उत्तर प्रदेश के मौसम का मिजाज इन दिनों बेहद दिलचस्प दौर से गुजर रहा है। एक तरफ जहां सुबह और शाम के वक्त हल्की सिहरन महसूस होने लगी है, वहीं दूसरी तरफ बादलों की आवाजाही और बारिश का दौर अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के भीतर एक बार फिर बड़ा अलर्ट जारी करते हुए लगभग 66 जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब लोग पूरी तरह से गर्मी को अलविदा कहकर गुलाबी ठंड का स्वागत करने की तैयारी में जुटे थे।
अक्टूबर की आहट और मौसम का यू-टर्न
आमतौर पर सितंबर के आखिरी हफ़्ते तक मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने लगती हैं और उत्तर भारत में मौसम साफ होने के साथ ही रातों की हवा ठंडी होने लगती है। लेकिन इस बार बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसमी सिस्टम और उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय हुई टर्फ रेखा की वजह से मौसम ने अचानक यू-टर्न ले लिया है। आलम यह है कि राज्य के पश्चिमी हिस्सों से लेकर पूर्वी छोर तक काले बादलों ने डेरा डाल दिया है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह मानसूनी दौर का संभवतः आखिरी बड़ा चरण हो सकता है, जिसके बाद प्रदेश में मौसम पूरी तरह से करवट लेगा और ठंड का अहसास और अधिक बढ़ जाएगा। हालांकि, इस अचानक होने वाली बारिश ने किसानों की चिंताएं जरूर बढ़ा दी हैं, क्योंकि धान की फसल इस वक्त कटाई या पकने के नाजुक दौर में है।
66 जिलों में हाई अलर्ट: कहां-कहां बरसेंगे बदरा?
मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों और पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के कुल 66 जिलों में झमाझम बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। जिन प्रमुख जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, उनमें राजधानी लखनऊ समेत कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, अयोध्या, बरेली, और मुरादाबाद संभाग के अधिकांश इलाके शामिल हैं।
प्रशासन ने ऐहतियात के तौर पर मैदानी इलाकों के साथ-साथ नदी किनारे बसे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है। कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की भी आशंका जताई गई है, जिसके चलते आपदा प्रबंधन विभागों को पूरी तरह मुस्तैद कर दिया गया है.
प्रमुख शहर और संभावित मौसम की स्थिति
- राजधानी लखनऊ: आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और दिन भर में कई दौर की तेज बारिश दर्ज की जा सकती है।
- पूर्वी उत्तर प्रदेश (वाराणसी, गोरखपुर, बलिया): यहाँ भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश (मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर): यहाँ हल्की से मध्यम बारिश के साथ तापमान में सामान्य से दो से तीन डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
- बुंदेलखंड क्षेत्र (झाँसी, बांदा, हमीरपुर): यहाँ छिटपुट बौछारें पड़ने की संभावना है, जिससे उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी।
22 सितंबर के बाद कैसा रहेगा मौसम?
अगर आप इस बारिश से परेशान हैं और किसी यात्रा या खुले में किसी कार्यक्रम की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए राहत भरी खबर भी है। मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बारिश का यह दौर ज्यादा लंबा नहीं खिंचेगा।
आंकड़ों और पूर्वानुमानों पर गौर करें तो 22 सितंबर से राज्य भर में मौसम के पूरी तरह से शुष्क (Dry) होने का अनुमान लगाया गया है। इस तारीख के बाद से मानसूनी हवाएं उत्तर प्रदेश से विदाई लेना शुरू कर देंगी, जिसके परिणामस्वरूप आसमान साफ हो जाएगा और धूप खिलने लगेगी।
तापमान में गिरावट और गुलाबी ठंड की दस्तक
बारिश के इस दौर के गुजर जाने के बाद जैसे ही आसमान साफ होगा, उत्तर प्रदेश में रातों के तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जानी शुरू हो जाएगी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सितंबर के अंतिम सप्ताह से रात के समय हल्की ठंडक का अहसास जो शुरू होगा, वह सीधे अक्टूबर और नवंबर की मुख्य सर्दियों की तरफ बढ़ेगा।
विशेषज्ञों की सलाह है कि इस बदलते मौसम में अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को सुबह-शाम चलने वाली ठंडी हवाओं से बचाकर रखें, क्योंकि इस मौसम में वायरल संक्रमण और सर्दी-जुकाम के मामले तेजी से बढ़ते हैं।
फिलहाल अगले कुछ घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज तीखा रहने वाला है। यदि आप घर से बाहर निकल रहे हैं, तो अपने साथ छाता और जरूरी सुरक्षा उपाय जरूर रखें ताकि अचानक होने वाली बारिश से किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।