देश की सबसे बड़ी परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं में शुमार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एक बार फिर अपनी व्यवस्थाओं को लेकर सवालों के घेरे में है। इस बार मामला किसी पेपर लीक या परिणाम में गड़बड़ी का नहीं, बल्कि परीक्षा हॉल के भीतर अचानक 'बत्ती गुल' होने का है। राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक परीक्षा केंद्र पर बिजली चले जाने के कारण ऐसा हंगामा मचा कि आखिरकार NTA को अपनी गलती स्वीकार करनी पड़ी और प्रभावित छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा (Re-Exam) की तारीख का ऐलान करना पड़ा।
आइए जानते हैं कि आखिर जयपुर के इस सेंटर पर क्या हुआ था और NTA ने इस बड़ी लापरवाही पर क्या सफाई दी है।
जयपुर के इस कॉलेज में हुआ पावर कट का ड्रामा
यह पूरी घटना शनिवार को आयोजित हुई ऑल इंडिया आयुष पोस्ट ग्रेजुएट एंट्रेंस टेस्ट (AIAPGET) के दौरान सामने आई। न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला जयपुर के प्रतिष्ठित ‘श्री सत्य साईं पीजी कॉलेज’ परीक्षा केंद्र का है। शनिवार की सुबह जब देश भर के मेडिकल छात्र अपने भविष्य की नींव रखने के लिए कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठे थे, ठीक उसी वक्त इस सेंटर पर अचानक बिजली गुल हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार, बिजली गुल होने का यह सिलसिला सुबह करीब 10:20 बजे शुरू हुआ। हालांकि, कॉलेज प्रशासन ने कुछ ही देर में जनरेटर चालू करने का दावा किया, लेकिन तब तक पहली शिफ्ट की पूरी परीक्षा व्यवस्था का भट्टा बैठ चुका था। कंप्यूटर स्क्रीन अचानक बंद होने और तकनीकी बाधाओं के कारण कई छात्र तय समय सीमा के भीतर अपने कठिन सवालों को हल नहीं कर पाए।
छात्रों के गंभीर आरोप: 'अंधेरे का फायदा उठाकर हुई नकल'
परीक्षा केंद्र पर बिजली जाने के बाद जो कुछ हुआ, उसने परीक्षा की पारदर्शिता पर ही सवालिया निशान खड़े कर दिए। नाराज अभ्यर्थियों ने केवल बिजली जाने पर ही हंगामा नहीं किया, बल्कि बहुत ही गंभीर आरोप लगाए।
- आपसी बातचीत और चर्चा: छात्रों का कहना था कि जब कमरे में अंधेरा हुआ और कंप्यूटर बंद हो गए, तो उस दौरान कक्ष में बैठे कुछ छात्रों के बीच प्रश्नपत्र को लेकर चर्चा और बातचीत शुरू हो गई।
- नकल की आशंका: अभ्यर्थियों का दावा है कि ऐसे माहौल में परीक्षा की निष्पक्षता पूरी तरह समाप्त हो जाती है। सिर्फ अतिरिक्त समय दे देने से इस समस्या का समाधान नहीं होता, क्योंकि अव्यवस्था के दौरान नकल की पूरी गुंजाइश बन चुकी थी।
- पूरी शिफ्ट रद्द करने की मांग: गुस्साए छात्रों ने मांग की थी कि केवल कुछ छात्रों को राहत देने के बजाय पहली शिफ्ट की इस परीक्षा को पूरी तरह से रद्द किया जाना चाहिए और दोबारा पारदर्शिता के साथ एग्जाम होना चाहिए।
NTA ने मानी एजेंसी की बड़ी चूक, अब 1 सितंबर को होगा री-टेस्ट
विवाद बढ़ने और छात्रों के कड़े विरोध के बाद NTA को आखिरकार आधिकारिक बयान जारी करना पड़ा। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि देश भर के करीब 200 परीक्षा केंद्रों पर पहली शिफ्ट में कुल 35,837 छात्र शामिल हुए थे। इनमें से 35,788 छात्रों ने तो शांतिपूर्ण तरीके से अपना पेपर पूरा कर लिया, लेकिन जयपुर के श्री सत्य साईं पीजी कॉलेज केंद्र पर मौजूद 192 छात्रों में से 49 छात्र बिजली गुल होने की वजह से अपना पेपर पूरा नहीं कर पाए।
NTA ने इस पूरी गड़बड़ी और अव्यवस्था के लिए परीक्षा आयोजित कराने वाली थर्ड-पार्टी एजेंसी ‘M/S Eduquity Career Technologies Private Limited’ को सीधा जिम्मेदार ठहराया है।
प्रभावित छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एजेंसी ने अब इन 49 छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करने का फैसला किया है:
- री-एग्जाम की तारीख: 1 सितंबर 2024
- परीक्षा का समय: सुबह 10:00 बजे से
- नया परीक्षा केंद्र: ‘राजस्थान कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फॉर विमेन’, जयपुर
- एडमिट कार्ड: इन छात्रों के लिए बहुत जल्द नए एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे, जिन्हें वे आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकेंगे।
छात्रों के लिए जरूरी हेल्पलाइन और संपर्क सूत्र
यदि इस परीक्षा या नए एडमिट कार्ड से जुड़ी किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या या शंका का समाधान छात्र चाहते हैं, तो NTA ने उनके लिए विशेष मदद की व्यवस्था की है। छात्र नीचे दिए गए माध्यमों से संपर्क कर सकते हैं:
- हेल्पलाइन नंबर: 011-40759000 या 011-69227700
- आधिकारिक ईमेल आईडी: aiapget@nta.ac.in
