ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों का अनुभव अक्सर तब कड़वा हो जाता है जब उन्हें स्टेशन पर बुनियादी जरूरतों के लिए भी मनमाने दाम चुकाने पड़ते हैं। ताजा मामला बिहार के महत्वपूर्ण हाथीदह जंक्शन से सामने आया है, जहां पानी की एक बोतल के तय कीमत से ज्यादा पैसे मांगने पर हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब यात्री ने इसका विरोध किया और वेंडर ने उसे कैमरे के सामने ही जान से मारने और आंख निकाल लेने की धमकी दे डाली।
हाथीदह जंक्शन का वायरल वीडियो बना चर्चा का विषय
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो आग की तरह फैल रहा है, जिसमें भारतीय रेलवे की व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल क्लिप के मुताबिक, अमरेश कुमार नाम के एक यात्री ने हाथीदह जंक्शन पर पानी की बोतल खरीदी। जब उन्होंने वेंडर से पूछा कि क्या ठंडे पानी की बोतल के लिए 20 रुपये वसूले जा रहे हैं, तो वेंडर का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
नियमों और तय मूल्य पर सवाल पूछना उस वेंडर को इतना नागवार गुजरा कि उसने शालीनता की सारी हदें पार कर दीं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि वेंडर न सिर्फ यात्री को गालियां दे रहा है, बल्कि उसे वीडियो रिकॉर्डिंग करने से भी रोक रहा है। जब यात्री ने उसकी इस दबंगई पर प्रतिवाद किया, तो वेंडर दुकान से बाहर निकलकर हाथापाई पर उतारू हो गया।
'वीडियो बनाया तो आंख निकाल लेंगे' - वेंडर की खुली धमकी
इस वायरल वीडियो का सबसे डरावना हिस्सा वह था जब वेंडर ने कैमरे पर बेखौफ होकर धमकी दी कि अगर उसने वीडियो बनाना बंद नहीं किया तो वह उसकी आंखें निकाल लेगा। एक आम यात्री द्वारा अपने अधिकारों के तहत सवाल पूछने पर इस तरह की गुंडागर्दी रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था और वेंडर्स की मनमानी पर बड़ा सवालिया निशान लगाती है।
अमरेश कुमार ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया, जिसके बाद यह इंटरनेट पर वायरल हो गया। महज कुछ ही घंटों के भीतर इस वीडियो को पांच लाख से अधिक बार देखा जा चुका है और इस पर हजारों लोगों की प्रतिक्रियाएं आ चुकी हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो और इसमें लगाए गए ओवरचार्जिंग के आरोपों पर रेलवे या आईआरसीटीसी (IRCTC) के स्थानीय प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा, रेलवे और IRCTC से कार्रवाई की मांग
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेंड करने लगा, नेटिजन्स और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों का कहना है कि रेलवे स्टेशनों पर वेंडर्स की यह मनमानी कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस तरह खुलेआम ग्राहकों को धमकाना और आपराधिक भाषा का इस्तेमाल करना अत्यंत गंभीर अपराध है।
- यात्रियों की तीखी प्रतिक्रिया: सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि अगर वेंडर सही दाम पर सामान बेच रहा था, तो उसे कैमरे से डरने या धमकी देने की क्या जरूरत थी?
- रेलवे प्रशासन को टैग: कई जिम्मेदार नागरिकों ने इस वीडियो में रेल मंत्री, भारतीय रेलवे और आईआरसीटीसी के आधिकारिक हैंडल को टैग करते हुए आरोपी वेंडर के खिलाफ सख्त लाइसेंस रद्द करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
- आरपीएफ (RPF) से अपील: कमेंट्स में कई लोगों ने यात्री को तुरंत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) या रेल मदद ऐप पर आधिकारिक शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है।
रेलवे स्टेशनों पर ओवरचार्जिंग का पुराना नासूर
यह अकेली ऐसी घटना नहीं है जहां वेंडर्स द्वारा यात्रियों से एमआरपी (MRP) से ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हों। देश के अधिकांश छोटे और बड़े रेलवे स्टेशनों पर वेंडर ठंडे पानी के नाम पर, कोल्ड ड्रिंक और पैक्ड फूड आइटम्स पर 5 से 10 रुपये अधिक वसूलते हैं। रेलवे के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी सामान पर तय कीमत से ज्यादा पैसे नहीं वसूले जा सकते, और ऐसा करते पाए जाने पर भारी जुर्माने या वेंडर का लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान है। बावजूद इसके, जमीनी हकीकत आज भी चिंताजनक बनी हुई है।
