Breaking
► उत्तराखंड के नन्हे पर्वतारोही रियांश और प्रिशा ने रचा इतिहास, सीएम धामी ने कीर्तिमान पर दी शाबाशी ► चंदौली में प्रलयकारी बाढ़: हजारों एकड़ फसल जलमग्न, किसानों का फूटा गुस्सा ► कैसे जापान का सबसे पसंदीदा भोजन बना 'करी', जो कभी था इसका विरोधी ► हिमाचल के नामी बोर्डिंग स्कूल में खौफनाक रैगिंग, 9वीं के छात्र पर हमला ► मोकामा-बख्तियारपुर फोरलेन पर भीषण सड़क हादसा, खगड़िया के तीन लोगों की दर्दनाक मौत ► नोरा फतेही पर 3 करोड़ का मानहानि केस, टॉय एयरप्लेन वाले वीडियो ने बढ़ाई मुश्किलें ► खाड़ी देशों में फिर भड़की जंग की आग! ईरान का नया दांव अमेरिका की बढ़ी टेंशन ► डॉक्टरों पर हमला करने वालों की सही जगह जेल, सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख ► सीएम की सुरक्षा में चूक पर बड़ा एक्शन, महिला सिपाही निलंबित ► चंदौली के इस गांव में 10 साल बाद भी विकास शून्य, जरा सी बारिश में बन जाता है नर्क ► उत्तराखंड के नन्हे पर्वतारोही रियांश और प्रिशा ने रचा इतिहास, सीएम धामी ने कीर्तिमान पर दी शाबाशी ► चंदौली में प्रलयकारी बाढ़: हजारों एकड़ फसल जलमग्न, किसानों का फूटा गुस्सा ► कैसे जापान का सबसे पसंदीदा भोजन बना 'करी', जो कभी था इसका विरोधी ► हिमाचल के नामी बोर्डिंग स्कूल में खौफनाक रैगिंग, 9वीं के छात्र पर हमला ► मोकामा-बख्तियारपुर फोरलेन पर भीषण सड़क हादसा, खगड़िया के तीन लोगों की दर्दनाक मौत ► नोरा फतेही पर 3 करोड़ का मानहानि केस, टॉय एयरप्लेन वाले वीडियो ने बढ़ाई मुश्किलें ► खाड़ी देशों में फिर भड़की जंग की आग! ईरान का नया दांव अमेरिका की बढ़ी टेंशन ► डॉक्टरों पर हमला करने वालों की सही जगह जेल, सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख ► सीएम की सुरक्षा में चूक पर बड़ा एक्शन, महिला सिपाही निलंबित ► चंदौली के इस गांव में 10 साल बाद भी विकास शून्य, जरा सी बारिश में बन जाता है नर्क

बाजार के केमिकल शैंपू छोड़ें, मात्र 50 रुपये के रीठा से घर पर बनाएं नेचुरल शैंपू

बाजार के केमिकल शैंपू छोड़ें, मात्र 50 रुपये के रीठा से घर पर बनाएं नेचुरल शैंपू

भागदौड़ भरी जिंदगी, लगातार बढ़ता प्रदूषण और ब्यूटी प्रोडक्ट्स में मौजूद खतरनाक केमिकल्स ने आज बालों की सेहत को बुरी तरह प्रभावित किया है। स्थिति यह है कि कम उम्र में ही युवाओं और महिलाओं के बाल टूट-टूटकर झड़ने लगे हैं, डैंड्रफ की समस्या आम हो गई है और बालों की चमक जैसे कहीं खो सी गई है। इस समस्या से निजात पाने के लिए लोग बाजार में मिलने वाले महंगे से महंगे ब्रांडेड शैंपू और सीरम पर अंधाधुंध पैसा खर्च कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद परिणाम सिफर ही मिलते हैं।

अगर आप भी इस अंतहीन और महंगे चक्रव्यूह से थक चुके हैं, तो अब रुकने और अपनी दिनचर्या में एक आयुर्वेदिक बदलाव करने का वक्त आ गया है। आज हम आपको एक ऐसा पारंपरिक और बेहद किफायती नुस्खा बताने जा रहे हैं, जिसके लिए आपको अपनी जेब ढीली करने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। बाजार से मात्र 50 रुपये का सूखा रीठा लाकर आप घर पर ही पूरी तरह शुद्ध, नेचुरल और केमिकल-फ्री शैंपू तैयार कर सकते हैं, जो आपके बालों की हर समस्या का पक्का इलाज साबित होगा।

रीठा क्यों है बालों के लिए वरदान?

रीठे का इस्तेमाल हमारे देश में सदियों से बालों को धोने और संवारने के लिए किया जाता रहा है। आधुनिक विज्ञान भी इस बात को मानता है कि रीठा में प्राकृतिक रूप से 'सैपोनिन' (Saponin) नामक तत्व पाया जाता है, जो एक बेहतरीन क्लींजिंग एजेंट की तरह काम करता है। यह स्कैल्प से अतिरिक्त तेल, धूल-मिट्टी और गंदगी को गहराई से खींचकर बाहर निकालता है, लेकिन बालों का प्राकृतिक नमी स्तर (Natural Moisture) बनाए रखता है।

बाजार में मिलने वाले शैंपू में सल्फेट (Sulphates) और पैराबेन (Parabens) जैसे हानिकारक सिंथेटिक केमिकल्स होते हैं, जो स्कैल्प की त्वचा को सुखा देते हैं और बालों की जड़ों को कमजोर कर देते हैं। इसके विपरीत, घर पर बना यह हर्बल शैंपू पूरी तरह से प्राकृतिक पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो बालों को अंदर से मजबूती देता है और उनके विकास (Hair Growth) को बढ़ावा देता है।

घर पर नेचुरल शैंपू बनाने के लिए आवश्यक सामग्री

इस चमत्कारी हर्बल शैंपू को तैयार करने के लिए आपको बहुत ज्यादा तामझाम करने की जरूरत नहीं है। रसोई और पंसारी की दुकान पर आसानी से मिलने वाली कुछ बेहद सामान्य चीजें ही इसके लिए काफी हैं:

  • 8 से 10 सूखा रीठा: जिसके बीज पहले ही निकाल दिए गए हों।
  • 5 से 6 सूखा आंवला: जो बालों को काला और घना बनाने में मदद करता है।
  • 5 से 6 सूखा शिकाकाई: जो बालों को मुलायम और रेशमी बनाता है।
  • 2 से 3 कप साफ पानी: मिश्रण को भिगोने और उबालने के लिए।

रीठा शैंपू बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप विधी

इस हर्बल शैंपू को बनाना बेहद आसान है। बस आपको नीचे दिए गए चरणों का सही से पालन करना होगा:

स्टेप 1: रातभर भिगोना

सबसे पहले एक साफ बर्तन या कांच के बाउल में सूखा रीठा, आंवला और शिकाकाई को लें। अब इसमें 2 से 3 कप पानी डालें और इसे रातभर के लिए अच्छी तरह भीगने के लिए छोड़ दें। रातभर पानी में डूबे रहने से इन सभी जड़ी-बूटियों के अंदर मौजूद गुणकारी तत्व और अर्क पानी में घुलने लगते हैं।

स्टेप 2: धीमी आंच पर उबालना

अगली सुबह इस पूरे मिश्रण को एक पैन में डालें और गैस पर मध्यम से धीमी आंच पर 10 से 15 मिनट के लिए उबलने दें। जब आप इसे उबालेंगे, तो देखेंगे कि पानी का रंग बदलने लगा है और सभी जड़ी-बूटियां पूरी तरह सॉफ्ट हो चुकी हैं। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि रीठा, आंवला और शिकाकाई के सभी औषधीय गुण पानी में अच्छी तरह समा जाएं।

स्टेप 3: अच्छी तरह मसलना

उबालने के बाद गैस बंद कर दें और इस मिश्रण को पूरी तरह से ठंडा होने दें। जब मिश्रण छूने लायक ठंडा हो जाए, तो अपने हाथों को अच्छी तरह धोकर रीठा और शिकाकाई को पानी के अंदर ही हाथों से जोर-जोर से मसलें। ऐसा करने से रीठा के अंदर का सारा रस और प्राकृतिक झाग बाहर निकल आएगा और पानी गाढ़ा हो जाएगा।

स्टेप 4: छानकर बोतल में भरना

अब इस गाढ़े और तैयार मिश्रण को किसी सूती मलमल के पतले कपड़े या बारीक छलनी की मदद से अच्छी तरह छान लें, ताकि कचरा या छिलके अलग हो जाएं। छनने के बाद जो लिक्विड आपको मिलेगा, वही आपका असली 100% नेचुरल और केमिकल-फ्री शैंपू है। इसे किसी साफ कांच या प्लास्टिक की बोतल में भरकर स्टोर कर लें।

इस्तेमाल करने का सही तरीका

चूंकि यह शैंपू पूरी तरह से प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से बना है, इसलिए इसके उपयोग का तरीका भी थोड़ा अलग है। इसे इस्तेमाल करते समय इन बातों का ध्यान रखें:

  • सबसे पहले अपने बालों को सादे या गुनगुने पानी से अच्छी तरह गीला कर लें।
  • तैयार किए गए होममेड रीठा शैंपू की थोड़ी सी मात्रा अपनी हथेलियों पर लें।
  • इसे अपने स्कैल्प पर लगाएं और उंगलियों के पोरों से हल्के हाथों से 3 से 5 मिनट तक अच्छी तरह मसाज करें।
  • याद रखें कि यह नेचुरल शैंपू है, इसलिए इसमें केमिकल वाले शैंपू की तरह बहुत ज्यादा भारी झाग नहीं बनेगा, लेकिन यह आपके सिर की गंदगी को गहराई से साफ करने में पूरी तरह सक्षम है।
  • मसाज करने के बाद बालों को साफ और ताजे पानी से धो लें।

बेहतर परिणामों के लिए जरूरी टिप्स

बालों को लंबा, घना और मजबूत बनाने के इस सफर में आपको थोड़ा धैर्य रखने की जरूरत है। चूंकि यह नुस्खा पूरी तरह प्राकृतिक है, इसलिए यह केमिकल प्रोडक्ट्स की तरह रातों-रात असर नहीं दिखाता, बल्कि यह बालों की जड़ों पर गहराई से काम करता है। بہترین और शानदार परिणामों के लिए हफ्ते में कम से कम 2 बार इस घरेलू रीठा शैंपू का नियमित इस्तेमाल करें। कुछ ही हफ्तों में आपको अपने बालों की बनावट में सकारात्मक बदलाव साफ दिखाई देने लगेगा।

तो देर किस बात की? आज ही बाजार के महंगे और साइड-इफेक्ट्स से भरे प्रोडक्ट्स को कहें अलविदा और प्रकृति के इस अनमोल उपहार को अपनाकर अपने बालों को दें नई जिंदगी।

About the Author

अल्का सिंह

अल्का सिंह

Senior Content Writer (स्वास्थ्य एवं लाइफस्टाइल)

अल्का सिंह स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़े विषयों पर गहन शोध के साथ लेखन करती हैं। उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को केवल सामान्य जानकारी ही नहीं, बल...

Read More