अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले 2000 करोड़ रुपये के अवैध कफ सिरप तस्करी नेटवर्क के मुख्य सूत्रधार शुभम जायसवाल का गोल्डन वीजा अब उसे बचाने में नाकाम साबित हो रहा है। भारत सरकार के कड़े कूटनीतिक दबाव के बाद संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) सरकार ने शुभम की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण पर हरी झंडी दे दी है। विदेश मंत्रालय द्वारा सौंपे गए 39 हजार से अधिक पन्नों के भारी-भरकम साक्ष्यों के आधार पर यूएई एजेंसियों ने यह एक्शन लिया है।
गोल्डन वीजा भी नहीं बचा पाया, अब तीसरे देश भागना नामुमकिन
भारतीय एजेंसियों द्वारा पासपोर्ट रद्द किए जाने के बावजूद शुभम 10 साल के 'गोल्डन वीजा' के दम पर दुबई में बेफिक्र घूम रहा था। लेकिन विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जून में भेजे गए औपचारिक प्रोविजनल अरेस्ट वारंट और विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद दुबई के गृह मंत्रालय ने शिकंजा कस दिया है।
- कड़ी निगरानी: दुबई पुलिस और खुफिया एजेंसियां शुभम के बैंक खातों, पासपोर्ट क्रेडेंशियल और स्थानीय ठिकानों पर चौबीसों घंटे नजर रख रही हैं।
- रेड कॉर्नर नोटिस: इंटरपोल ने सभी 195 सदस्य देशों के इमिग्रेशन काउंटरों को अलर्ट कर रखा है, जिससे उसका किसी तीसरे देश भागना अब लगभग असंभव है।
- प्रत्यर्पण की तैयारी: जैसे ही स्थानीय पुलिस उसे हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश करेगी, भारत से सीबीआई और यूपी पुलिस की विशेष टीम उसे लाने के लिए रवाना होगी।
कोर्ट तक पहुंच बनाने की साजिशें भी पस्त
वाराणसी, जौनपुर और लखनऊ से जुड़े इस सिंडिकेट के तार काफी गहरे हैं। सोनभद्र जेल में बंद शुभम के पिता भोला प्रसाद और उसके करीबियों को बचाने के लिए प्रयागराज हाईकोर्ट तक पहुंचने और प्रभाव डालने की कोशिशें भी की गईं। अदालत में करीब 80 याचिकाएं दाखिल की गई थीं, लेकिन जांच एजेंसियों की मुस्तैदी के आगे हर पैंतरा फेल साबित हो रहा है।
काली कमाई का रियल एस्टेट में निवेश और अन्य भगोड़े
लखनऊ एसटीएफ और वाराणसी एसआईटी की पड़ताल में सामने आया है कि इस नेटवर्क के जरिए हासिल की गई करोड़ों की ब्लैक मनी को वाइट करने के लिए होटल और रियल एस्टेट सेक्टर में बड़े पैमाने पर निवेश किया गया।
दुबई में छिपे अन्य मददगार:
शुभम अकेला नहीं है, बल्कि उसके तीन और वफादार कारोबारी साथी—मिलिंद यादव, गौरव जायसवाल और वरुण सिंह भी दुबई में ही शरण लिए हुए हैं। वहीं, मड़ौली निवासी प्रशांत उपाध्याय उर्फ लड्डू भी इस केस में वांछित चल रहा है। सुरक्षा एजेंसियां जल्द ही इन सभी पर शिकंजा कसने की रणनीति बना रही हैं।