त्योहारों का मौसम शुरू होते ही चारों तरफ उत्सव की उमंग और उत्साह दिखाई देने लगता है, लेकिन इस बार नाशिक में नवरात्रि का जश्न कुछ अलग अंदाज में और कड़े अनुशासन के साथ मनाया जाएगा। आगामी शारदीय नवरात्रि 2026 को लेकर नाशिक पुलिस प्रशासन ने एक अत्यंत सख्त और स्पष्ट फरमान जारी किया है। त्योहारों के दौरान शांति, व्यवस्था और जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए पुलिस ने गरबा और डांडिया आयोजनों के लिए नई गाइडलाइन्स तय कर दी हैं। यदि आप भी इस बार नाशिक में गरबा रातों का हिस्सा बनने जा रहे हैं, तो इन नियमों के बारे में जानना बेहद जरूरी है, वरना एक छोटी सी लापरवाही आपको भारी कानूनी मुश्किल में डाल सकती है।
लेजर लाइट के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध
आधुनिकता के इस दौर में गरबा पंडालों में डीजे की धमक के साथ-साथ हाई-इंटेंसिटी लेजर लाइट और फ्लैश लाइट्स का इस्तेमाल आम हो गया था। युवाओं में इन लाइटों के बीच डांस करने का क्रेज लगातार बढ़ रहा था, लेकिन पिछले कुछ समय से आंखों पर इनके दुष्प्रभावों को लेकर गंभीर चिंताएं जताई जा रही थीं। नाशिक पुलिस ने इसी खतरे को भांपते हुए इस साल गरबा पंडालों में लेजर लाइट के इस्तेमाल पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है।
चिकित्सकों का मानना है कि प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आंखों पर पड़ने वाली ये तेज लेजर किरणें रेटिना को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती हैं। पुलिस ने आयोजकों को साफ निर्देश दिए हैं कि पंडाल के भीतर किसी भी प्रकार की खतरनाक लेजर लाइट्स का प्रयोग नहीं किया जाएगा। यदि किसी आयोजन स्थल पर इस नियम की अनदेखी पाई जाती है, तो वहां तैनात पुलिस बल तुरंत कार्रवाई करते हुए उपकरणों को जब्त कर सकता है।
ध्वनि प्रदूषण और लाउडस्पीकर पर प्रशासन की पैनी नजर
नवरात्रि के नौ दिनों तक रातभर गूंजने वाले लाउडस्पीकर और डीजे की तेज आवाज अक्सर बुजुर्गों, मरीजों और विद्यार्थियों के लिए परेशानी का सबब बन जाती है। सुप्रीम कोर्ट और स्थानीय प्रशासन के ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का पालन करवाने के लिए इस बार नाशिक पुलिस ने कमर कस ली है।
नए फरमान के मुताबिक, निर्धारित डेसिबल सीमा से अधिक आवाज में गाने बजाने या डीजे चलाने की बिल्कुल अनुमति नहीं होगी। यदि किसी पंडाल से तय सीमा से ज्यादा आवाज आती है या रात के निर्धारित समय के बाद भी लाउडस्पीकर चालू पाए जाते हैं, तो आयोजकों को किसी भी बख्शा नहीं जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीधे आपराधिक मामला (FIR) दर्ज किया जाएगा।
प्रशासन की चेतावनी: नहीं बरती जाएगी कोई नरमी
नाशिक पुलिस कमिश्नर और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त बैठक के बाद यह स्पष्ट कर दिया है कि उत्सव की आड़ में आम जनता की शांति और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नियम सभी के लिए समान रूप से लागू होते हैं, चाहे वह छोटा आयोजन हो या शहर का कोई बड़ा और प्रसिद्ध गरबा मंडल।
- निर्धारित समय सीमा के भीतर ही समाप्त करने होंगे कार्यक्रम।
- ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) के लिए लेनी होगी लिखित अनुमति।
- आसपास के रिहायशी इलाकों में डेसिबल लिमिट का विशेष ध्यान रखना अनिवार्य।
- नियम तोड़ने पर बिना किसी चेतावनी के होगी कानूनी कार्रवाई।
महिला सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: तैनात होंगे विशेष दस्ते
त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों और गरबा पंडालों में महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। इसे ध्यान में रखते हुए नाशिक पुलिस ने शहर के हर प्रमुख गरबा स्थल पर विशेष महिला सुरक्षा दस्तों की तैनाती का निर्णय लिया है।
सादे कपड़ों में तैनात रहने वाले ये महिला पुलिसकर्मी और अधिकारी हुड़दंगियों और मनचलों पर कड़ी नजर रखेंगे। यदि कोई भी व्यक्ति महिलाओं के साथ छेड़छाड़, अभद्रता या किसी प्रकार की असामाजिक हरकत करते हुए पाया जाता है, तो उसे मौके पर ही हिरासत में ले लिया जाएगा। इसके अलावा, पंडालों के भीतर पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे लगाना और वॉलंटियर्स की लिस्ट पुलिस के पास जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है।
आयोजकों के लिए गाइडलाइन और जिम्मेदारी
नाशिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि केवल पुलिस प्रशासन के भरोसे कानून व्यवस्था नहीं छोड़ी जा सकती, इसलिए गरबा आयोजकों की भी उतनी ही जिम्मेदारी बनती है। प्रत्येक पंडाल समिति को निम्नलिखित बातों का पालन करना होगा:
- पंडाल परिसर में पर्याप्त रोशनी और एंट्री-एग्जिट के स्पष्ट रास्ते होने चाहिए।
- आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए फायर सेफ्टी के उपकरण चालू हालत में रखे जाएं।
- प्रवेश द्वार पर ही दर्शकों की सिक्युरिटी चेकिंग (मेटल डिटेक्टर या फ्रिस्किंग) की व्यवस्था हो।
- अत्यधिक भीड़भाड़ को नियंत्रित करने के लिए बाउंसर और प्रशिक्षित वालंटियर्स तैनात किए जाएं।
आम जनता से अपील: नियमों का पालन कर मनाएं पर्व
प्रशासन ने शहर के नागरिकों और युवाओं से अपील की है कि वे नवरात्रि के इस पवित्र पर्व को पूरी श्रद्धा, उल्लास और जिम्मेदारी के साथ मनाएं। कानून का दायरा तोड़ने से बचें ताकि किसी को भी किसी प्रकार की असुविधा न हो। पुलिस की यह सख्ती किसी के उत्साह को कम करने के लिए नहीं, बल्कि सभी की सुरक्षा और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए है। इस बार का गरबा अनुशासन और आनंद का एक बेहतरीन उदाहरण बने, यही प्रशासन और आम जनता की साझी कोशिश होनी चाहिए।