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सीएम की सुरक्षा में चूक पर बड़ा एक्शन, महिला सिपाही निलंबित

सीएम की सुरक्षा में चूक पर बड़ा एक्शन, महिला सिपाही निलंबित

बिहार की राजधानी पटना में वीआईपी सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस प्रशासन अब बेहद सख्त रुख अपनाता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री के एक कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक और गंभीर लापरवाही का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए विभाग ने एक महिला सिपाही को निलंबित कर दिया है, जबकि एक गृह रक्षक के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सुरक्षा में तैनात कर्मी अपनी जिम्मेदारियों को लेकर संजीदा नहीं हैं?

चैंबर ऑफ कॉमर्स के कार्यक्रम के दौरान हुआ खुलासा

घटना की शुरुआत तब हुई जब राजधानी पटना में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का एक तय शिड्यूल था। शहर के प्रतिष्ठित चैंबर ऑफ कॉमर्स में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। वीआईपी मूवमेंट के रूट और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल के साथ-साथ गृह रक्षकों (होमगार्ड) की भी भारी तैनाती की गई थी, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके और ट्रैफिक सुचारू रहे।

इसी सुरक्षा योजना के तहत बाटा मोड़ के पास विशेष तौर पर ड्यूटी लगाई गई थी। इस महत्वपूर्ण पॉइंट पर मुस्तैदी की जिम्मेदारी महिला कांस्टेबल निशा कुमारी और गृह रक्षक रुचि कुमारी को सौंपी गई थी। हालांकि, जब अधिकारियों ने औचक निरीक्षण किया, तो जो तस्वीर सामने आई उसने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी।

बिना सूचना ड्यूटी से गायब मिलीं महिलाकर्मी

निरीक्षण के दौरान जब अधिकारी बाटा मोड़ के पास पहुंचे, तो वहां तैनात दोनों महिला कर्मी अपने निर्धारित स्थान से नदारद थीं। शुरुआती जांच में पता चला कि न केवल वे अपनी पोस्ट से गायब थीं, बल्कि उन्होंने वहां से हटने से पहले किसी भी वरिष्ठ अधिकारी को इसकी कोई सूचना या जानकारी तक नहीं दी थी।

देश के शीर्ष जनप्रतिनिधियों और अति विशिष्ट व्यक्तियों (VIP) की सुरक्षा में इस तरह की मनमानी और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को विभाग ने बेहद गंभीरता से लिया। सुरक्षा मानकों के अनुसार, तय प्वाइंट से बिना अनुमति के गायब होना एक बड़ा सुरक्षा उल्लंघन माना जाता है।

किस पर क्या हुई कार्रवाई?

  • महिला कांस्टेबल निशा कुमारी: इस गंभीर लापरवाही का संज्ञान लेते हुए निशा कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है।
  • गृह रक्षक रुचि कुमारी: चूंकि होमगार्ड के प्रशासनिक अधिकार अलग होते हैं, इसलिए रुचि कुमारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संस्तुति करते हुए पटना के जिलाधिकारी (DM) को एक आधिकारिक प्रतिवेदन भेज दिया गया है। अब जिला प्रशासन के स्तर से इनकी भूमिका की समीक्षा के बाद आगे की कड़ी कार्रवाई तय की जाएगी।

ट्रैफिक पोस्ट पर मोबाइल पर व्यस्त मिले पुलिसकर्मी

सुरक्षा में सेंध और लापरवाही का यह मामला सिर्फ वीआईपी रूट तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि शहर के अन्य व्यस्त चौराहों पर भी पुलिसकर्मियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। बाकरगंज यातायात ट्रैफिक पोस्ट पर तैनात कर्मियों की कार्यप्रणाली का जब जायजा लिया गया, तो वहां एक अलग ही लापरवाही देखने को मिली।

निरीक्षण दल ने पाया कि एएसआई (ASI) रविंद्र कुमार मंडल, महिला सिपाही गीता कुमारी और गृह रक्षक सूरज कुमार अपनी ड्यूटी के दौरान मुस्तैद रहने के बजाय मोबाइल फोन चलाने में व्यस्त थे। व्यस्त ट्रैफिक पोस्ट पर इस तरह की लापरवाही आम जनता के लिए भी मुसीबत का सबब बन सकती है।

वेतन रोका गया और मांगा गया स्पष्टीकरण

ड्यूटी के समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल को अनुशासनहीनता और गंभीर कोताही मानते हुए अधिकारियों ने तुरंत प्रभाव से इन सभी लापरवाह कर्मियों का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया है। साथ ही, इन सभी को सात दिनों के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण (Explanation) देने का सख्त निर्देश दिया गया है। विभाग यह स्पष्ट करना चाहता है कि आखिर किस परिस्थिति में वे अपनी ड्यूटी की अनदेखी कर मोबाइल पर समय बिता रहे थे। संतोषजनक जवाब न मिलने पर इन पर और भी कड़ी विभागीय कार्रवाई की गाज गिर सकती है.

कारगिल चौक ट्रैफिक पोस्ट पर भी हुई सख्ती

लापरवाही के खिलाफ यह अभियान सिर्फ बाकरगंज तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि शहर के एक अन्य महत्वपूर्ण और संवेदनशील चौराहे यानी कारगिल चौक यातायात पोस्ट पर भी प्रशासन का चाबुक चला है। यहां तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों द्वारा ड्यूटी में बरती गई कोताही के बाद उनके खिलाफ भी बड़ा एक्शन लिया गया है। कारगिल चौक पोस्ट पर तैनात लापरवाह कर्मियों का भी वेतन रोक दिया गया है।

प्रशासन का कड़ा संदेश: सुरक्षा में कोताही बर्दाश्त नहीं

हालिया दिनों में पटना पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा उठाए गए इन कदमों से साफ है कि अब ड्यूटी के प्रति किसी भी तरह की लापरवाही को माफ नहीं किया जाएगा। वीआईपी सुरक्षा हो या आम नागरिकों की सहूलियत के लिए ट्रैफिक का संचालन, हर जगह पुलिसकर्मियों को अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभानी होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सख्त प्रशासनिक कार्रवाई से मैदानी स्तर पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और पुलिस बल में एक कड़ा संदेश जाएगा। आने वाले दिनों में अधिकारी इस प्रकार के औचक निरीक्षण और तेज करने की योजना बना रहे हैं ताकि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा चक्र में कोई ढिलाई न आने पाए।

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रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

Writer (स्थानीय खबरें)

रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

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