क्या बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय लिखा जाने वाला है? चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर अपने पहले ही चुनावी मुकाबले में बड़ा उलटफेर करते नजर आ रहे हैं। बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव की मतगणना में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के नीरज कुमार सिन्हा पर 6,000 से अधिक वोटों की मजबूत बढ़त बना ली है।
बांकीपुर सीट: प्रशांत किशोर का पहला इम्तिहान और बढ़त
चुनाव आयोग (ECI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, नौ राउंड की गिनती पूरी होने के बाद भी प्रशांत किशोर लगातार अपनी बढ़त का दायरा बढ़ा रहे हैं। बीजेपी विधायक नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई बांकीपुर सीट पर इस बार त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा था।
- शुरुआती रुझान: पहले और दूसरे राउंड से ही प्रशांत किशोर ने लगातार बढ़त बनाए रखी।
- वोट मार्जिन: 9वें राउंड के बाद जन सुराज पार्टी के संस्थापक 6,000 से ज्यादा वोटों से आगे निकल चुके हैं।
- मुख्य मुकाबला: बांकीपुर में मुकाबला प्रशांत किशोर (जन सुराज), नीरज कुमार सिन्हा (बीजेपी) और राजद उम्मीदवार के बीच है।
यदि प्रशांत किशोर यह चुनाव जीतने में सफल रहते हैं, तो यह बिहार की पारंपारिक राजनीति और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए एक बहुत बड़ा संदेश होगा।
मध्य प्रदेश की दतिया सीट: कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह आगे
बिहार के अलावा मध्य प्रदेश की हाई-प्रोफाइल दतिया विधानसभा सीट पर भी सियासी पारा चढ़ा हुआ है। यहां कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को पीछे छोड़ते हुए बढ़त बना ली है।
गौर करने वाली बात यह है कि साल 2023 के चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने बीजेपी के कद्दावर नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराया था। हालांकि, धोखाधड़ी के एक मामले में सजा मिलने के बाद यह सीट खाली हुई थी। इस उपचुनाव में बीजेपी ने नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा था, जिसका मिश्रा के समर्थकों ने कड़ा विरोध भी किया था।
गुजरात की मांझलपुर सीट का गणित
गुजरात की मांझलपुर सीट पर बीजेपी के पूर्व मंत्री योगेश पटेल के निधन के बाद उपचुनाव हुआ था। यहां बीजेपी के सतीश गोविंदभाई पटेल और गुजरात कांग्रेस के उपाध्यक्ष भीखाभाई रबारी के बीच कड़ा मुकाबला चल रहा है। 2022 के चुनावों में यह सीट बीजेपी ने एकतरफा अंतर से जीती थी, इसलिए यहां भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
उपचुनाव के नतीजों का क्या होगा असर?
बांकीपुर में प्रशांत किशोर की बढ़त यह साबित कर रही है कि बिहार का मतदाता अब पारंपारिक राजनीतिक दलों से अलग विकल्प तलाशने के मूड में है। वहीं, दतिया में बीजेपी की नरोत्तम मिश्रा को दरकिनार करने की रणनीति का असर भी चुनावी परिणामों पर साफ देखा जा सकता है।