त्योहारों के इस सीजन में भारतीय शेयर बाजार से एक बेहद उत्साहजनक और राहत भरी खबर सामने आ रही है। रक्षाबंधन के पावन पर्व से ठीक पहले दलाल स्ट्रीट पर निवेशकों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। गुरुवार के शुरुआती कारोबार में बाजार ने ग्लोबल संकेतों के दम पर एक शानदार और मजबूत शुरुआत की। देश के दोनों प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक—सेंसेक्स और निफ्टी—हरे निशान में कारोबार करते हुए नजर आए, जिससे निवेशकों में एक नया जोश भर गया है।
सेंसेक्स और निफ्टी की दमदार शुरुआत
कारोबारी हफ्ते के चौथे दिन यानी गुरुवार को बाजार खुलते ही खरीदारों ने अपनी दिलचस्पी दिखानी शुरू कर दी। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 103.82 अंक यानी 0.13 प्रतिशत की मजबूती के साथ 77,576.76 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी पीछे नहीं रहा और यह 69.85 अंक यानी 0.29 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,277.60 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा।
यह बढ़त भले ही आंकड़ों के हिसाब से बहुत बड़ी न लगे, लेकिन त्योहार से ठीक पहले बाजार का इस तरह हरे निशान में रहना निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से जारी उतार-चढ़ाव के बीच यह स्थिरता बाजार के लिए एक अच्छी खबर है।
किन सेक्टरों ने संभाली बाजार की कमान?
गुरुवार के शुरुआती सत्र में बाजार को मुख्य रूप से बैंकिंग शेयरों (Banking Stocks) का जबरदस्त सहारा मिला। इसके अलावा मेटल और पीएसयू बैंक के शेयरों में भी तूफानी तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी मेटल इंडेक्स टॉप गेनर्स की सूची में सबसे ऊपर बने हुए थे।
सिर्फ यही नहीं, बाजार का दायरा काफी व्यापक नजर आया। निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी पीएसई, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी कमोडिटीज जैसे तमाम सेक्टरल इंडेक्स भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। इससे साफ है कि बाजार के चुनिंदा शेयरों में ही नहीं, बल्कि चौतरफा खरीदारी का माहौल बना हुआ है।
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी चौतरफा हरियाली
सिर्फ दिग्गज शेयरों (Largecaps) तक ही बाजार की तेजी सीमित नहीं रही, बल्कि बाजार के छोटे और मंझोले शेयरों यानी मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बेहतरीन एक्शन देखने को मिला।
- निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स: यह सूचकांक 265.50 अंक यानी 0.41 प्रतिशत की छलांग लगाकर 64,335.20 के स्तर पर पहुंच गया।
- निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स: इसमें भी 61.65 अंक यानी 0.31 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और यह 20,123.05 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
मिडकैप और स्मॉलकैप में आई इस तेजी से खुदरा निवेशकों (Retail Investors) को काफी राहत मिली है, क्योंकि आमतौर पर छोटे निवेशक इन शेयरों में ज्यादा सक्रिय रहते हैं।
कौन से शेयर रहे टॉप गेनर्स और किनमें आई गिरावट?
सेंसेक्स पैक के शेयरों पर नजर डालें तो बाजार की चाल तय करने में कई दिग्गज कंपनियों ने अहम भूमिका निभाई। बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक, टेक महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा, बीईएल, एशियन पेंट्स, ट्रेंट, इन्फोसिस, टीसीएस, एमएंडएम और एलएंडटी शुरुआती कारोबार में हरे निशान में यानी बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे थे।
दूसरी ओर, कुछ ऐसे भी दिग्गज शेयर रहे जिन पर बिकवाली का दबाव देखा गया। एचडीएफसी बैंक, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, एचयूएल, एसबीआई, एचसीएल टेक, भारती एयरटेल और अल्ट्राटेक सीमेंट शुरुआती सत्र में लाल निशान में यानी नुकसान के साथ कारोबार कर रहे थे।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों का मिलाजुला रुख
भारतीय बाजार भले ही मजबूती के साथ आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन वैश्विक स्तर पर अभी भी कई तरह की अनिश्चितताएं बनी हुई हैं। एशियाई बाजारों में आज मिला-जुला लेकिन अधिकतर तेजी का रुख देखने को मिला। टोक्यो, शंघाई, ताइपे, सोल और जकार्ता के प्रमुख बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।
हालांकि, इसके विपरीत अमेरिकी बाजार बुधवार को कमजोरी के साथ बंद हुए थे। अमेरिका का डाओ जोंस 0.21 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ था, जबकि टेक्नोलॉजी शेयरों से लैस नैस्डैक इंडेक्स में भी 0.08 प्रतिशत की हल्की कमजोरी दर्ज की गई थी।
FII और DII का निवेश: घरेलू निवेशकों ने दिखाया बड़ा दम
भारतीय शेयर बाजार को मजबूती देने में सबसे बड़ा हाथ घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) का रहा है। बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बुधवार को बाजार में 502.63 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश किया। वहीं, दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशकों ने अपनी ताकत दिखाते हुए एक ही दिन में भारी-भरकम 6,425.16 करोड़ रुपए का इक्विटी में निवेश किया। DII का यह बड़ा निवेश इस बात का गवाह है कि भारतीय संस्थागत निवेशकों को देश की अर्थव्यवस्था और कंपनियों के भविष्य पर पूरा भरोसा है।
विशेषज्ञों की क्या है राय?
बाजार के जानकारों का मानना है कि भले ही त्योहारी सीजन के चलते घरेलू स्तर पर धारणा सकारात्मक है, लेकिन वैश्विक उथल-पुथल पर नजर बनाए रखना जरूरी है। दुनिया भर में जारी भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) का असर किसी भी समय बाजार पर पड़ सकता है।
मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान तनाव के अलावा रूस-यूक्रेन संघर्ष के फिर से गहराने की खबरें आ रही हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में गेहूं और अन्य जिंसों की कीमतों में आई तेजी भविष्य में महंगाई को बढ़ा सकती है। महंगाई बढ़ने का सीधा असर केंद्रीय बैंकों के ब्याज दरों पर लिए जाने वाले फैसलों पर पड़ेगा। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भले ही मामूली नरमी आई हो, लेकिन वे अभी भी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं, जो शेयर बाजार की लंबी अवधि की तेजी पर ब्रेक लगा सकते हैं।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर शेयर बाजार में आई यह हरियाली निश्चित रूप से निवेशकों के लिए एक अच्छी शुरुआत है। हालांकि, जानकारों का सुझाव है कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए निवेशकों को बहुत ज्यादा जोखिम लेने से बचना चाहिए। क्वालिटी शेयरों में चुनिंदा निवेश करना और लंबी अवधि का नजरिया रखना ही इस समय सबसे समझदारी भरा कदम साबित हो सकता है। बाजार के हर उतार-चढ़ाव पर पैनी नजर बनाए रखें और अपने वित्तीय सलाहकार की सलाह के बिना बड़ा निवेश करने से बचें।
