपने बयानों के लिए जाने जाते हैं और वे पौराणिक कथाओं के टेलीविजन या फिल्मी रूपांतरण पर हमेशा से अपनी पैनी नजर रखते हैं। हाल ही में उन्होंने रणबीर कपूर स्टारर 'रामायण' और उसके स्वरूप को लेकर कुछ ऐसी बातें कहीं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर मुकेश खन्ना ने इस फिल्म पर क्या आपत्तियां जताई हैं और उनके बयानों के क्या मायने हैं।
राम को एक्शन हीरो बनाने पर खड़े किए सवाल
मुकेश खन्ना ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान नितेश तिवारी की 'रामायण' को लेकर बात की। उन्होंने मुख्य रूप से इस बात पर आपत्ति जताई कि आधुनिक सिनेमा में भगवान राम के चरित्र को एक टिपिकल 'एक्शन हीरो' की तरह पेश करने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, भगवान राम का व्यक्तित्व शांत, संयमित, मर्यादा पुरुषोत्तम और करुणा से भरा हुआ था। उन्हें मारधाड़ करने वाले किसी कॉमर्शियल हीरो के सांचे में ढालना भारतीय संस्कृति की मूल भावना के साथ न्याय नहीं है।
उनका मानना है कि आज की फिल्मों में रोमांच पैदा करने के लिए पौराणिक कथाओं के मूल स्वरूप के साथ छेड़छाड़ की जा रही है, जो कि सही नहीं है। भगवान राम के चेहरे पर एक शांत तेज और गंभीरता होती है, जिसे किसी भी आधुनिक एक्शन पैक्ड फिल्म के जरिए बदलना ठीक नहीं है।
रणबीर कपूर की कास्टिंग पर क्या बोले मुकेश खन्ना?
फिल्म में रणबीर कपूर को भगवान राम के किरदार में कास्ट किए जाने को लेकर भी लंबे समय से बहस चल रही है। मुकेश खन्ना ने इस पर भी खुलकर अपनी बात रखी। हालांकि उन्होंने रणबीर कपूर के अभिनय कौशल की सराहना की, लेकिन क्या वे इस विशेष किरदार के लिए बिल्कुल सटीक बैठते हैं, इस पर उन्होंने अपनी शंका जाहिर की।
पारंपरिक रूप से भारतीय दर्शकों के मन में भगवान राम की एक खास छवि बसी हुई है, जो अरुण गोविल ने धारावाहिक 'रामायण' के जरिए घर-घर में स्थापित की थी। उस छवि से आज के दौर के एक्टर्स की तुलना होना स्वाभाविक है। मुकेश खन्ना का इशारा इसी बात की ओर था कि आधुनिकता के नाम पर किरदारों की गरिमा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
VFX और सिनेमैटिक लिबर्टी पर भी उठाए गंभीर सवाल
सिर्फ किरदार ही नहीं, बल्कि फिल्म के वीएफएक्स और विजुअल स्टाइल को लेकर भी मुकेश खन्ना ने चिंता जताई है। आज के समय में हॉलीवुड की तर्ज पर मार्वल या डीसी जैसी फिल्मों के अंदाज में भारतीय पौराणिक कथाओं को ढालने का चलन बढ़ गया है। वीएफएक्स के नाम पर भव्य सेट और चमक-धमक दिखाना मेकर्स की पहली पसंद बनता जा रहा है।
- मूल भावना से भटकाव: वीएफएक्स के इस्तेमाल से भव्यता तो आ जाती है, लेकिन कई बार कहानी की मूल आत्मा खो जाती है।
- पात्रों की गरिमा: एक्शन सीन्स को बड़ा दिखाने के लिए देवी-देवताओं को ऐसे अंदाज में दिखाना जो शास्त्रों के अनुकूल न हो, दर्शकों को आहत कर सकता है।
- तुलना का दौर: आज की पीढ़ी पुराने धारावाहिकों की सादगी और आज की फिल्मों के महंगे वीएफएक्स के बीच उलझ कर रह गई है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस
मुकेश खन्ना के इन बयानों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स दो धड़ों में बंट गए हैं। एक तरफ जहां कुछ लोग उनके तर्कों का समर्थन कर रहे हैं और कह रहे हैं कि हमारी संस्कृति के साथ छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए, वहीं दूसरी तरफ एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है जो यह मान रहा है कि आज की युवा पीढ़ी को सिनेमाघरों तक खींचने के लिए तकनीक और एक्शन का तड़का लगाना बेहद जरूरी है।
नितेश तिवारी की यह 'रामायण' कई मायनों में भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी और भव्य फिल्मों में से एक होने वाली है। ऐसे में हर छोटी-बड़ी बात पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। मेकर्स के सामने चुनौती यह है कि वे एक तरफ तो आधुनिक तकनीक का बेहतरीन इस्तेमाल करें और दूसरी तरफ करोड़ों देशवासियों की भावनाओं को भी ठेस न पहुंचाएं।
निष्कर्ष
मुकेश खन्ना का यह बयान ऐसे समय आया है जब फिल्म निर्माण के शुरुआती चरण से ही विवाद और चर्चाओं का दौर जारी है। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे फिल्म का प्रमोशन शुरू होगा और इसके टीजर या ट्रेलर रिलीज होंगे, यह बहस और ज्यादा तेज होने की पूरी संभावना है। यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि फिल्म के निर्देशक नितेश तिवारी और उनकी पूरी टीम इन तमाम आलोचनाओं और उम्मीदों के बीच दर्शकों की कसौटी पर कितना खरा उतर पाती है।