साइबर युग और आधुनिक तकनीक ने जहां एक तरफ हमारी जिंदगी को आसान बनाया है, वहीं दूसरी तरफ इसने शातिर अपराधियों के लिए नए रास्ते भी खोल दिए हैं। आज के समय में सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल सिर्फ नए लोगों से मिलने के लिए नहीं, बल्कि कई बार आपराधिक वारसातों को अंजाम देने के लिए भी किया जाने लगा है। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला राजस्थान की राजधानी जयपुर से सामने आया है, जहां पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है जो गे-डेटिंग ऐप्स के जरिए सीधे-साधे लोगों को अपने जाल में फंसाता था।
गे-डेटिंग ऐप के जरिए बिछाया जाता था जाल
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह गिरोह बेहद शातिराना तरीके से काम करता था। आरोपी किसी लोकप्रिय गे-डेटिंग ऐप पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर एक्टिव रहते थे। इसके बाद वे ऐप के जरिए शहर के अलग-अलग लोगों से दोस्ती करते थे। बातचीत का दौर जब आगे बढ़ता था और विक्टिम का भरोसा जीत लिया जाता था, तब ये शातिर अपराधी सामने वाले को मिलने के लिए आमंत्रित करते थे। मिलने की जगह हमेशा ऐसी चुनी जाती थी जो सुनसान हो या जहां लोगों की आवाजाही कम से कम हो।
जैसे ही पीड़ित तयशुदा सुनसान जगह पर पहुंचता था, वैसे ही इस गिरोह का असली और खौफनाक खेल शुरू हो जाता था। आरोपियों के साथी पहले से ही उस इलाके में घात लगाकर बैठे रहते थे। वे पीड़ित को घेर लेते थे, उसके साथ मारपीट करते थे और फिर मोबाइल फोन, नकदी व अन्य कीमती सामान लूट लेते थे। बात यहीं खत्म नहीं होती थी, बल्कि कई मामलों में आरोपी पीड़ितों की तस्वीरें या वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल भी करते थे और मोटी रकम की मांग करते थे।
पुलिस की विशेष कार्रवाई और गिरफ्तारियां
इस तरह की वारदातों के लगातार शिकार हो रहे लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस, कॉल डिटेल्स और ऐप डेटा की मदद से इस गिरोह की टोह लेनी शुरू की। आखिरकार, कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने इस शातिर गिरोह के मुख्य दो सदस्यों को दबोचने में सफलता हासिल की है।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि वे अब तक कई लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। हालांकि, सामाजिक संकोच और डर के कारण कई पीड़ित पुलिस तक पहुंच ही नहीं पाते थे, जिसका फायदा ये अपराधी उठाते थे। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में कुल कितने लोग शामिल हैं और इनके तार कहां-कहां जुड़े हुए हैं।
बचने के लिए रखें इन बातों का ध्यान
इस तरह की घटनाएं समाज में एक गंभीर चेतावनी की तरह हैं। यदि आप भी किसी डेटिंग ऐप या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। सुरक्षा के लिहाज से कुछ जरूरी बातों का हमेशा ध्यान रखें:
- अनजान लोगों पर तुरंत भरोसा न करें: किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले व्यक्ति के साथ तुरंत व्यक्तिगत रूप से मिलने का प्लान न बनाएं। पहले उसकी पहचान पुख्ता करें।
- सार्वजनिक जगहों का चुनाव करें: यदि आप किसी से मिलने का फैसला करते भी हैं, तो हमेशा किसी भीड़भाड़ वाली सार्वजनिक जगह (जैसे कैफे, मॉल या रेस्टोरेंट) को चुनें। कभी भी किसी सुनसान या अज्ञात जगह पर न जाएं।
- दोस्तों या परिवार को बताएं: मिलने जाते समय अपने किसी करीबी दोस्त या परिवार के सदस्य को अपनी लोकेशन और उस व्यक्ति के बारे में पूरी जानकारी जरूर दें।
- तुरंत पुलिस से संपर्क करें: यदि आपके साथ किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी, ब्लैकमेलिंग या हनीट्रैप जैसी घटना होती है, तो बिना डरे तुरंत साइबर सेल या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
