उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुहेलबाद भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया है कि आने वाले दिनों में सपा में और बड़ी टूट देखने को मिलेगी।
उत्तर प्रदेश में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव का समय नजदीक आ रहा है, राजनीतिक सरगर्मी बढ़ती जा रही है। इसी क्रम में सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने नया दावा करते हुए कहा है कि समाजवादी पार्टी के दो और विधायक भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के लिए बेताब हैं। उन्होंने कहा कि अंबेडकर नगर क्षेत्र के सपा के दो विधायक पार्टी छोड़ने के लिए परेशान हैं और चुनाव नजदीक आते ही सपा में भगदड़ मच जाएगी। राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में जो दुर्गति सपा की हुई थी, उससे भी बदतर स्थिति वर्ष 2027 के चुनाव में देखने को मिलेगी।
सपा के तीन बागी विधायकों ने थामा था भाजपा का दामन
यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में समाजवादी पार्टी के तीन बागी विधायकों ने 14 अक्टूबर 2026 को अमेठी के गौरीगंज में आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। इनमें गौरीगंज विधानसभा सीट (अमेठी) से विधायक राकेश प्रताप सिंह, गोसाईगंज विधानसभा सीट (अयोध्या) से विधायक अभय सिंह और कालपी विधानसभा सीट (जालौन) से विधायक विनोद चतुर्वेदी शामिल रहे। इन तीनों विधायकों ने वर्ष 2024 के राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग की थी। इसके परिणामस्वरुप जून 2025 में इन्हें समाजवादी पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। अमेठी के गौरीगंज में हुए इस सदस्यता ग्रहण समारोह में उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे थे।
लैपटॉप घोटाले और महिला आरक्षण का उठाया मुद्दा
ओम प्रकाश राजभर ने केवल चुनावी भगदड़ का ही दावा नहीं किया, बल्कि अखिलेश यादव के पिछले कार्यकाल और नीतियों पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की पूर्ववर्ती सरकार के दौरान हुए लैपटॉप वितरण घोटाले के बारे में पूरा उत्तर प्रदेश जानता है। इसके अलावा उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक के संदर्भ में भी सपा पर प्रहार किया। राजभर ने आरोप लगाया कि मौजूदा समय में सपा ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रस्ताव वाले महिला आरक्षण विधेयक का विरोध किया है। उनके अनुसार यह रुख महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और समान प्रतिनिधित्व के प्रति समाजवादी पार्टी के दृष्टिकोण को उजागर करता है। साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि राजनीतिक सत्ता विरासत में तो मिल सकती है, लेकिन बुद्धिमत्ता नहीं।
गठबंधन से लेकर राजनीतिक टकराव का इतिहास
गौरतलब है कि वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुभासपा ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ा था। हालांकि, बाद में आपसी मतभेदों के चलते राजभर ने सपा का साथ छोड़ दिया था और पुनः भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन कर लिया था। वर्तमान में वे योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री पद पर हैं और लगातार समाजवादी पार्टी एवं उसके नेतृत्व पर हमलावर रहते हैं।