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कोटा में कोचिंग छात्रा का 5 दिन पीछा, अपहरण की कोशिश; डर के साये में परिवार

कोटा में कोचिंग छात्रा का 5 दिन पीछा, अपहरण की कोशिश; डर के साये में परिवार

देश की शिक्षा नगरी के रूप में मशहूर कोटा शहर से एक ऐसी डरावनी और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने देश भर के उन लाखों अभिभावकों की रातों की नींद उड़ा दी है जो अपने बच्चों को दूर-दराज से भेजकर यहां पढ़ा रहे हैं। एक नाबालिग कोचिंग छात्रा का लगातार पांच दिनों तक सिरफिरे मजनुओं द्वारा पीछा किए जाने और उसे जबरन कार में खींचने की कोशिश का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार और खुद छात्रा इस कदर खौफ में हैं कि सामान्य जीवन बिताना भी उनके लिए दूभर हो गया है।

पिता के कपड़े पहनकर कोचिंग जाने को मजबूर हुई बेटी

दहशत का आलम यह है कि मंगलवार को जब वह छात्रा अपनी कोचिंग के लिए घर से निकली, तो उसकी पहचान छिपाने के लिए उसे अपनी रेगुलर कोचिंग ड्रेस के ऊपर अपने पिता के बड़े कपड़े पहनने पड़े। यह दृश्य किसी भी संवेदनशील इंसान की आंखों में आंसू ले आने के लिए काफी है कि एक तरफ पढ़ाई के जरिए सपनों को उड़ान देने आई एक बच्ची को अपनी सुरक्षा के लिए भेष बदलने पर मजबूर होना पड़ रहा है। परिजनों के अनुसार, उनकी बेटी पिछले कुछ दिनों से मानसिक प्रताड़ना और भारी तनाव से गुजर रही है।

मिली जानकारी के अनुसार, शहर के एक विशेष थाना क्षेत्र में यह पूरी घटना घटी है। आरोप है कि दो अलग-अलग गाड़ियों—एक सफेद रंग की कार (संख्या: RJ-17-CB-4482) और एक काले रंग की कार (संख्या: RJ-45-YC-1263)—के जरिए इस पूरी घिनौनी हरकत को अंजाम दिया जा रहा था। बदमाश लगातार छात्रा के रास्तों की रेकी कर रहे थे और उसे अकेला पाकर दबोचने की फिराक में थे।7 सितंबर की वो खौफनाक शाम

घटनाक्रम के मुताबिक, गत 7 सितंबर की शाम को जब छात्रा अपनी कक्षाओं से लौट रही थी, तब सफेद कार में सवार एक सिरफिरे युवक ने उसका रास्ता रोक लिया। हद तो तब हो गई जब उसने सरेराह छात्रा का हाथ पकड़कर उसे जबरन अपनी कार में खींचने का कुत्सित प्रयास किया। गनीमत यह रही कि उस विकट परिस्थिति में भी छात्रा ने हिम्मत नहीं हारी और पूरी ताकत लगाकर अपना हाथ छुड़ाया तथा वहां से दौड़कर किसी तरह अपनी जान बचाते हुए घर पहुंची।

घर पहुंचने के बाद सदमे में डूबी छात्रा ने आपबीती अपने माता-पिता को सुनाई। बेटी की बात सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। हालांकि, संकट के उस पल में भी छात्रा ने सूझबूझ का परिचय देते हुए पीछा करने वाली कार का नंबर अपने जेहन में सुरक्षित रख लिया था, जो बाद में पुलिस की जांच के लिए सबसे बड़ा सुराग साबित हुआ।

सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों का गुस्सा

घटना के बाद डरे-सहमे परिजनों ने तुरंत स्थानीय पुलिस से संपर्क किया और गाड़ियों के नंबरों के आधार पर शिकायत दर्ज कराई। इस बीच, जब परिवार ने अपनी स्तर पर छानबीन की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला, तो एक स्थानीय कॉलोनी में संदिग्ध सफेद और काली कारों के खड़े होने की सटीक लोकेशन मिल गई।

बुधवार की सुबह जब कुछ स्थानीय लोग और परिजन उस संदिग्ध वाहन के बारे में पूछताछ करने उस स्थान पर पहुंचे, तो हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए। गाड़ी का चालक वाहन लेकर वहां से भागने की फिराक में था। जब स्थानीय लोगों ने उसे रोकने की कोशिश की, तो बेखौफ ड्राइवर ने अपनी गाड़ी सीधे भीड़ की तरफ दौड़ा दी और उन्हें कुचलने का प्रयास करते हुए तेज रफ्तार में वहां से फरार हो गया। इस दुस्साहस ने स्थानीय नागरिकों में भी भारी रोष पैदा कर दिया है।

वाहन मालिकों का आपराधिक इतिहास और पुलिस एक्शन

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। थाना प्रभारी सीआई अजीत बागड़ोलिया ने मीडिया को जानकारी दी है कि पीड़ित परिजनों की लिखित शिकायत और गंभीर आरोपों के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस संदिग्ध वाहनों के पंजीकरण नंबरों के जरिए मुख्य आरोपियों तक पहुंचने के लिए शहरभर के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और तेजी से दबिश दी जा रही है।

परिवहन विभाग के रिकॉर्ड से जो तथ्य सामने आए हैं, वे इन वाहन चालकों की आपराधिक मानसिकता की ओर और पुख्ता इशारा करते हैं:

  • काली कार (RJ-45-YC-1263): यह वाहन मोलीलाल मीणा के नाम पर रजिस्टर्ड है। इस गाड़ी के नाम पर पहले से ही कुल 6 ट्रैफिक चालान कट चुके हैं, जिनमें से 3 का भुगतान (कंपाउंड) हो चुका है, जबकि बाकी लंबित हैं।
  • सफेद कार (RJ-17-CB-4482): इस कार का रजिस्ट्रेशन रामरूप मीणा के नाम पर है। इस संदिग्ध वाहन के नाम कुल 7 चालान दर्ज हैं, जिनमें से भी केवल 3 ही कंपाउंड हुए हैं।

कोचिंग स्टूडेंट्स की सुरक्षा पर फिर उठा बड़ा सवाल

यह घटना एक बार फिर से देश के प्रमुख एजुकेशन हब कहे जाने वाले कोटा की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करती है। हर साल देश के कोने-कोने से लाखों छात्र-छात्राएं डॉक्टर और इंजीनियर बनने का सपना लेकर यहां आते हैं। ऐसे में यदि शहर के भीतर इस तरह की खुलेआम गुंडागर्दी और मनचलों का आतंक बढ़ने लगे, तो यह न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए चिंता का विषय बन जाता है।

फिलहाल, पुलिस अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें जल्द ही कानून के शिकंजे में कस लिया जाएगा। लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ एक घटना के बाद कुछ दिनों की सख्ती से इन असामाजिक तत्वों के हौसले पस्त हो जाएंगे? अभिभावक मांग कर रहे हैं कि कोचिंग क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और मनचलों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई हो जो दूसरों के लिए भी एक कड़ा सबक बने।

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रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

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रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

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