अंतरराष्ट्रीय आसमान से एक बेहद ही दहला देने वाली और दुखद खबर सामने आ रही है। पश्चिमी अफ्रीकी देश नाइजीरिया में एक भीषण विमान हादसे में 32 लोगों की जान चली गई है। अफ्रीकी देश की वायु सेना का एक मिलिट्री एयरक्राफ्ट नियमित उड़ान के दौरान अचानक दुर्घटना का शिकार हो गया। इस मर्माहत करने वाली घटना ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया है। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विमान में सवार किसी भी व्यक्ति को बचाया नहीं जा सका।
बेनिन सिटी से लागोस जा रहा था विमान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नाइजीरियाई वायु सेना का यह विमान एटीआर-42 (ATR-42) मॉडल का था। विमान ने देश के बेनिन सिटी से उड़ान भरी थी और उसे व्यावसायिक एवं आर्थिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण शहर लागोस पहुंचना था। यह एक सामान्य सैन्य एवं परिवहन उड़ान की तरह तयशुदा रास्ते पर आगे बढ़ रहा था, लेकिन अपनी मंजिल पर पहुंचने से पहले ही यह आसमान से जमीन पर आ गिरा।
उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से इस विमान का संपर्क अचानक टूट गया। रडार से गायब होने के बाद जब तक बचाव दल कुछ समझ पाता और खोजबीन शुरू होती, तब तक विमान एक भयंकर हादसे का शिकार होकर दुर्घटनाग्रस्त हो चुका था। विमान के गिरते ही वहां चीख-पुकार मच गई और स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आया।
32 लोगों की दर्दनाक मौत, कोई नहीं बचा सका
इस भीषण हादसे में मारे गए लोगों की संख्या ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। नाइजीरियाई अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस विमान में कुल 32 लोग सवार थे। इनमें 25 यात्री शामिल थे, जो अलग-अलग कामों से इस उड़ान का हिस्सा बने थे, और इसके अलावा विमान का संचालन कर रहे 7 क्रू मेंबर (चालक दल के सदस्य) भी इसमें मौजूद थे।
दुर्घटना इतनी भयानक थी कि विमान के परखच्चे उड़ गए। राहत और बचाव दल जब घटनास्थल पर पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। विमान में सवार सभी 25 यात्रियों और सभी 7 क्रू सदस्यों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। इस आपदा में किसी के भी जीवित बचने की कोई गुंजाइश नहीं बची थी।
दुर्घटना के कारणों की उच्चस्तरीय जांच के आदेश
इस मರ್ಮभेदी दुर्घटना के बाद नाइजीरियाई सरकार और सैन्य महकमे में हड़कंप मच गया है। देश के रक्षा मंत्रालय और वायु सेना के उच्च अधिकारियों ने इस पूरे मामले की गहन जांच के आदेश दे दिए हैं। आखिर यह हादसा तकनीकी खराबी (Technical Glitch) की वजह से हुआ, मौसम खराब था, या फिर इसके पीछे कोई अन्य मानवीय या यांत्रिक चूक थी, इन सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।
विमान का ब्लैक बॉक्स (Flight Data Recorder and Cockpit Voice Recorder) तलाशने के लिए सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। ब्लैक बॉक्स मिलने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि क्रैश होने से ठीक कुछ सेकंड पहले पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल के बीच क्या बातचीत हुई थी और कॉकपिट में किस तरह की परिस्थितियां बनी थीं।
शोक का माहौल और अंतरराष्ट्रीय संवेदनाएं
इस हृदय विदारक घटना के बाद नाइजीरियाई राष्ट्रपति और सैन्य प्रमुखों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। जान गंवाने वाले सभी यात्रियों और वायु सेना के वीर जवानों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की जा रही हैं। देश के कई हिस्सों में इस त्रासदी के बाद गमगीन माहौल है।
नाइजीरिया के विमानन इतिहास में यह एक और काला दिन जुड़ गया है, जहां सुरक्षा मानकों और सैन्य उड़ानों के रखरखाव को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। विशेषज्ञ इस बात पर जोर दे रहे हैं कि इस प्रकार के विमानों की समय पर सर्विसिंग और तकनीकी जांच बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी अनहोनी को टाला जा सके।
फिलहाल, घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य लगभग पूरा हो चुका है और शवों को उनके परिजनों तक पहुंचाने तथा उनकी पहचान करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। आने वाले दिनों में जांच कमिटी की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही इस पूरे हादसे की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।