आज यानी 18 सितंबर 2026 की सुबह भारतीय शेयर बाजार ने कारोबार की शुरुआत एक बार फिर सकारात्मक नोट पर की है। वैश्विक बाजारों से मिल रहे मजबूत और उत्साहजनक संकेतों का साफ असर घरेलू बाजार पर देखने को मिल रहा है। शुरुआती घंटों में ही निवेशकों का उत्साह देखते ही बन रहा है, जिसके चलते प्रमुख सूचकांक हरे निशान में कारोबार करते नजर आ रहे हैं।
सप्ताह के आखिरी कारोबारी सत्र में बाजार के खुलते ही खरीदारों में एक अलग ही ऊर्जा दिखाई दी। खासकर चुनिंदा सेक्टरों में आक्रामक लिवाली के चलते बाजार को शुरुआती सहारा मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर नरमी के संकेतों के बावजूद घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती निवेशकों का मनोबल ऊंचा रख रही है।
रियल्टी और डिफेंस सेक्टर में जबरदस्त बूम
आज के शुरुआती कारोबार में अगर किसी सेक्टर ने सबसे ज्यादा निवेशकों का ध्यान खींचा है, तो वे हैं रियल्टी और डिफेंस स्टॉक्स। इन दोनों ही सेक्टर्स में तूफानी तेजी दर्ज की जा रही है।
- रियल्टी स्टॉक्स: प्रॉपर्टी बाजार में मांग बढ़ने और त्योहारों के सीजन के नजदीक आने की उम्मीदों के चलते रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारी हो रही है। कई बड़े शेयरों में 2 से 4 प्रतिशत तक का उछाल देखा गया है।
- डिफेंस स्टॉक्स: रक्षा क्षेत्र से जुड़े शेयरों में लगातार निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। सरकार की ओर से मिल रहे नए ऑर्डर्स और आत्मनिर्भर भारत अभियान के चलते डिफेंस कंपनियों के शेयरों में आज जोरदार खरीदारी का दौर जारी है।
इन दोनों सेक्टर्स के अलावा बैंकिंग और ऑटोमोबाइल शेयरों में भी ठीक-ठाक लिवाली देखने को मिल रही है, जो बाजार को नीचे गिरने से रोक रही है।
आईटी शेयरों पर बना हुआ है दबाव
एक तरफ जहां रियल्टी और डिफेंस सेक्टर उड़ान भर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आईटी (Information Technology) शेयरों में सुस्ती और बिकवाली का माहौल है। अमेरिकी बाजारों से मिल रहे तकनीकी संकेतों और टेक कंपनियों के वैल्यूएशन को लेकर चिंता के चलते आज आईटी सेक्टर के दिग्गज शेयरों पर दबाव साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आईटी शेयरों में यहि उतार-चढ़ाव अभी कुछ और सत्रों तक जारी रह सकता है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर टेक कंपनियों की आय को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।
ग्लोबल मार्केट का हाल और निवेशकों के लिए सलाह
एशियाई बाजारों से लेकर अमेरिकी बाजार तक, आज मिला-जुला लेकिन कुल मिलाकर सकारात्मक रुझान देखने को मिला है। कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें फिलहाल सीमित दायरे में बनी हुई हैं, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महंगाई का दबाव कम हुआ है और यही वजह है कि विदेशी निवेशकों (FIIs) का रुख भी थोड़ा सकारात्मक हुआ है।
बाजार विशेषज्ञों की निवेशकों को यही सलाह है कि वे किसी भी तरह की जल्दबाजी में आकर निवेश या बिकवाली न करें। आज के सत्र में चूंकि उतार-चढ़ाव (Volatility) अधिक रहने की संभावना है, इसलिए फंडामेंटल्स मजबूत शेयरों पर ही फोकस करना समझदारी होगी। विशेषकर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में चुनिंदा खरीदारी का मौका तलाशा जा सकता है, लेकिन जोखिम प्रबंधन (Risk Management) का पूरा ध्यान रखें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी तरह का निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।