देश के सबसे आधुनिक और तेज रफ्तार माने जाने वाले एक्सप्रेसवे पर अब अपराधियों की नजरें टेढ़ी हो चुकी हैं। लेकिन समय रहते अगर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क न हों, तो सफर करना कितना खतरनाक साबित हो सकता है, इसकी बानगी हाल ही में देखने को मिली है। ताजा मामला महाराष्ट्र के बहुचर्चित समृद्धि महामार्ग से जुड़ा है, जहां रात के सन्नाटे में वाहन चालकों को लूटने के लिए एक बेहद खतरनाक और शातिर साजिश रची गई थी। गनीमत यह रही कि अहिल्यानगर पुलिस की मुस्तैदी ने वक्त रहते इस खौफनाक खेल का पर्दाफाश कर दिया और चार शातिर बदमाशों को दबोच लिया।
नकली नोटों का लालच और हाईवे पर खौफ का खेल
अपराधियों के तौर-तरीके दिन-प्रतिदिन कितने शातिर होते जा रहे हैं, इसका अंदाजा इस घटना से लगाया जा सकता है। समृद्धि महामार्ग पर नासिक और छत्रपति संभाजीनगर के बीच पहले भी लूटपाट की कुछ घटनाएं सामने आ चुकी थीं, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ था। इन वारदातों के मद्देनजर हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था और पेट्रोलिंग (गश्त) को पहले से काफी कड़ा कर दिया गया था।
इसी सुरक्षा घेरे के बीच, अहिल्यानगर जिले के कोपरगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हिस्से में एक खतरनाक गिरोह सक्रिय था। इस गैंग ने वाहन चालकों को लूटने के लिए एक ऐसा तरीका चुना था, जिसके बारे में आम तौर पर कोई सोच भी नहीं सकता। आरोपी रात के अंधेरे में सड़क पर बच्चों के खेलने वाले या कहें कि नकली नोट बिखेरने की योजना बना रहे थे।
क्या थी बदमाशों की पूरी रणनीति?
- नकली नोटों का झांसा: हाइवे से गुजरने वाली गाड़ियों के चालकों को यह भ्रमित करना कि सड़क पर असली नोट गिरे हुए हैं।
- गाड़ी रोकने की मजबूरी: नोटों को देखकर जब कोई चालक अपनी गाड़ी रोकेगा या नीचे उतरेगा, तो उसे निशाना बनाया जाएगा।
- हथियारों से लैस गैंग: चालक के रुकते ही घात लगाकर बैठे बदमाश हथियारों के साथ उसे घेर लेंगे और नगदी, जेवर व अन्य कीमती सामान लूट लेंगे।
गश्त के दौरान पुलिस को हुआ शक
यह घटना 11 September 2026 की तस्दीक करती है कि आधुनिक पुलिसिंग और सतर्क गश्त किस तरह बड़े अपराधों को होने से पहले ही रोक सकती है। कोपरगांव पुलिस स्टेशन का एक गश्ती दल इन दिनों समृद्धि महामार्ग के आसपास के इलाकों और विशेषकर नगर-मनमाड रोड पर नाइट पेट्रोलिंग कर रहा था।
रात के करीब सन्नाटे में जब पुलिस की गाड़ी एक पुल के पास से गुजर रही थी, तो अंधेरे में कुछ संदिग्ध गतिविधियां नजर आईं। पुल के नीचे एक मालवाहक वाहन खड़ा था और उसके पास चार संदिग्ध लोग आपस में कुछ कानाफूसी कर रहे थे। पुलिसकर्मियों ने अपनी गाड़ी की रफ्तार धीमी की और दूर से ही उन पर नजर रखनी शुरू कर दी।
'जो पहला मिलेगा, उसका खून बहाएंगे...'
पुलिस जब इन संदिग्धों के करीब पहुंची, तो उनकी आपसी बातचीत सुनकर पुलिसकर्मियों के भी कान खड़े हो गए। अंधेरे में खड़े बदमाशों में से एक बेहद आक्रामक लहजे में अपने साथियों से कह रहा था, 'हायवेवर जो पहिला भेटेल, त्याचे रक्त काढायचे...' यानी हाईवे पर जो भी पहला व्यक्ति या वाहन चालक उन्हें मिलेगा, उसे बेरहमी से घायल करना है ताकि बाकी लोगों के दिलों में इतना खौफ बैठ जाए कि वे बिना किसी विरोध के अपने पैसे और गहने उनके हवाले कर दें।
यह खौफनाक बयान सुनते ही पुलिस दल ने बिना एक पल गंवाए अपनी रणनीति बनाई और फुर्ती दिखाते हुए चारों तरफ से उन बदमाशों को घेर लिया। अंधेरे का फायदा उठाकर भागने की उनकी कोशिश नाकाम कर दी गई और चारों आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों का कच्चा चिट्ठा
पुलिस की गिरफ्त में आए इन चारों शातिर बदमाशों की पहचान कर ली गई है। पकड़े गए आरोपियों में विवेक भरत शेलार (उम्र 23 वर्ष), ओमकार मारुती जगताप (उम्र 19 वर्ष), रोहित सुरेश परब और बाळकृष्ण राहुल सपकाले (उम्र 19 वर्ष) शामिल हैं। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि ये सभी युवा किसी बड़े आपराधिक गिरोह से जुड़े हो सकते हैं या फिर हाल ही में इन्होंने मिलकर इस गैंग का गठन किया था।
तलाशी के दौरान पुलिस ने इनके पास से खतरनाक हथियार, वारदात में इस्तेमाल किए जाने वाला मालवाहक वाहन और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जब्त किए गए कुल सामान की कीमत लगभग 4 लाख रुपए आंकी गई है।
बड़ी अनहोनी टली, अब आगे की जांच जारी
अहिल्यानगर पुलिस की इस तत्परता से समृद्धि महामार्ग पर एक बहुत बड़ी अनहोनी होने से टल गई है। अगर समय रहते पुलिस उस पुल के पास न पहुंचती, तो शायद कोई बेकसूर मुसाफिर इस वहशी गैंग का शिकार बन चुका होता। पुलिस अब यह खंगालने में जुटी है कि क्या इन आरोपियों का हाथ पहले हुई किसी अन्य लूट की वारदात में भी था या नहीं। इसके अलावा, उनके अन्य साथियों और आपराधिक इतिहास का भी पता लगाया जा रहा है।
इस घटना के सामने आने के बाद एक बार फिर यह साबित हो गया है कि एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्रियों को रात के वक्त कितनी सावधानी बरतने की जरूरत है। वहीं, स्थानीय पुलिस प्रशासन ने भी इस घटना के बाद समृद्धि महामार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद करने के संकेत दिए हैं ताकि सफर करने वाले हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।