धरना छित्तमपुर में गूंजा बदलाव का स्वर
राजनीतिक गलियारों में हलचल उस वक्त तेज हो जाती है जब चुनावी सरगर्मी के बीच कोई नया चेहरा सीधे जमीन पर उतरकर आम जनता के बीच संवाद कायम करता है। साल 2026 के आखिरी महीनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में सुगबुगाहट तेज हो चुकी है और संभावित उम्मीदवार अभी से जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में जुट गए हैं। इसी कड़ी में पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले धरना छित्तमपुर गांव में एक भव्य जन चौपाल का आयोजन किया गया। इस बैठक ने स्थानीय स्तर पर राजनीतिक समीकरणों को नया आयाम देने का काम किया है।
गांव के वरिष्ठ और सम्मानित व्यक्ति श्री नामवर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस जन चौपाल की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें सिर्फ पुरुष ही नहीं, बल्कि बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं ने भी भारी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। ग्रामीण इलाकों में इस तरह की बैठकों का होना और उसमें आम जनता का बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना यह साफ संकेत देता है कि मतदाता अब अपने भविष्य को लेकर बेहद जागरूक हो चुके हैं।
मुकेश कुमार शर्मा ने जनता के सामने रखा अपना विजन
कार्यक्रम के दौरान इंडियन जनसेवा दल के भावी विधायक युवा प्रत्याशी और लोकप्रिय नेता मुकेश कुमार शर्मा ने जब अपनी बात रखनी शुरू की, तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्होंने अपनी पार्टी की नीतियों, उद्देश्यों और भविष्य के रोडमैप को बहुत ही सरल, स्पष्ट और सहज शब्दों में ग्रामीणों के सामने रखा। मुकेश कुमार शर्मा ने पारंपरिक राजनीति से हटकर सीधे जनता के दिलों को छूने वाली भाषा में संवाद किया।
उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि यदि समाज में वास्तविक सम्मान और इज्जत हासिल करनी है, तथा आज की युवा पीढ़ी को सही दिशा में आगे बढ़ाना है, तो अब खामोश बैठने से काम नहीं चलेगा। समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। जब तक इस क्षेत्र के बुद्धिजीवी, युवा और माताएं-बहनें खुद नेतृत्व में अपनी सक्रिय भागीदारी नहीं निभाएंगी, तब तक व्यवस्था में जमीनी सुधार लाना असंभव है।
"मैं आप सभी के बीच कोई नेता बनकर वोट मांगने नहीं आया हूँ, बल्कि आपके परिवार का बेटा और भाई बनकर आपका हक दिलाने आया हूँ। झूठे आश्वासन देना और चुनाव के बाद गायब हो जाना मेरा स्वभाव नहीं है। मुझे एक मौका दीजिए और फिर देखिए कि धरातल पर काम कैसे होता है।" - मुकेश कुमार शर्मा, भावी प्रत्याशी
बेटा और भाई बनकर सेवा करने का वादा
जन चौपाल को संबोधित करते हुए मुकेश कुमार शर्मा ने बेहद भावनात्मक और आक्रामक तेवर दिखाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पारंपरिक राजनीतिक दलों ने लंबे समय तक आम जनता को केवल छलावा दिया है और वादे हवा हवाई साबित हुए हैं। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि आगामी विधानसभा चुनाव 2027 में वे अपने इस बेटे और भाई पर आंख मूंदकर भरोसा करें और भारी बहुमत से विजयी बनाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जीत के बाद विकास की जो रूपरेखा वे तैयार करेंगे, वह पूरी तरह से पारदर्शी और धरातल पर दिखने वाली होगी।
उन्होंने कहा कि सत्ता का मतलब सिर्फ कुर्सी पर बैठना नहीं होता, बल्कि समाज के सबसे आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाना होता है। जनता ने भी उनकी इस बेबाक शैली और स्पष्टवादिता का जोरदार स्वागत किया।
ग्रामीणों का मिला खुला समर्थन
मुकेश कुमार शर्मा के इस संबोधन का असर यह हुआ कि वहां मौजूद हर शख्स ने खुलकर उनका समर्थन करने का ऐलान कर दिया। ग्रामीणों ने एक स्वर में मुकेश कुमार शर्मा के पक्ष में नारे लगाए और यह विश्वास दिलाया कि आने वाले विधानसभा चुनाव 2027 में वे पूरी ताकत झोंक देंगे। जनता ने उन्हें रिकॉर्ड मतों से विजयी बनाने का भरोसा दिया, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि धरना छित्तमपुर और आसपास के इलाकों में राजनीतिक हवा किस करवट बैठ रही है।
दिग्गज नेताओं और शुभचिंतकों की रही मौजूदगी
इस विशाल जन चौपाल को सफल बनाने में क्षेत्र के कई गणमान्य और राजनीतिक रूप से सक्रिय चेहरों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में प्रदेश सचिव रामजी शर्मा, जिलाध्यक्ष संजीव शर्मा, चकिया विधानसभा अध्यक्ष रामभोग शर्मा, और शुभचिंतक लल्लन शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इनके अलावा रमेश प्रसाद, सुरेश प्रसाद शर्मा जैसे वरिष्ठ नागरिकों ने भी सभा को संबोधित किया और अपने विचार रखे।
युवाओं की टोली से मैरूम, विकाश बिन्द, रिंकू बिन्द, विनोद कुमार, प्रमोद गोंड, और पप्पू कुमार सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और युवा कार्यकर्ता इस आयोजन का हिस्सा बने। इन सभी ने मिलकर इस बैठक को एक जन आंदोलन का रूप दे दिया।
आगे की सियासी राह और चुनौतियां
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विधानसभा क्षेत्र हमेशा से राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण रहा है। यहाँ हर एक वोट के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। ऐसे में मुकेश कुमार शर्मा द्वारा गांव-गांव जाकर जन चौपाल लगाने की यह रणनीति कितनी कारगर साबित होती है, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन जिस तरह से शुरुआत में ही उन्हें ग्रामीण इलाकों, खासकर महिलाओं और युवाओं का समर्थन मिल रहा है, उससे विरोधी दलों की नींद उड़ना तय माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह जनसमूह और उत्साह वोटों में तब्दील हो जाता है, तो आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव के नतीजे चौंकाने वाले हो सकते हैं। फिलहाल, धरना छित्तमपुर की इस जन चौपाल ने इलाके की राजनीतिक फिजाओं में गर्मी ला दी है और हर तरफ इसी बात की चर्चा है कि क्या इस बार जनता किसी नए युवा चेहरे पर दांव खेलेगी या नहीं।