झारखंड की राजनीति में उस वक्त एक दिलचस्प और चौंकाने वाला मोड़ आ गया, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपनी ही पार्टी समर्थित हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। रांची में परीक्षा धोखाधड़ी (Exam-Fraud) के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की राहुल गांधी ने खुलकर आलोचना की है, जबकि इससे कुछ घंटे पहले राज्य के कुछ कांग्रेस नेताओं ने सरकार के इस कदम का बचाव किया था।
छात्रों पर हिंसा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं: राहुल गांधी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा कि छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ किसी भी तरह के बल प्रयोग का वे कड़ा विरोध करते हैं। उन्होंने कहा, "छात्रों के खिलाफ हिंसा चाहे कहीं भी हो, हम इसके खिलाफ हैं। हम इसका समर्थन नहीं करते। हमारे मन में इस बात को लेकर कोई असमंजस नहीं है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर हमला करना पूरी तरह से गलत है।"
इससे पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा था कि झारखंड में प्रदर्शनकारी छात्रों पर बल प्रयोग बिल्कुल गलत है। छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का पूरा अधिकार है और संवाद के जरिए ही इसका समाधान निकाला जा सकता है। सरकार को तुरंत छात्रों की बात सुननी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं के बयानों में दिखा विरोधाभास
दिलचस्प बात यह है कि झारखंड सरकार में शामिल कांग्रेस के मंत्रियों और नेताओं का रुख इस मामले में अलग नजर आया।
- झारखंड सरकार के कांग्रेस मंत्री इरफान अंसारी ने पुलिस कार्रवाई का बचाव करते हुए दावा किया था कि सरकार ने संयम बरता और केवल पानी की बौछारों (Water Cannons) का इस्तेमाल किया।
- इरफान अंसारी ने इसके लिए बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के कुछ असामाजिक तत्वों ने शांतिपूर्ण आंदोलन को भड़काने की कोशिश की थी।
- वहीं, कांग्रेस के पब्लिसिटी हेड पवन खेड़ा ने भी हेमंत सोरेन सरकार की पीठ थपथपाते हुए कहा था कि जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते की गिरफ्तारी यह साबित करती है कि राज्य सरकार छात्रों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए गंभीर है।
मल्लिकार्जुन खर्गे और राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला
इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे ने भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। खर्गे ने दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई, अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट के चंदे के मुद्दे और अन्य विषयों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग की।
राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे इस बात का जवाब दें कि क्या उन्होंने दिल्ली और सीवान में प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोलीबारी का आदेश दिया था या नहीं। राहुल ने साफ किया कि जब तक इस पर स्पष्टीकरण नहीं मिलता, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: राहुल गांधी ने झारखंड सरकार के किस कदम की आलोचना की है?
Ans: राहुल गांधी ने रांची में परीक्षा में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और बल प्रयोग की कड़ी निंदा की है।
Q2: झारखंड में किसकी सरकार है?
Ans: झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस गठबंधन की हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार है।
Q3: कांग्रेस नेताओं का इस मामले में क्या कहना था?
Ans: जहां एक ओर राहुल गांधी ने छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई को गलत बताया, वहीं राज्य के मंत्री इरफान अंसारी और नेता पवन खेड़ा ने शुरुआत में सरकार की कार्रवाई का बचाव करते हुए इसके लिए बीजेपी पर प्रदर्शन भड़काने का आरोप लगाया था।