पढ़ाई के नाम पर बड़े शहरों में रह रहे बच्चों के भरोसे और माता-पिता के त्याग से जुड़ी एक ऐसी हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर अभिभावक को सोचने पर मजबूर कर दिया है। अमृतसर की रहने वाली सिमरत कौर (बदला हुआ नाम) अपने पति और बेटे के साथ अपनी 23 वर्षीय बेटी को जन्मदिन का सरप्राइज देने पहुंची थीं, लेकिन वहां जो वाकया हुआ, उसने परिजनों के पैर तले जमीन खिसका दी।
हाथ में केक और दिल में खुशी, पर दरवाजे पर 15 मिनट का सन्नाटा
बेटी जालंधर-फगवाड़ा क्षेत्र में स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में पढ़ाई करती है। उसके 23वें जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए परिवार ने बिना बताए उसके किराए के कमरे पर पहुंचने का प्लान बनाया। हाथ में बर्थडे केक और गिफ्ट्स लेकर जब माता-पिता दरवाजे पर पहुंचे, तो उनके चेहरे पर एक अलग ही खुशी थी।
लेकिन जैसे ही उन्होंने दरवाजा खटखटाया, अंदर से कोई जवाब नहीं आया। 5 मिनट, 10 मिनट और फिर पूरे 15 मिनट तक लगातार प्रयास करने के बाद भी कुंडी नहीं खुली।
"मैं तो पढ़ रही थी..." और तभी पीछे से आई चीख!
काफी देर बाद जब बेटी ने दरवाजा खोला, तो उसके चेहरे पर न कोई घबराहट थी और न ही परिजनों को देखकर कोई खुशी। उसने बेहद शांत लहजे में कहा— "मैं अंदर पढ़ाई कर रही थी, इसलिए दरवाजा खोलने में देर हो गई।"
माता-पिता अभी संभल भी नहीं पाए थे कि तभी पड़ोस में रहने वाला एक व्यक्ति बदहवास भागता हुआ आया। उसने चिल्लाकर कहा— "आपके कमरे की पीछे वाली खिड़की से एक लड़का नीचे कूदा है! उसके सिर से बुरी तरह खून बह रहा है।"
यह सुनते ही माता-पिता सन्न रह गए। लेकिन हैरान करने वाला रवैया बेटी का था, जिसने तुरंत पल्ला झाड़ते हुए कहा— "मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता, मैं तो अंदर पढ़ रही थी।"
हाथ में धरा रह गया केक, टूटा माता-पिता का भरोसा
जिस वक्त यह सब ड्रामा चल रहा था, बदहवास माता-पिता अपने हाथों में वही बर्थडे केक थामे खड़े थे। जिस बेटी के बेहतर भविष्य के लिए वे अपनी मेहनत की कमाई पानी की तरह बहा रहे थे, उसका यह चेहरा देखकर उनका दिल पूरी तरह टूट गया।
"आजकल पढ़ाई के नाम पर घर से दूर रहने वाले कई युवा परिवार के भरोसे का नाजायज फायदा उठा रहे हैं। कभी-कभी अचानक लिया गया जायजा ऐसे कड़वे सच सामने ले आता है, जिसकी कल्पना भी किसी माता-पिता ने नहीं की होती।"
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस: क्या खो रहा है बच्चों पर से नियंत्रण?
इस घटना के सामने आने के बाद अभिभावकों के बीच गहरी चिंता देखने को मिल रही है। जानकारों का मानना है कि दूर-दराज के शहरों में पढ़ाई के लिए भेजे जाने वाले बच्चों पर केवल आर्थिक सहयोग ही काफी नहीं है, बल्कि समय-समय पर उनकी गतिविधियों और मानसिक स्थिति पर ध्यान देना भी बेहद जरूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: यह पूरा मामला किस जगह का है?
यह घटना अमृतसर के एक परिवार से जुड़ी है, जिनकी 23 वर्षीय बेटी फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में पढ़ाई कर रही है।
Q2: जन्मदिन के दिन कमरे पर क्या हुआ था?
माता-पिता बिना बताए केक लेकर बेटी के कमरे पर पहुंचे थे। 15 मिनट बाद दरवाजा खुला और उसी दौरान कमरे की पीछे की खिड़की से एक अज्ञात युवक के कूदने की घटना सामने आई।