सलेमपुर गांव में उमड़ी भीड़, मुकेश शर्मा के जनसंपर्क से बदला सियासी समीकरउत्तर प्रदेश की राजनीति में जैसे-जैसे आगामी विधानसभा चुनावों का समय नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे राजनीतिक सरगर्मी भी चरम पर पहुंचने लगी है। चुनावी मैदान में ताल ठोकने वाले भावी प्रत्याशी अभी से जनता के बीच अपनी पैठ मजबूत करने में जुट गए हैं। इसी कड़ी में पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विधानसभा क्षेत्र संख्या 380 से इंडियन जनसेवा दल पार्टी के युवा और ऊर्जावान भावी विधायक प्रत्याशी मुकेश कुमार शर्मा ने सलेमपुर गांव में एक व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान उनके साथ पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और निष्ठावान कार्यकर्ता भी मौजूद रहे, जिन्होंने घर-घर जाकर ग्रामीणों से सीधी मुलाकात की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से काफी पहले इस तरह का जमीनी स्तर का जनसंपर्क किसी भी उम्मीदवार के लिए गेम-चेेंजर साबित हो सकता है। मुकेश कुमार शर्मा ने अपनी इस यात्रा के दौरान सिर्फ भाषण देने के बजाय आम जनता की छोटी-छोटी समस्याओं को ध्यान से सुना और उनके समाधान का भरोसा दिलाया।बुजुर्गों का आशीर्वाद और पार्टी की विचारधारा का प्रचार
सलेमपुर गांव पहुंचते ही मुकेश कुमार शर्मा और उनके काफिले का जोरदार स्वागत किया गया। पारंपरिक रूप से गांव के दौरे पर निकले युवा प्रत्याशी ने सबसे पहले गांव के वरिष्ठ नागरिकों और बुजुर्गों के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। भारतीय संस्कृति में बुजुर्गों के आशीर्वाद को किसी भी बड़े मुकाम को हासिल करने की पहली सीढ़ी माना जाता है, और मुकेश शर्मा ने इस परंपरा का पूरी शिद्दत के साथ पालन किया।
आशीर्वाद लेने के बाद उन्होंने ग्रामीणों के साथ एक चौपाल नुमा बैठक की, जिसमें पार्टी की मुख्य विचारधाराओं और नीतियों को विस्तार से साझा किया गया। उन्होंने जनता को समझाया कि उनकी पार्टी किस प्रकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे मुद्दों पर उनकी स्पष्ट सोच ने ग्रामीणों को काफी हद तक प्रभावित किया। गांव के लोगों ने भी इस संवाद में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने इलाके की दुश्वारियों के बारे में खुलकर बात की।
आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बढ़ा सियासी पारा
वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए यह जनसंपर्क अभियान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुकेश शर्मा ने ग्रामीणों से मुखातिब होते हुए आगामी चुनाव के लिए खुलकर समर्थन की अपील की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए जनता का साथ और आशीर्वाद सबसे बड़ी ताकत है।
ग्रामीणों की तरफ से भी इस अपील पर अभूतपूर्व प्रतिक्रिया देखने को मिली। गांव के लोगों के चेहरों पर उत्साह और आंखों में एक उम्मीद साफ झलक रही थी। स्थानीय लोगों ने खुलकर ऐलान किया कि वे इस बार बदलाव चाहते हैं और मुकेश शर्मा जैसे युवा नेतृत्व को विधानसभा भेजने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस दौरान ग्रामीणों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच आपसी स्नेह और प्यार का एक अलग ही नजारा देखने को मिला, जिससे यह साफ हो गया कि इस क्षेत्र में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।
दिग्गज नेताओं और गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी
इस सघन जनसंपर्क अभियान को सफल बनाने में पार्टी संगठन और स्थानीय शुभचिंतकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के दौरान कई प्रमुख राजनीतिक चेहरे और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से:
- रामजी शर्मा (प्रदेश सचिव)
- संजीव शर्मा (जिलाध्यक्ष)
- श्रवण यादव (जिला महामंत्री)
- रमेश प्रसाद शर्मा (शुभचिंतक)
- सुरेश प्रसाद शर्मा (शुभचिंतक)
- लल्लन शर्मा (शुभचिंतक)
इसके साथ ही सलेमपुर गांव के स्थानीय संभ्रांत नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें राम जियावन शर्मा, जिउत शर्मा, गोलू शर्मा, मोहन शर्मा, दसरथ शर्मा, सूरज कुमार, रोहित कुमार, चन्दन शर्मा, अखिलेश कुमार, विनोद कुमार, मोहन राम, लीला शर्मा और पटवारी समेत तमाम ग्रामीण मौजूद रहे। इन सभी ने एक स्वर में आगामी चुनावों में युवा प्रत्याशी को मजबूत समर्थन देने का संकल्प लिया।
गांव के युवाओं में दिखा खास जोश
इस पूरे दौरे का सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि गांव के युवाओं में मुकेश कुमार शर्मा को लेकर गजब का क्रेज देखने को मिला। गोलू शर्मा, सूरज कुमार, रोहित कुमार और चंदन शर्मा जैसे युवाओं ने बढ़-चढ़कर रैलियों और बैठकों में हिस्सा लिया। युवाओं का मानना है कि एक युवा विधायक ही उनके रोजगार और क्षेत्र की तरक्की के मुद्दों को विधानसभा के पटल पर मजबूती से रख सकता है।
बहरहाल, पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विधानसभा क्षेत्र के सलेमपुर गांव में मुकेश कुमार शर्मा द्वारा चलाए गए इस जनसंपर्क अभियान ने आगामी 2027 के चुनावों के लिए सियासी जमीन तैयार कर दी है। अब देखना यह होगा कि यह जन-उत्साह और समर्थन चुनावी परिणामों में कितना तब्दील हो पाता है, लेकिन फिलहाल इस दौरे ने इलाके की राजनीतिक हवा का रुख जरूर बदल दिया है।