परीक्षा हॉल में गूंजती कंप्यूटर की खामोशी और अचानक पसरा सन्नाटा किसी भी छात्र के लिए डरावना सपना साबित हो सकता है। जयपुर के सत्य साईं कॉलेज में कुछ ऐसा ही हुआ, जहां नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की एक बड़ी और अक्षम्य लापरवाही ने कई मेधावी छात्रों के भविष्य को अधर में लटका दिया। ऑल इंडिया आयुष पीजी एंट्रेंस परीक्षा (AIAPGET) के दौरान अचानक बिजली गुल हो गई और पावर बैकअप न होने के कारण कंप्यूटर स्क्रीन बंद हो गए। इसके बाद परीक्षा केंद्र पर जो हंगामा हुआ, उसने प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी।
सत्य साईं कॉलेज में मची अफरा-तफरी
शुक्रवार को जयपुर के सत्य साईं कॉलेज में देश भर के कई युवा अपने सपनों की उड़ान भरने पहुंचे थे। आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैहोम्योपैथी (AYUSH) में पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए होने वाली यह परीक्षा हर छात्र के लिए बेहद अहम होती है। साल भर की कड़ी मेहनत, रातों की जगन और कोचिंग के तनाव के बाद जब छात्र परीक्षा केंद्र के अंदर अपनी सीट पर बैठे, तो उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही पलों में सिस्टम जवाब दे देगा।
परीक्षा शुरू होने के कुछ ही देर बाद अचानक कॉलेज की बिजली गुल हो गई। आमतौर पर ऐसे बड़े राष्ट्रीय स्तर के ऑनलाइन एग्जाम केंद्रों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए भारी-भरकम जनरेटर और ऑनलाइन यूपीएस (UPS) की व्यवस्था होनी अनिवार्य होती है। लेकिन सत्य साईं कॉलेज में यह इंतजाम सिर्फ कागजों तक ही सीमित नजर आए। बिजली कटते ही कंप्यूटर स्क्रीन ब्लैक हो गईं और परीक्षा दे रहे छात्र असमंजस में पड़ गए।
छात्रों का फूटा गुस्सा, NTA के खिलाफ नारेबाजी
घंटों इंतजार के बाद जब बिजली नहीं आई और सर्वर भी डाउन हो गया, तो छात्रों का सब्र टूट गया। परीक्षा हॉल से बाहर निकले छात्रों और उनके अभिभावकों ने कॉलेज प्रशासन और NTA के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
"हमने साल भर खून-पसीना बहाकर तैयारी की थी। परीक्षा के बीच में सिस्टम बंद हो गया और हमारे कीमती मिनट यूं ही बर्बाद हो गए। जब हम परीक्षा कक्ष से बाहर आए, तो कोई भी अधिकारी हमें संतोषजनक जवाब देने को तैयार नहीं था। क्या हमारी मेहनत की कोई कीमत नहीं है?" - एक आक्रोशित छात्र
छात्रों का आरोप था कि परीक्षा केंद्र के कर्मचारियों ने उन्हें बिना किसी स्पष्ट निर्देश के बाहर निकाल दिया। कई छात्रों का कहना था कि जब बिजली आई भी, तो उनके सिस्टम का डेटा सेव नहीं हुआ था और उन्हें नए सिरे से लॉग इन करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिससे उनका समय कम पड़ गया।
NTA की कार्यप्रणाली पर उठ रहे गंभीर सवाल
देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं का संचालन करने वाली संस्था NTA पर एक बार फिर से कुप्रबंधन के गंभीर आरोप लग रहे हैं। नीट (NEET), जेईई (JEE) और अब आयुष पीजी परीक्षा (AIAPGET) जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में लगातार आ रही तकनीकी गड़बड़ियां छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रही हैं।
- बुनियादी ढांचे की कमी: क्या NTA परीक्षा केंद्रों का चयन करते समय बिजली और इंटरनेट बैकअप की जांच नहीं करता?
- सुरक्षा और पारदर्शिता: ऑनलाइन परीक्षाओं में इस तरह की तकनीकी बाधाएं परीक्षा की शुद्धता पर सवालिया निशान लगाती हैं।
- जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ना: तकनीकी खराबी आने पर केंद्र संचालकों और NTA के अधिकारियों के पास कोई आपातकालीन योजना (Emergency Plan) नजर नहीं आती।
आगे क्या होगी कार्रवाई?
इस पूरे घटनाक्रम के बाद से शिक्षा जगत में हड़कंप मचा हुआ है। प्रभावित छात्रों और उनके अभिभावकों ने मांग की है कि इस केंद्र पर परीक्षा को दोबारा आयोजित (Re-exam) किया जाए या फिर सभी छात्रों को अनुग्रह अंक (Grace Marks) दिए जाएं। हालांकि, NTA की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, लेकिन जयपुर के इस मामले ने एक बार फिर देश की ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली की पोल खोल दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इन तकनीकी खामियों को दूर नहीं किया गया, तो देश के युवाओं का सिस्टम से भरोसा पूरी तरह उठ जाएगा। अब देखना यह होगा कि NTA इस मामले में क्या संज्ञान लेता है और पीड़ित छात्रों को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
1: जयपुर के किस कॉलेज में आयुष पीजी परीक्षा के दौरान हंगामा हुआ?
जयपुर के सत्य साईं कॉलेज में परीक्षा के दौरान हंगामा हुआ, जहां बिजली गुल होने के कारण छात्रों की परीक्षा बाधित हुई थी।
2: परीक्षा में बाधा आने का मुख्य कारण क्या था?
: परीक्षा केंद्र पर बिजली गुल होना और वहां उचित पावर बैकअप (जनरेटर या यूपीएस) का न होना मुख्य कारण था, जिससे कंप्यूटर सिस्टम बंद हो गए।
3: प्रभावित छात्रों की मुख्य मांग क्या है?
: छात्र इस केंद्र पर परीक्षा दोबारा आयोजित करने और परीक्षा के दौरान बर्बाद हुए समय की भरपाई की मांग कर रहे हैं।
