दिल्ली हाई कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके संस्थापक अभिजीत दिपके को कनॉट प्लेस सेंट्रल पार्क में 16 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन और तिरंगा यात्रा निकालने से रोकने से इनकार कर दिया है। अदालत ने पुलिस के उस आश्वासन को अपने रिकॉर्ड पर ले लिया है जिसके तहत प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों को नियंत्रित और विनियमित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाने की बात कही गई थी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP संस्थापक अभिजीत दिपके के तीखे सवाल
इससे पहले CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि तिरंगा फहराना भी कानून का उल्लंघन कैसे हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली को भारी सुरक्षा बलों की तैनाती के जरिए एक बॉर्डर में तब्दील कर दिया गया है, जहां रेलवे और मेट्रो सेवाओं को भी प्रभावित किया गया है। दिपके ने दावा किया कि छात्र संगठनों, विपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्रियों को सड़कों पर घसीटा गया है, और यह सब ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा के नाम पर किया जा रहा है।
प्रकाश राज ने फॉर्म 7 के जरिए वोटर्स के नाम हटाने का लगाया आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिनेता प्रकाश राज ने भी शिरकत की। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कर्नाटक के 23 जिलों के उन लोगों की आवाजों को चुपचाप मिटाने के लिए 'फॉर्म 7' का दुरुपयोग किया जा रहा है, जो किन्हीं कारणों से दिल्ली तक नहीं पहुंच सकते। उनके अनुसार, इसके माध्यम से मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की जा रही है। इस संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक समय पर अफरा-तफरी और हंगामा भी देखने को मिला, जिसमें AISA अध्यक्ष नेहा बोरा और अभिजीत दिपके मौजूद थे।
राहुल गांधी के आचरण पर बीजेपी और विपक्ष की प्रतिक्रिया
सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी के आचरण को लेकर हुई सुनवाई और टिप्पणियों के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी को भारतीय लोकतंत्र में अराजकता की मिसाल बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता के रूप में उनका आचरण गैर-जिम्मेदार और संविधान की समझ से परे है। बीजेपी ने दावा किया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी का आचरण महिला पुलिसकर्मियों की गरिमा के खिलाफ था।
दूसरी ओर, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि गांधी परिवार ने देश को बहुत कुछ दिया है और उन्हें कोई फटकार नहीं लगा सकता। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए तीखी राजनीतिक टिप्पणियां कीं।