Breaking
► अमीनाबाद दवा मंडी पर एफएसडीए का बड़ा एक्शन: 14 फर्मों के लाइसेंस रद्द, 29 निलंबित ► धर्म परिवर्तन के बाद स्वतः नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ: सुप्रीम कोर्ट ► कन्नौज में छह महीने से फर्जी दरोगा बनकर रह रहा आरोपी गिरफ्तार ► अंकिता भंडारी हत्याकांड: रायपुर में कांग्रेस और महिला कांग्रेस का प्रदर्शन ► हाथरस में अवैध पटाखों के गोदाम पर पुलिस का छापा, 12 लाख का सामान जब्त और दो गिरफ्तार ► ओपी राजभर का दावा, 2027 में 2017 से भी बदतर होगी सपा की स्थिति ► आजमगढ़: सड़क जाम और पुलिस से धक्का-मुक्की मामले में 8 वांछित गिरफ्तार ► दिल्ली तिरंगा यात्रा पर हाई कोर्ट की रोक से इंकार, CJP और प्रकाश राज ने लगाए गंभीर आरोप ► UPSRTC की समीक्षा बैठक: पर्वों पर शत-प्रतिशत बस संचालन के निर्देश ► वाराणसी में विदेशी ठगी का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त, तीन ठिकानों से SIM Box और उपकरण जब्त ► अमीनाबाद दवा मंडी पर एफएसडीए का बड़ा एक्शन: 14 फर्मों के लाइसेंस रद्द, 29 निलंबित ► धर्म परिवर्तन के बाद स्वतः नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ: सुप्रीम कोर्ट ► कन्नौज में छह महीने से फर्जी दरोगा बनकर रह रहा आरोपी गिरफ्तार ► अंकिता भंडारी हत्याकांड: रायपुर में कांग्रेस और महिला कांग्रेस का प्रदर्शन ► हाथरस में अवैध पटाखों के गोदाम पर पुलिस का छापा, 12 लाख का सामान जब्त और दो गिरफ्तार ► ओपी राजभर का दावा, 2027 में 2017 से भी बदतर होगी सपा की स्थिति ► आजमगढ़: सड़क जाम और पुलिस से धक्का-मुक्की मामले में 8 वांछित गिरफ्तार ► दिल्ली तिरंगा यात्रा पर हाई कोर्ट की रोक से इंकार, CJP और प्रकाश राज ने लगाए गंभीर आरोप ► UPSRTC की समीक्षा बैठक: पर्वों पर शत-प्रतिशत बस संचालन के निर्देश ► वाराणसी में विदेशी ठगी का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त, तीन ठिकानों से SIM Box और उपकरण जब्त

धर्म परिवर्तन के बाद स्वतः नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ: सुप्रीम कोर्ट

धर्म परिवर्तन के बाद स्वतः नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ: सुप्रीम कोर्ट

धर्म परिवर्तन के बाद पुराने सामाजिक पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण का दावा स्वतः स्वीकार्य नहीं: शीर्ष अदालत का स्पष्ट निर्देश

नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट ने धर्म परिवर्तन और आरक्षण के एक महत्वपूर्ण मामले पर अपना फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि हिंदू धर्म छोड़कर किसी अन्य भिन्न धर्म को अपनाने वाला व्यक्ति अपने पुराने सामाजिक पिछड़ेपन के आधार पर संविधान के अनुच्छेद 16(4) के तहत आरक्षण का दावा स्वतः नहीं कर सकता है। अदालत का यह रुख स्पष्ट करता है कि व्यक्ति की सामाजिक स्थिति और पहचान धर्म बदलने के साथ ही नई व्यवस्था के अधीन हो जाती है।

न्यायालय ने अपने फैसले में रेखांकित किया है कि धर्म परिवर्तन के उपरांत किसी व्यक्ति की पिछली सामाजिक व्यवस्था से जुड़ा पिछड़ापन नए धर्म में स्वतः जारी नहीं माना जा सकता। सामाजिक पिछड़ेपन की स्थिति और उसकी पहचान नए धार्मिक और सामाजिक ढांचे के आधार पर तय होती है, इसलिए पुराने आधार पर मिलने वाले संरक्षण स्वतः स्थानांतरित नहीं होते हैं।

संवैधानिक प्रावधान और अनुसूचित जाति का दायरा

संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश के प्रावधानों के अनुसार, हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के अलावा अन्य धर्मों को मानने वाले किसी भी व्यक्ति को अनुसूचित जाति (SC) का सदस्य नहीं माना जाता है। इस कानूनी स्थिति के चलते, जब कोई व्यक्ति इन निर्धारित धर्मों को छोड़कर किसी अन्य धर्म में परिवर्तन करता है, तो उसका अनुसूचित जाति का दर्जा कानूनी रूप से समाप्त हो जाता है।

दर्जा समाप्त होने के बाद उस विशेष श्रेणी पर आधारित आरक्षण और उससे जुड़े अन्य संवैधानिक तथा प्रशासनिक लाभों का दावा करने का अधिकार भी स्वतः समाप्त हो जाता है। यह निर्णय देश में धर्मांतरण के बाद मिलने वाले आरक्षण के दावों और कानूनी स्थिति को और अधिक स्पष्ट करता है।

About the Author

रोली सिंह

रोली सिंह

Writer

रोली सिंह पिछले 2 सालों से पत्रकारिता और न्यूज़ रिपोर्टिंग से जुड़ी हैं। वह लोकल न्यूज़ और लोगों से जुड़े मुद्दों को पढ़ने वालों तक पहुंचाने का काम...

Read More

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →